{"_id":"61a7cc9a61aa204516038a2f","slug":"the-problem-of-passengers-is-still-not-decreasing-city-office-news-ali2795260110","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः अधिकारी कर रहे लाख जतन, यात्रियों की समस्या फिर भी नहीं हो रही कम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः अधिकारी कर रहे लाख जतन, यात्रियों की समस्या फिर भी नहीं हो रही कम
विज्ञापन
गांधी पार्क बस अड्डे पर यात्रियों की उमड़ी भीड़ ।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली के बाद सहालग के चलते रोडवेज बसों से सफर करने के लिए उमड़ रही भीड़ को राहत पहुंचाने के लिए परिवहन निगम के अधिकारी लाख जतन कर रहे हैं, लेकिन उनके प्रयासों के बावजूद यात्रियों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। घंटों इंतजार के बाद बस अड्डे पर आगरा, मथुरा, कासगंज, बदायूं, फर्रुखाबाद और एटा रूट की बसों में चढ़ने के लिए लोग धक्कामुक्की करते हैं। खिड़कियों से घुसने की होड़ मची रहती है। बसों की सीमित संख्या के चलते लोग खड़े होकर सफर करने को मजबूर रहते हैं।
दीपावली के बाद शुरू हुए सहालग से एक तरफ परिवहन निगम का राजस्व बढ़ गया है, लेकिन कई बसें खराब होने, स्टाफ की भारी कमी के चलते रूट पर पर्याप्त बस नहीं मिलती हैं। बुधवार को गांधीपार्क बस अड्डे पर लोग आगरा, मथुरा, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, बदायूं, कासगंज जाने के लिए यात्री बसों का घंटों इंतजार करते रहे। कुछ बस आतीं तो वह पहले से भरी होतीं। इस बीच बस में घुसने को लेकर यात्रियों ने हंगामा काटा। घंटों बाद एक-दो बस कुछ खाली पहुंची तो सवारियों के उतरने से पहले ही यात्री दरवाजे पर घुसने लगे। परिचालकों ने पहले यात्रियों को उतारा। इसके बाद बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की हो गई। कई यात्री तो सीट घेरने के लिए अपने बच्चों को खिड़कियों से बस में घुसा रहे थे। दरवाजे पर धक्कामुक्की पर कुछ लोगों में कहासुनी भी हो गई। जबकि भरी बस आने पर यात्री चालक-परिचालक पर हावी हो गए थे। इसी चहल-पहल में पूरा दिन गुजर गया, लेकिन कई यात्री अपना सफर प्रारंभ नहीं कर सके।
सड़कों पर खड़े रहते हैं यात्री, नहीं रुकती बस
- अलीगढ़ ही नहीं हाथरस शहर और सादाबाद तक यात्री बसों के इंतजार में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें बस नहीं मिलती। कई बसें तो यात्रियों से भरी होने के चलते कहीं रुकती नहीं हैं। यात्रियों ने बताया कि बसों की संख्या कम होने से दैनिक सफर भी नहीं कर पा रहे हैं। काफी शिकायतों के बावजूद समस्या का निदान नहीं हो रहा है। मजबूरन निजी भाड़े से वाहन बुक कर सफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दीपावली के बाद शुरू हुए सहालग से एक तरफ परिवहन निगम का राजस्व बढ़ गया है, लेकिन कई बसें खराब होने, स्टाफ की भारी कमी के चलते रूट पर पर्याप्त बस नहीं मिलती हैं। बुधवार को गांधीपार्क बस अड्डे पर लोग आगरा, मथुरा, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, बदायूं, कासगंज जाने के लिए यात्री बसों का घंटों इंतजार करते रहे। कुछ बस आतीं तो वह पहले से भरी होतीं। इस बीच बस में घुसने को लेकर यात्रियों ने हंगामा काटा। घंटों बाद एक-दो बस कुछ खाली पहुंची तो सवारियों के उतरने से पहले ही यात्री दरवाजे पर घुसने लगे। परिचालकों ने पहले यात्रियों को उतारा। इसके बाद बस में चढ़ने के लिए धक्का मुक्की हो गई। कई यात्री तो सीट घेरने के लिए अपने बच्चों को खिड़कियों से बस में घुसा रहे थे। दरवाजे पर धक्कामुक्की पर कुछ लोगों में कहासुनी भी हो गई। जबकि भरी बस आने पर यात्री चालक-परिचालक पर हावी हो गए थे। इसी चहल-पहल में पूरा दिन गुजर गया, लेकिन कई यात्री अपना सफर प्रारंभ नहीं कर सके।
विज्ञापन
सड़कों पर खड़े रहते हैं यात्री, नहीं रुकती बस
- अलीगढ़ ही नहीं हाथरस शहर और सादाबाद तक यात्री बसों के इंतजार में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें बस नहीं मिलती। कई बसें तो यात्रियों से भरी होने के चलते कहीं रुकती नहीं हैं। यात्रियों ने बताया कि बसों की संख्या कम होने से दैनिक सफर भी नहीं कर पा रहे हैं। काफी शिकायतों के बावजूद समस्या का निदान नहीं हो रहा है। मजबूरन निजी भाड़े से वाहन बुक कर सफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन