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नीट की तैयारी कर रही थी बेटी सुबह ही समझाया था उसको
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मोर्चरी से छात्रा के शव को ले जाते परिजन। संवाद
- फोटो : CITY OFFICE
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बेटी की मौत की खबर पर अपने ससुर व भाई के साथ यहां पहुंचे सदफ के पिता ने बिलखते हुए बताया कि बेटी नीट की तैयारी कर रही थी। उसे सुबह ही समझाया था कि दोस्तों के बीच घुल मिलकर रहा करो। बेवजह की चिंता या बातों पर ध्यान मत दिया करो। इसके चंद घंटे बाद ही बेटी की मौत की खबर मिल गई। उन्हें अंदाजा न था, अन्यथा वे बेटी को अभी छोड़कर नहीं जाते। बमुश्किल वे रात में पोस्टमार्टम के लिए तैयार हुए और देर रात पोस्टमार्टम कराया जा रहा था।
बेटी की आत्महत्या की खबर पर बिजनौर नजीबाबाद से देर शाम यहां पहुंचे तला हवेली में परचून की दुकान करने वाले मुनव्वर अली ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ने लिखने में शुरू से होशियार थी। इसी लिए उन्होंने प्रयास कर एएमयू में दाखिला कराया। यहां आने के बाद खुद उसने मन बनाया था कि वह नीट की परीक्षा देगी। अपनी पढ़ाई के साथ वह नीट की भी तैयारी कर रही थी।
मगर उसे बीमारी ने तोड़कर रख दिया था। इसी वजह से वह चिंता में रहने लगी थी। अक्सर परेशान रहती थी। उसे पूरा परिवार समझाता था। मुनव्वर अली के अनुसार दो बेटियों व दो बेटों में सदफ सबसे बड़ी थी। सुबह भी उससे बात हुई। उस समय भी वह परेशान थी। तब उसे समझाया गया था कि वह अगर दोस्तों संग घुल मिलकर रहेगी तो परेशानी कम होगी। उसे काफी देर समझाया था। मगर कुछ घंटे बाद ही खबर मिल गई।
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रजिस्ट्रार से मिलने के बाद पोस्टमार्टम को हुए तैयार
अपने भाई व ससुर संग यहां पहुंचे मुनव्वर अली ने पहले तो पोस्टमार्टम कराने से ही इंकार कर दिया। मेडिकल कॉलेज चौकी पर उनके समर्थन में कुछ एएमयू छात्र भी पहुंच गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने को कहा तो वे न कराने की जिद पर अड़ गए। बाद में शर्त रख दी कि एक बार रजिस्ट्रार से बात कर लें। अगर वे मना कर देंगे तो पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस पर रात में वे रजिस्ट्रार से मिले। रजिस्ट्रार के समझाने पर परिवार पोस्टमार्टम को तैयार हो गया। इसके बाद रात 10 बजे करीब शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव को रात में ही साथ ले जाने की तैयारी थी।
सहेलियों ने बिलख बिलखकर बताया पूरा वाकया
दोपहर में पुलिस को उसके साथ रहने वाली सहेलियों ने पुलिस को बिलख बिलख कर पूरा वाकया बताया। सहेलियों का कहना था कि उन्हें इस तरह का अंदाजा न था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। अन्यथा वे उसका साथ न छोड़तीं।
बीमारी के चलते छूटीं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, 9 नवंबर को लौटी
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा पिछले कई वर्ष से तनावग्रस्त थी और उसका बिजनौर के ही डॉक्टर से उपचार भी चल रहा था। उसकी अलमारी से डॉक्टर के पर्चे भी मिले और साथी छात्राओं ने भी जानकारी दी। छात्रा के पर्चों के अनुसार वर्ष 2021 में उसे डॉक्टर ने तीन वर्ष पुरानी बीमारी करार दे रखा है। उसने 6 नवंबर को भी बिजनौर के डॉक्टर से दवा ली थी। साथी छात्राओं के अनुसार सितंबर में पहली अर्द्धवार्षिक परीक्षा देने जब गई, तभी वह गिर पड़ी थी। उसी समय परिजन उसे यहां से ले गए थे। अब 9 नवंबर को लौटकर उसने आखिरी पेपर दिया था। हालांकि वह किसी से ज्यादा बातें नहीं करती थी। रात भी सभी से उसने ठीक ठाक बात की और सुबह अचानक यह हुआ है। पिछले दिनों कॉलेज परिसर की डिस्पेंसरी से भी उसने दवाएं लीं थीं। वह रात में नींद आदि की दवाएं हर दिन खाती थी।
-मूल रूप से बिजनौर की छात्रा की आत्महत्या की खबर आई। उसकी साथी छात्राओं व अन्य जांच और परिजनों से बात में तनाव की बीमारी वजह सामने आई है। खबर मिलते ही उसे मेडिकल कालेज पहुंचाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू
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बेटी की आत्महत्या की खबर पर बिजनौर नजीबाबाद से देर शाम यहां पहुंचे तला हवेली में परचून की दुकान करने वाले मुनव्वर अली ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ने लिखने में शुरू से होशियार थी। इसी लिए उन्होंने प्रयास कर एएमयू में दाखिला कराया। यहां आने के बाद खुद उसने मन बनाया था कि वह नीट की परीक्षा देगी। अपनी पढ़ाई के साथ वह नीट की भी तैयारी कर रही थी।
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मगर उसे बीमारी ने तोड़कर रख दिया था। इसी वजह से वह चिंता में रहने लगी थी। अक्सर परेशान रहती थी। उसे पूरा परिवार समझाता था। मुनव्वर अली के अनुसार दो बेटियों व दो बेटों में सदफ सबसे बड़ी थी। सुबह भी उससे बात हुई। उस समय भी वह परेशान थी। तब उसे समझाया गया था कि वह अगर दोस्तों संग घुल मिलकर रहेगी तो परेशानी कम होगी। उसे काफी देर समझाया था। मगर कुछ घंटे बाद ही खबर मिल गई।
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रजिस्ट्रार से मिलने के बाद पोस्टमार्टम को हुए तैयार
अपने भाई व ससुर संग यहां पहुंचे मुनव्वर अली ने पहले तो पोस्टमार्टम कराने से ही इंकार कर दिया। मेडिकल कॉलेज चौकी पर उनके समर्थन में कुछ एएमयू छात्र भी पहुंच गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने को कहा तो वे न कराने की जिद पर अड़ गए। बाद में शर्त रख दी कि एक बार रजिस्ट्रार से बात कर लें। अगर वे मना कर देंगे तो पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इस पर रात में वे रजिस्ट्रार से मिले। रजिस्ट्रार के समझाने पर परिवार पोस्टमार्टम को तैयार हो गया। इसके बाद रात 10 बजे करीब शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव को रात में ही साथ ले जाने की तैयारी थी।
सहेलियों ने बिलख बिलखकर बताया पूरा वाकया
दोपहर में पुलिस को उसके साथ रहने वाली सहेलियों ने पुलिस को बिलख बिलख कर पूरा वाकया बताया। सहेलियों का कहना था कि उन्हें इस तरह का अंदाजा न था कि वह ऐसा कदम उठा लेगी। अन्यथा वे उसका साथ न छोड़तीं।
बीमारी के चलते छूटीं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं, 9 नवंबर को लौटी
पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा पिछले कई वर्ष से तनावग्रस्त थी और उसका बिजनौर के ही डॉक्टर से उपचार भी चल रहा था। उसकी अलमारी से डॉक्टर के पर्चे भी मिले और साथी छात्राओं ने भी जानकारी दी। छात्रा के पर्चों के अनुसार वर्ष 2021 में उसे डॉक्टर ने तीन वर्ष पुरानी बीमारी करार दे रखा है। उसने 6 नवंबर को भी बिजनौर के डॉक्टर से दवा ली थी। साथी छात्राओं के अनुसार सितंबर में पहली अर्द्धवार्षिक परीक्षा देने जब गई, तभी वह गिर पड़ी थी। उसी समय परिजन उसे यहां से ले गए थे। अब 9 नवंबर को लौटकर उसने आखिरी पेपर दिया था। हालांकि वह किसी से ज्यादा बातें नहीं करती थी। रात भी सभी से उसने ठीक ठाक बात की और सुबह अचानक यह हुआ है। पिछले दिनों कॉलेज परिसर की डिस्पेंसरी से भी उसने दवाएं लीं थीं। वह रात में नींद आदि की दवाएं हर दिन खाती थी।
-मूल रूप से बिजनौर की छात्रा की आत्महत्या की खबर आई। उसकी साथी छात्राओं व अन्य जांच और परिजनों से बात में तनाव की बीमारी वजह सामने आई है। खबर मिलते ही उसे मेडिकल कालेज पहुंचाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
-प्रो. मोहम्मद वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू