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जनता को मिले राइट टूू रिकॉल का मौका
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2016 01:45 AM IST
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जनता को मिले राइट टूू रिकॉल का मौका
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भाजपा नेता वरुण गांधी ने कहा कि सांसद नाली-खड़ंजा बनवाने तक सीमित नहीं रहें। हम राजनीति में इसलिए नहीं आए है कि कुछ बनें। बल्कि इसलिए आए हैं कि देश के लिए कुछ करें। उन्होंने राइट टू रिकॉल सिस्टम के क्रियान्वयन की हिमायत की।
सोमवार को मंगलायतन विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वरुण मुख्यमंत्री की दौर में शामिल हैं या नहीं, समेत अन्य तमाम तरह के राजनीतिक प्रश्नों से कन्नी काट गए। उन्होंने कहा कि जनता को निर्वाचित सांसदों द्वारा कसौटी पर खरे नहीं उतरने पर वापस बुलाने का अधिकार मिलना चाहिए।
इसकी वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं राइट टू रीकॉल के पक्ष में हूं। यूरोप के 21 देशों में नागरिकों को यह अधिकार प्राप्त है। जनता के हाथ में अधिकार मिला तो जरूरी नहीं कि इसका दुरुपयोग ही हो। इसके अच्छे परिणाम भी आ सकते है।
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इससे लोकतंत्र का स्तर बढ़ेगा। यदि 60 प्रतिशत जनता लिखित रूप में सांसद से असहमत है तो इस पर निश्चित रूप से विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं सुल्तानपुर से जीता जरूर हूं लेकिन भारत का सांसद हूं। हमारे जैसे लोग हर मुद्दे पर मौन रहेंगे तो सुधार कैसे होगा।
उन्होंने कहा कि मैं न तो किसी को चुनौती दे रहा हूं और न ही आलोचना कर रहा हूं। मैं देश एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जाकर युवाओं एवं किसानों से मिल रहा हूं। व्यवस्था परिवर्तन लक्ष्य है। युवाओं से मिलना मेरा पैशन है। एमबीबीएस में सीट बढ़ाने की भी उन्होंने वकालत की।
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सोमवार को मंगलायतन विश्वविद्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वरुण मुख्यमंत्री की दौर में शामिल हैं या नहीं, समेत अन्य तमाम तरह के राजनीतिक प्रश्नों से कन्नी काट गए। उन्होंने कहा कि जनता को निर्वाचित सांसदों द्वारा कसौटी पर खरे नहीं उतरने पर वापस बुलाने का अधिकार मिलना चाहिए।
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इसकी वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि मैं राइट टू रीकॉल के पक्ष में हूं। यूरोप के 21 देशों में नागरिकों को यह अधिकार प्राप्त है। जनता के हाथ में अधिकार मिला तो जरूरी नहीं कि इसका दुरुपयोग ही हो। इसके अच्छे परिणाम भी आ सकते है।
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इससे लोकतंत्र का स्तर बढ़ेगा। यदि 60 प्रतिशत जनता लिखित रूप में सांसद से असहमत है तो इस पर निश्चित रूप से विचार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं सुल्तानपुर से जीता जरूर हूं लेकिन भारत का सांसद हूं। हमारे जैसे लोग हर मुद्दे पर मौन रहेंगे तो सुधार कैसे होगा।
उन्होंने कहा कि मैं न तो किसी को चुनौती दे रहा हूं और न ही आलोचना कर रहा हूं। मैं देश एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर जाकर युवाओं एवं किसानों से मिल रहा हूं। व्यवस्था परिवर्तन लक्ष्य है। युवाओं से मिलना मेरा पैशन है। एमबीबीएस में सीट बढ़ाने की भी उन्होंने वकालत की।