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मजदूर के बेटे ने दिखाया कमाल
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:09 AM IST
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परिवार के साथ दीपक कुमार।
- फोटो : Amar Ujala
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में 600 में 554 अंक प्राप्त कर अलीगढ़ जनपद के टॉपर बने दीपक कुमार की चाहत सीए बनने की है। फैक्ट्री मजदूर के बेटे दीपक ने जिस लगन से इस उपलब्धि को हासिल किया है, वह अन्य विद्यार्थियों के लिए मिसाल है। दूसरी ओर मामूली कमाई के बावजूद पिता हरपाल सिंह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में तत्पर हैं।
तालिबनगर के निवासी हरपाल सिंह के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा दीपक कुमार है। उनके पास सिर्फ एक बीघे खेत है। वह तालानगरी में एक फैक्ट्री में महज सात हजार रुपये मासिक की नौकरी करते हैं। मां दीक्षा देवी ग्रहणी हैं। घर पर भैंस भी है, जिसका दूध बेचकर घर के खर्च में कुछ और रुपयों का जुगाड़ हो जाता है।
आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद हरपाल सिंह दीपक कुमार को डीएसएसएम इंटर कॉलेज कासिमपुर में पढ़ा रहे हैं। बड़ी बहन वर्षा इंटरमीडिएट और छोटी बहन नीता नौवीं कक्षा की छात्रा है। दीपक ने बताया कि स्कूल के अध्यापकों का बहुत सहयोग मिल रहा है। अक्सर तंगहाली के चलते कई बार समय से फीस जमा नहीं हो सकी। दो-तीन माह लगे, फिर भी अध्यापकों ने कभी कुछ नहीं कहा। उसने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है।
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तालिबनगर के निवासी हरपाल सिंह के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा दीपक कुमार है। उनके पास सिर्फ एक बीघे खेत है। वह तालानगरी में एक फैक्ट्री में महज सात हजार रुपये मासिक की नौकरी करते हैं। मां दीक्षा देवी ग्रहणी हैं। घर पर भैंस भी है, जिसका दूध बेचकर घर के खर्च में कुछ और रुपयों का जुगाड़ हो जाता है।
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आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद हरपाल सिंह दीपक कुमार को डीएसएसएम इंटर कॉलेज कासिमपुर में पढ़ा रहे हैं। बड़ी बहन वर्षा इंटरमीडिएट और छोटी बहन नीता नौवीं कक्षा की छात्रा है। दीपक ने बताया कि स्कूल के अध्यापकों का बहुत सहयोग मिल रहा है। अक्सर तंगहाली के चलते कई बार समय से फीस जमा नहीं हो सकी। दो-तीन माह लगे, फिर भी अध्यापकों ने कभी कुछ नहीं कहा। उसने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं गुरुजनों को दिया है।
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