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Aligarh News: भवन बनाकर खड़ा कर दिया, चिकित्सक तैनात नहीं किए

Fri, 24 Oct 2025 01:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Fri, 24 Oct 2025 01:49 AM IST
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The building was constructed, but no doctors were posted.
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए विभाग नई इमारतें तो बनवा रहा है, लेकिन उनमें स्टाफ के अभाव में चिकित्सकीय कार्य नहीं हो पा रहे। यही हाल है जिला अस्पताल में दो साल से बने पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) का। यहां बच्चों की गंभीर बीमारियों का इलाज होना था, लेकिन अभी तक इस पर ताला लटका है। बंद होने के कारण भवन भी जर्जर होता जा रहा है।
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कोराना काल में इमरजेंसी रेस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयरडनेस पैकेज (ईसीआरपी) फेज वन के तहत प्रदेश में पीआईसीयू यूनिट के प्रस्ताव जनवरी 2022 में स्वीकृत हुए थे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत जिले में जिला अस्पताल को भी 32 बेड की एक यूनिट मिली थी। 2022 में यह बनना शुरू हुई थी। कुल 94.46 लाख रुपये से बनी एक मंजिला यूनिट वर्ष 2023 में तैयार होने के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी के सुपुर्द कर दी गई। तब से यह यूनिट बंद पड़ी है। छह महीने पहले सीएमओ कार्यालय से यह इमारत जिला अस्पताल के सीएमएस की सुपुर्दगी में दी जा चुकी है।
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प्रत्येक जिले में पीआईसीयू खोलने का उद्देश्य शिशु मृत्यु दर कम करना था। इसी दिशा में एनएचएम ने कदम बढ़ाया। इस यूनिट में चार वेंटिलेटर, 20 एचडीयू बेड (हाई डिपेंडेंसी यूनिट) व आठ सामान्य बेड की सुविधा है। इस तरह यह 32 बेड का अस्पताल है। इसके अलावा अन्य जीवन रक्षक प्रणाली व उपकरण यहां उपलब्ध हैं। एनएचएम से यह सब प्राप्त हो चुके हैं। उम्मीद थी कि यहां गंभीर बीमारियों से जूझने वाले बच्चों को यहां भर्ती किया जा सकेगा। गौरतलब है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी से रोजाना औसतन तीन बच्चे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिए जाते हैं।
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नहीं मिल सके बाल रोग विशेषज्ञ

इस क्रिटिकल केयर यूनिट में बाल रोग विशेषज्ञ व बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षित स्टाफ की आवश्यकता है। सही संचालन के लिए यहां कम से कम चार बाल रोग विशेषज्ञ चाहिए। इनके अलावा आईसीयू ड्यूटी में आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ), स्टाफ नर्स व वार्ड बॉय होने चाहिए। इनके लिए मांग पत्र शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ है।





पीआईसीयू यूनिट के संचालन से गंभीर बीमारियों की स्थिति में बच्चों को बचाया जा सकेगा। यहां उन्नत तकनीक से लेस संसाधन हैं। चिकित्सक व स्टाफ की तैनाती के लिए शासन को लिखा जा चुका है। तैनाती होते ही यूनिट को प्रभावी ढंग से संचालित कराया जाएगा।

डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल
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