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अलीगढ़ः हैंडबाल खेल का पता नहीं था नाम, टेंपो से सफर कर पाया जुनून, खेला नेशनल
Sat, 09 Apr 2022 12:18 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 09 Apr 2022 12:18 AM IST
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रजनेश यादव
- फोटो : ब्यूूराे
कुछ करने का जुनून व्यक्ति से न जाने क्या कुछ करवाता है, लेकिन यह भी सही है कि खुद के हौसले को कोई दूसरा परवान चढ़ाता है। यह लाइनें आज बरला थाना क्षेत्र के आजादपुर गांव निवासी हैंडबॉल खिलाड़ी रजनेश यादव पर सटीक बैठती हैं। जी हां, रजनेश जिस हैंडबॉल खेल का नाम तक नहीं जानते थे। आज वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
बरला थाना क्षेत्र के गांव आजादपुर निवासी रजनेश यादव की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। इनके पिता कालीचरण के पास लगभग 15 बीघा जमीन है। रजनेश के भाई शैलेंद्र नोएडा में मोबाइल की दुकान चलाते हैं, जबकि दूसरे भाई बिजनेस यादव सरकारी सेवा के लिए तैयारी कर रहे हैं। खेती छुड़वाकर कालीचरण ने रजनेश को अलीगढ़ के हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज में पढ़ाई के लिए भेजा।
यहां सीनियरों ने खिलाड़ियों के अभाव में रजनेश के हाथों में हैंडबॉल पकड़ा दी। रजनेश को यह खेल इतना पसंद आया कि वह प्रतिदिन आकर अभ्यास करने लगे। अपने गांव से शहर तक का 20 किमी का सफर प्रतिदिन दो बार टेंपो से करने लगे। सीनियरों ने उनकी मुलाकात हैंडबॉल कोच सुधीर राघव से कराई। सुधीर राघव ने मेहनत और खेल के प्रति जज्बा देखकर अपने संरक्षण में प्रशिक्षण प्रारंभ कराया।
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वर्ष 2018 में पहली ही बार में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) सेंटर सैफई के हॉस्टल में चयनित हो गए। कई मैच खेलते हुए विगत महीने अयोध्या मंडल की तरफ से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजनेश ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। अयोध्या मंडल राज्य स्तर का विजेता बना।
इससे राइट विंग से खेलने वाले लेफ्टी रजनेश का चयन आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा में 31 मार्च से पांच अप्रैल के बीच आयोजित हुई 44वीं जूनियर नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए यूपी टीम में हुआ। यूपी की टीम इस प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रही। कोच सुधीर राघव और अलीगढ़ एथलेटिक्स संघ के सचिव शमशाद निसार आजमी ने बताया कि रजनेश की वजह से अलीगढ़ के खिलाड़ियों के लिए नए द्वार खुल गए हैं। इससे हैंडबॉल का भविष्य जनपद में और उज्ज्वल होगा। युवा भी अब इस खेल में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
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बरला थाना क्षेत्र के गांव आजादपुर निवासी रजनेश यादव की प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही हुई। इनके पिता कालीचरण के पास लगभग 15 बीघा जमीन है। रजनेश के भाई शैलेंद्र नोएडा में मोबाइल की दुकान चलाते हैं, जबकि दूसरे भाई बिजनेस यादव सरकारी सेवा के लिए तैयारी कर रहे हैं। खेती छुड़वाकर कालीचरण ने रजनेश को अलीगढ़ के हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज में पढ़ाई के लिए भेजा।
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यहां सीनियरों ने खिलाड़ियों के अभाव में रजनेश के हाथों में हैंडबॉल पकड़ा दी। रजनेश को यह खेल इतना पसंद आया कि वह प्रतिदिन आकर अभ्यास करने लगे। अपने गांव से शहर तक का 20 किमी का सफर प्रतिदिन दो बार टेंपो से करने लगे। सीनियरों ने उनकी मुलाकात हैंडबॉल कोच सुधीर राघव से कराई। सुधीर राघव ने मेहनत और खेल के प्रति जज्बा देखकर अपने संरक्षण में प्रशिक्षण प्रारंभ कराया।
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वर्ष 2018 में पहली ही बार में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साईं) सेंटर सैफई के हॉस्टल में चयनित हो गए। कई मैच खेलते हुए विगत महीने अयोध्या मंडल की तरफ से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजनेश ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। अयोध्या मंडल राज्य स्तर का विजेता बना।
इससे राइट विंग से खेलने वाले लेफ्टी रजनेश का चयन आंध्र प्रदेश की विजयवाड़ा में 31 मार्च से पांच अप्रैल के बीच आयोजित हुई 44वीं जूनियर नेशनल हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए यूपी टीम में हुआ। यूपी की टीम इस प्रतियोगिता में पांचवें स्थान पर रही। कोच सुधीर राघव और अलीगढ़ एथलेटिक्स संघ के सचिव शमशाद निसार आजमी ने बताया कि रजनेश की वजह से अलीगढ़ के खिलाड़ियों के लिए नए द्वार खुल गए हैं। इससे हैंडबॉल का भविष्य जनपद में और उज्ज्वल होगा। युवा भी अब इस खेल में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।