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अलीगढ़ में पुलिस उत्पीड़न से परेशान युवक ने जान दी, बवाल

Sat, 11 Jun 2016 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 11 Jun 2016 01:16 AM IST
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The young man died in Aligarh police oppression , organically
शव को रोड पर रखकर गुरूद्वारा रोड घनश्यामपुरी पर जाम लगाते आक्रोशित लोग। - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
चेन लूटकांड के आरोप में उठाए गए गुरुद्वारा रोड घनश्यामपुरी निवासी 22 वर्षीय युवक ने शुक्रवार को पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर जहर खाकर जान दे दी। इसके बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर गुरुद्वारा रोड जाम कर दिया। यहां गौर करने वाली बात यह थी कि जिस महिला से लूट हुई थी उसने अंशुल के घटना में शामिल होने से इंकार कर दिया था। महापौर समेत अन्य भाजपा नेता भी मौके पर पहुंच गए और मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग करने लगे। कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अधिकारियों ने जैसे-तैसे स्थिति को संभाला और करीब सात घंटे बाद जाम को खुलवा सके। एसएसपी ने इस मामले में अतरौली गेट पुलिस चौकी के इंचार्ज कमल सिंह यादव और सिपाही सज्जन कुमार को निलंबित कर दिया है।
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अंशुल मिश्रा (22) पुत्र कमल कांत शर्मा उर्फ कलुआ मानिक चौक पर बीयर की दुकान पर सेल्समैन था। उसके पिता पोस्ट एंड सील डिपार्टमेंट के लिए मुहर बनाने वाली डाई आदि का काम करते थे। 5 जून को पान दरीबा पर रहने वाली एक महिला से अपाचे बाइक सवार बदमाशों ने चेन छीन ली थी। इस घटना में पुलिस ने अंशुल को कुछ दिन पहले हिरासत में ले लिया। तीन दिन अवैध रूप से हिरासत में रखने और मारपीट करने के बाद उसे छोड़ गया। इसके बाद गुरुवार की सुबह उसे फिर से पुलिस ने उठा लिया। बाद में किसी तरह रात को उसे छोड़ा गया। पुलिस के इस उत्पीड़न से अंशुल बेहद आहत था। यहां तक कि जिस महिला की चेन छीनी गई थी उसने भी अंशुल के घटना में शामिल होने से इंकार कर दिया था। बताया गया कि अंशुल को पकड़ने और छोड़ने के क्रम में पुलिस को हजारों रुपये दिए गए, जो आर्थिक रूप से कमजोर उसके परिवार के लिए यातना से कम नहीं था। पुलिस उत्पीड़न से सदमे में आए अंशुल मिश्रा ने शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे जहर खा लिया। उसे नजदीक ही एक नर्सिंग होम में ले जाया गया जहां उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई। उसकी मौत की जानकारी मिलते ही परिवार वालों और मोहल्ले वालों में पुलिस के प्रति आक्रोश फूट पड़ा। इलाके में खोखे पर अंडे, चीले आदि बेचने वाली एक महिला जिसके इशारे पर अंशुल को उठाया गया था, उसके खोखे को भी तोड़ दिया। मौके पर सीओ सिविल लाइन राजीव कुमार, सीओ बन्नादेवी सोमदत्त सहित कई थानों का फोर्स पहुंच गया। परिजनों की मांग थी कि आरोपी सिपाही सज्जन और दरोगा कमल सिंह यादव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। सुबह 11 बजे से शाम छह बजे तक यह रास्ता जाम रहा। बाद में परिजनों को भरोसा दिलाया गया कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही आर्थिक मुआवजे की मांग के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी। इसके बाद ही शव को सड़क से हटाया गया।
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दोषी पुलिस वालों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो : मेयर
अलीगढ़। महापौर ने घनश्याम पुरी की घटना में दोषी पुलिस कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। साथ ही मृतक परिवार को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता की भी मांग की। महापौर शकुंतला भारती ने चेतावनी दी है कि अगर यह न हुआ तो फिर प्रशासन एक और आंदोलन झेलने को तैयार रहे। महापौर भाजपा के जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह, मानव महाजन, मानवेंद्र प्रताप सिंह आदि के साथ मौके पर पहुंची। स्थानीय निवासियों ने महापौर को बताया कि कुछ दिन पहले हुई लूट की घटना में अतरौली अड्डा चौकी इंचार्ज कमल सिंह और सज्जन सिंह ने हिरासत में डाल दिया था। लूट की शिकार हुई महिला से जब अंशुल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया और कहा कि यह लड़का नहीं है। इसके बाद भी पुलिस ने अंशुल का उत्पीड़न नहीं छोड़ा।
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खोखे वाली महिला के खिलाफ फूटा गुस्सा
अलीगढ़। घनश्याम पुरी में पुलिस के उत्पीड़न का शिकार होकर जान देने के मामले में एक अंडा चीले आदि बेचने वाली महिला की भूमिका लोकर स्थानीय लोगों में खासी नाराजगी थी। बताया गया कि इस महिला की आरोपी एक पुलिस कर्मी के साथ रिश्तेदारी है। इसी बात का फायदा उठाकर यह महिला स्थानीय लोगों में पुलिस का खौफ दिखाती थी। बताया गया कि यह पैसा भी वसूल किया करती थी न देने पर झूठा मुकदमे में फंसा देने की धमकी दिया करती थी। बताया गया कि अंशुल को भी इसी महिला के इशारे पर पुलिस  ने उठाया था। दूसरी ओर अंशुल के घर में मुख्य दरवाजे में एक किवाड़ नहीं थी। एक छोटा भाई है जिसकी उम्र आठ साल है। बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति थी। घटना के बाद स्थानीय भीड़ ने इसी महिला का खोखा तोड़ दिया।

राहत कोष से अर्थिक सहायता देने की मांग
अलीगढ़। कांग्रेस के पूर्व विधायक विवेक बंसल ने कहा है कि घन श्यामपुरी निवासी अंशुुल मिश्रा की अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह दर्शाती है कि पुलिस प्रताड़ना के चलते उसकी हत्या हुई है तो प्रदेश सरकार ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दे। उन्होंने मृतक के परिजनों को सांत्वना देते हुए डीएम राहत कोष से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रशासन से मांग की।


‘दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित परिवार के साथ हमारी सहानुभूति है। शासन से अधिक से अधिक मदद दिलवाई जाएगी’
- लव कुमार, एसएसपी
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