फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   The crime graphs in the state are quite below: DGP

प्रदेश में अपराधों का ग्राफ काफी नीचे: डीजीपी

Sun, 03 Jun 2018 02:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sun, 03 Jun 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
The crime graphs in the state are quite below: DGP
पुलिस मैदान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह । - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने दावा किया कि एक साल के दौरान उत्तर प्रदेश में अपराधों का ग्राफ काफी नीचे आया है। अब जो भी वारदातें हो रहीं हैं, उनका खुलासा ज्यादा दिन तक लंबित नहीं रहता है।
विज्ञापन


एटा की लूट, कासगंज का डाका और गाजियाबाद का अपहरण इसके ताजा उदाहरण हैं। सांप्रदायिक घटनाओं को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। एक साल में कोई बड़ा सांप्रदायिक झगड़ा नहीं होने दिया गया है। अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर हाईटेक किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न देशी-विदेशी शैक्षिक संस्थानों से मदद ली जाएगी।
विज्ञापन


जिले के दौरे पर आए डीजीपी ने शनिवार को यह बातें सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि रेंज और जोन स्तर पर पहुंचकर वह खुद फील्ड पुलिसिंग की
विज्ञापन
विज्ञापन

जानकारी ले रहे हैं। अब रेंज मुख्यालयों पर डीआईजी एलाटमेंट वापस कर दिया गया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के इरादे से अभियान चलाए जा रहे हैं। इससे काफी सुधार हुआ है।

आगे और भी सुधार दिखाई देगा। एक साल में 9000 अपराधी जमानत तोड़वाकर जेल गए हैं। उनकी जेलों में काउंसिलिंग कराई जा रही है। कहा कि, पुलिस जानबूझकर किसी अपराधी को नहीं मारती और न प्लानिंग से कोई एनकाउंटर करती है। अपराधी द्वारा हमला किए जाने पर पुलिस आत्मरक्षार्थ गोली चलाती है। मुठभेड़ों में अब तक पुलिस के भी चार जवान शहीद हुए हैं और करीब 375 जख्मी हुए हैं।

पुलिस आधुनिकीकरण के मसले पर उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर, बिट्स पिलानी राजस्थान के अलावा कई विदेशी विश्वविद्यालयों से तालमेल कर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।

यह देखा जाएगा कि किन बिंदुओं पर कब-कब, क्या-क्या अपराध होते हैं। फिर अभियान चलाया जाएगा। इसी तरह इंटेलीजेंस, फॉरेंसिक इंजीनियरिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट, ऑनलाइन सर्विसेज, साइबर क्राइम आदि को मजबूत किए जाने पर जोर चल रहा है। इससे हमारी जांच निष्पक्ष के साथ-साथ बेहतर होगी। ट्रैफिक सुधरे, ऑनलाइन शिकायतों पर काम हो, साइबर क्राइम पर नियंत्रण हो यह प्रयास चल रहे हैं।

विदेशों में रह रहे यूपी के लोगों को ट्विटर के माध्यम से मदद दिलाई जा रही है। इंग्लैंड में एक महिला को ट्विटर हैंडलर बनाया गया है। अन्य देशों में प्रयास जारी हैं। उन्होंने पुलिस महकमे में यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया और पांच लोगों को प्रेरित करने की सलाह दी। भ्रष्टाचार पर भी जीरो टॉलरेंस की बात कही। प्रत्येक वर्ष में कम से कम दो दर्जन भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस बल को तनावमुक्त करने पर जोर
एटीएस में तनाव के चलते राजेश साहनी के सुसाइड पर कहा कि पुलिसकर्मियों को तनावमुक्त करने पर जोर दिया जा रहा है। अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों को कॉप ऑफ द मंथ के रूप में सम्मानित कर उनका फोटो थानों में लगवाया जाएगा। अफसरों की जिम्मेदारी तय होगी। वहीं मथुरा जवाहर बाग कांड में मारे गए तत्कालीन एसपी सिटी की पत्नी को अभी तक न्याय न मिलने और आज उनके द्वारा आंदोलन छेड़े जाने पर कहा कि इस मामले में ज्यादा जानकारी नहीं है, दिखवाएंगे।


अलीगढ़ पुलिस को दिए अच्छे नंबर
अलीगढ़ को लेकर एकमात्र सवाल पर डीजीपी ने उन्होंने यही जवाब दिया कि अलीगढ़ पुलिस को अच्छे नंबर दिए जा रहे हैं। अलीगढ़ में भी कोई बड़ा अपराध लंबित नहीं है। जो हो रहे हैं, उन पर काम भी हो रहा है। इगलास लूटकांड में जो सुराग मिले हैं उनसे जल्द वारदात का खुलासा होगा। एएमयू को लेकर कुलपति ने जो भी बातें कहीं हैं, उनके निदान के निर्देश दिए गए हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed