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दे गया संरक्षणदाताओं का सुराग..अब जोड़े जाएंगे तार
अमर उजाला/ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Sep 2016 01:45 AM IST
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मुनीर को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
- फोटो : अमर उजाला
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एनआईए अफसर तंजील अहमद दंपति हत्याकांड के बाद से सुर्खियों में आए कुख्यात शूटर मुनीर का रिमांड सोमवार को पूरा हो गया। 33 घंटे तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे मेडिकल परीक्षण के बाद जेल दाखिल कर दिया। इस दौरान उसने अपने कुछ संरक्षणदाताओं व मदद करने वालों के सुराग दिए हैं।
अब उनको लेकर पुलिस तार जोड़ेगी। रहा सवाल हरेंद्र व वीरेश से संबंधों का तो इसे लेकर वह सीधा जवाब देकर गया है कि उनसे सीधे कोई संबंध नहीं। आशुतोष मिश्रा ने उसे मिलवाया था। अब सिविल लाइंस पुलिस उसके द्वारा दी गई जानकारी के बाद मीनाक्षी पुल पर हुई 31 लाख की लूट में वरुण व दीपू ठाकुर से लूट की रकम बरामद करने का भी प्रयास करेगी।
रविवार सुबह मुनीर को एएमयू छात्र आलमगीर हत्याकांड, एएमयूकर्मी शनी हत्याकांड, कारोबारी फहद हत्याकांड, 31 लाख की लूटकांड, तल्हा, कादिर व एक अन्य पर हमले सहित सात घटनाओं में रिमांड पर लिया था।
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इस दौरान उसने आलमगीर हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कराते हुए अपने छिपने/किराये पर रहने वाले ठिकाने भी बताए। रात को पुलिस उसे सुदामापुरी के उस स्थान पर भी लेकर गई, जहां एक मोबाइल शॉप पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के विषय में वह एक ही जवाब देता है कि उसे ज्यादा कुछ याद नहीं, बल्कि इतना पता है कि वह एएमयू में मौजूद थे।
तभी किसी के कहने पर तमाम साथी एकत्रित होकर यहां आए और मारपीट व फायरिंग कर चले गए।सीओ तृतीय राजीव सिंह के अनुसार उसने अपने संरक्षणदाता व मददगारों को लेकर कुछ सुराग दिए हैं, जिनके तार जोड़े जा रहे हैं। हरेंद्र वीरेश के सवाल पर वह एक ही बात कहता है कि आशुतोष मिश्रा के माध्यम से उसकी मुलाकात हुई।
इससे अधिक कोई परिचय नहीं है। हां, उनके मार्केट पर आना जाना जरूर रहा है। इसके अलावा उसने सभी घटनाओं में अपनी भूमिका बताई है। अब उसे रिमांड पूरा होने के बाद जेल दाखिल कर दिया गया है। शनी की हत्या में कुछ अन्य लोग पूर्व में जेल चले गए हैं। उसी मुकदमे में अब मुनीर का भी नाम शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा उसके फरार जो साथियों की तलाश जारी है।
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अब उनको लेकर पुलिस तार जोड़ेगी। रहा सवाल हरेंद्र व वीरेश से संबंधों का तो इसे लेकर वह सीधा जवाब देकर गया है कि उनसे सीधे कोई संबंध नहीं। आशुतोष मिश्रा ने उसे मिलवाया था। अब सिविल लाइंस पुलिस उसके द्वारा दी गई जानकारी के बाद मीनाक्षी पुल पर हुई 31 लाख की लूट में वरुण व दीपू ठाकुर से लूट की रकम बरामद करने का भी प्रयास करेगी।
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रविवार सुबह मुनीर को एएमयू छात्र आलमगीर हत्याकांड, एएमयूकर्मी शनी हत्याकांड, कारोबारी फहद हत्याकांड, 31 लाख की लूटकांड, तल्हा, कादिर व एक अन्य पर हमले सहित सात घटनाओं में रिमांड पर लिया था।
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इस दौरान उसने आलमगीर हत्याकांड में प्रयुक्त पिस्टल बरामद कराते हुए अपने छिपने/किराये पर रहने वाले ठिकाने भी बताए। रात को पुलिस उसे सुदामापुरी के उस स्थान पर भी लेकर गई, जहां एक मोबाइल शॉप पर फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना के विषय में वह एक ही जवाब देता है कि उसे ज्यादा कुछ याद नहीं, बल्कि इतना पता है कि वह एएमयू में मौजूद थे।
तभी किसी के कहने पर तमाम साथी एकत्रित होकर यहां आए और मारपीट व फायरिंग कर चले गए।सीओ तृतीय राजीव सिंह के अनुसार उसने अपने संरक्षणदाता व मददगारों को लेकर कुछ सुराग दिए हैं, जिनके तार जोड़े जा रहे हैं। हरेंद्र वीरेश के सवाल पर वह एक ही बात कहता है कि आशुतोष मिश्रा के माध्यम से उसकी मुलाकात हुई।
इससे अधिक कोई परिचय नहीं है। हां, उनके मार्केट पर आना जाना जरूर रहा है। इसके अलावा उसने सभी घटनाओं में अपनी भूमिका बताई है। अब उसे रिमांड पूरा होने के बाद जेल दाखिल कर दिया गया है। शनी की हत्या में कुछ अन्य लोग पूर्व में जेल चले गए हैं। उसी मुकदमे में अब मुनीर का भी नाम शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा उसके फरार जो साथियों की तलाश जारी है।