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Aligarh News: मंडल का पहला इको-फ्रेंडली स्वीमिंग पूल बनकर तैयार
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मंडल का पहला इको-फ्रेंडली स्विमिंग पूल अलीगढ़ के नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में तैयार हो गया है, जहां पानी की एक-एक बूंद को सुरक्षित रखने की विशेष व्यवस्था की गई है।
जल संरक्षण और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बना यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का पूल न केवल खिलाड़ियों को बेहतर मंच देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मिसाल बनेगा।
स्वीमिंग पूल की सबसे बड़ी विशेषता इसका वाटर मैनेजमेंट सिस्टम है। करीब 15 लाख लीटर क्षमता वाले इस पूल में अत्याधुनिक फिल्ट्रेशन और रीसाइक्लिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे पानी को बार-बार उपयोग में लाया जा सकेगा और बर्बादी रोकी जा सकेगी।
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ज्यादातर स्वीमिंग पूल में भारी मात्रा में पानी बर्बाद होता है, लेकिन यहां जीरो वेस्ट की तकनीक अपनाई गई है।
पानी भरने के लिए सबमर्सिबल पंप के साथ एक अत्याधुनिक फिल्टर टैंक जोड़ा गया है। पूल में भेजने से पहले पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस्तेमाल के बाद पानी को वापस फिल्टर टैंक में भेजा जाएगा, जहां उसे उपचारित कर दोबारा पूल में इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकेगा।
जल संरक्षण को दोहरा लाभ देने के लिए यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग का विकल्प भी रखा गया है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण से जुड़े अभियंता मनु गर्ग ने बताया कि फिल्टर टैंक में पानी को साफ करने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है। जब पानी मानकों के अनुसार सुरक्षित पाया जाता है, तभी उसे स्वीमिंग पूल में भेजा जाता है।
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जल संरक्षण और आधुनिक तकनीक के समन्वय से बना यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का पूल न केवल खिलाड़ियों को बेहतर मंच देगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक मिसाल बनेगा।
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स्वीमिंग पूल की सबसे बड़ी विशेषता इसका वाटर मैनेजमेंट सिस्टम है। करीब 15 लाख लीटर क्षमता वाले इस पूल में अत्याधुनिक फिल्ट्रेशन और रीसाइक्लिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे पानी को बार-बार उपयोग में लाया जा सकेगा और बर्बादी रोकी जा सकेगी।
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ज्यादातर स्वीमिंग पूल में भारी मात्रा में पानी बर्बाद होता है, लेकिन यहां जीरो वेस्ट की तकनीक अपनाई गई है।
पानी भरने के लिए सबमर्सिबल पंप के साथ एक अत्याधुनिक फिल्टर टैंक जोड़ा गया है। पूल में भेजने से पहले पानी की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। इस्तेमाल के बाद पानी को वापस फिल्टर टैंक में भेजा जाएगा, जहां उसे उपचारित कर दोबारा पूल में इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकेगा।
जल संरक्षण को दोहरा लाभ देने के लिए यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग का विकल्प भी रखा गया है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण से जुड़े अभियंता मनु गर्ग ने बताया कि फिल्टर टैंक में पानी को साफ करने के बाद उसकी गुणवत्ता की जांच की जाती है। जब पानी मानकों के अनुसार सुरक्षित पाया जाता है, तभी उसे स्वीमिंग पूल में भेजा जाता है।