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क्षय रोग से पीड़ित थी युवती, चल रहा था कोरोना का इलाज
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क्षय रोग से पीड़ित एक युवती का पिछले एक महीने से कोरोना का इलाज चल रहा था। बचपन प्ले स्कूल की प्रिंसिपल पारूल जिंदल के माध्यम से युवती को जिला क्षय रोग केंद्र पहुंचाने पर मालूम हुआ कि युवती क्षय रोग से पीड़ित है। अब युवती का उपचार शुरू हो गया है।
जयगंज क्षेत्र की युवती पिछले दो महीने से बीमार थी। चिकित्सक के पास गई तो कोरोना पॉजिटिव बता दिया। पिछले एक महीने से कोरोना का इलाज चल रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बीमारी पकड़ में नहीं आ रही थी। किसी तरह इसकी सूचना बचपन प्ले स्कूल की प्र्रिंसिपल पारूल जिंदल तक पहुंची। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर को इसकी सूचना दी। युवती को क्षय रोग केंद्र पर बुलाकर जांच की गई तो टीबी की पुष्टि हुई। अब युवती का उपचार शुरू हो गया है। छह महीने में ठीक हो जाने की उम्मीद है।
परिजनों ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिला समन्व्यक सत्येंद्र कुमार ने आश्वस्त किया कि उपचार में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। टीबी लाइलाज नहीं है। उपचार एवं दवा के साथ-साथ 500 रुपये प्रति माह मरीज के खाते में भेजे जाते हैं। छह माह में पूर्णत: स्वस्थ हो जाएंगी। युवती का कहना है कि वह कई अस्पतालों में उपचार कराने गई। डॉक्टर ने कोरोना पॉजिटिव बता दिया। एक माह तक कोरोना की दवा खिलाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2025 तक टीबी को देश से खत्म करने की है। पारूल जिंदल का प्रयास सराहनीय है। सभी का सहयोग मिला तो निर्धारित समय में हमलोग लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।
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मास्क के कारण कम हुआ है टीबी संक्रमण
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने कहा कि वर्तमान समय में 5236 टीबी के मरीज इलाज पर है। कोरोना काल में मास्क लगाने के कारण टीबी का संक्रमण पहले के मुकाबले कम हुआ है।
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जयगंज क्षेत्र की युवती पिछले दो महीने से बीमार थी। चिकित्सक के पास गई तो कोरोना पॉजिटिव बता दिया। पिछले एक महीने से कोरोना का इलाज चल रहा था, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बीमारी पकड़ में नहीं आ रही थी। किसी तरह इसकी सूचना बचपन प्ले स्कूल की प्र्रिंसिपल पारूल जिंदल तक पहुंची। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर को इसकी सूचना दी। युवती को क्षय रोग केंद्र पर बुलाकर जांच की गई तो टीबी की पुष्टि हुई। अब युवती का उपचार शुरू हो गया है। छह महीने में ठीक हो जाने की उम्मीद है।
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परिजनों ने बताया कि उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। जिला समन्व्यक सत्येंद्र कुमार ने आश्वस्त किया कि उपचार में किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। टीबी लाइलाज नहीं है। उपचार एवं दवा के साथ-साथ 500 रुपये प्रति माह मरीज के खाते में भेजे जाते हैं। छह माह में पूर्णत: स्वस्थ हो जाएंगी। युवती का कहना है कि वह कई अस्पतालों में उपचार कराने गई। डॉक्टर ने कोरोना पॉजिटिव बता दिया। एक माह तक कोरोना की दवा खिलाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2025 तक टीबी को देश से खत्म करने की है। पारूल जिंदल का प्रयास सराहनीय है। सभी का सहयोग मिला तो निर्धारित समय में हमलोग लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।
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मास्क के कारण कम हुआ है टीबी संक्रमण
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम भास्कर ने कहा कि वर्तमान समय में 5236 टीबी के मरीज इलाज पर है। कोरोना काल में मास्क लगाने के कारण टीबी का संक्रमण पहले के मुकाबले कम हुआ है।