तीसरे दिन भी सराफा बाजार में सन्नाटा, दुकानें बंद
आयकर विभाग की छापेमारी के विरोध में लगातार तीसरे दिन भी सराफा बाजार बंद रहा। इससे करोड़ों रुपये के नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। स्वर्णकारों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना भी शुरू कर दिया है और डकैती की धाराओं में दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग कर रहे है। शनिवार को स्वर्णकार संघों के साथ महानगर के तमाम व्यापारिक संगठनों की संयुक्त बैठक है। इसमें दिन और तिथि निर्धारित कर शहर का बाजार बंद करने का आह्वान किया जा सकता है।
बुधवार को शहर के तीन स्वर्णकारों के यहां छापे के बाद बाजार में सन्नाटा पसर गया है। फूल चौराहा सराफा बाजार, पुरानी कोतवाली एवं फर्श बाजार में सराफा की दुकानें नहीं खुली। पुरानी कोतवाली के पास सराफा कमेटी एवं सोनकार संघ के सदस्याें ने धरना शुरू कर दिया है। वे लोग स्वर्णकारों पर डकैती की धारा में दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग कर रहे है।
संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने नगर विधायक जफर आलम को फोन कर धरना स्थल पर बुलाने का प्रयास किया। नेताओं का कहना है कि नगर विधायक का फोन नहीं लगने के कारण बातचीत नहीं हो सकी। शनिवार को शहर के तमाम व्यापार मंडल के साथ सराफा एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक होने जा रही है। इसमें शहर बंद का निर्णय लिया जा सकता है। अतरौली समेत शहर के आसपास के स्वर्ण व्यापारी भी समिति के संपर्क में है और आने वाले समय में वे भी बंद का समर्थन कर सकते है। धरना स्थल पर स्वर्णकार संघ के प्रवक्ता रवि वर्मा, अशोक वर्मा, हरिओम रघुवंशी, धीरज वर्मा, ऋतुराज गर्ग, सुमित गर्ग, राजकुमार सिंह, सिप्पू सराफ, विजय अग्रवाल, विनोद सराफ, अतुल सराफ आदि मौजूद थे।