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Aligarh News: जिस अस्पताल से लौट रहे थे फिर उसी अस्पताल में पहुंचे मां-बेटे के शव
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दुर्घटना के बाद मौके पर लगी राहगीरों की भीड़। संवाद
- फोटो : samvad
सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। सरोज देवी अपने बेटे अभिषेक के साथ प्लेटलेट्स कम होने के कारण दीनदयाल अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार अरुण को देखने अलीगढ़ आई थीं। हादसे के करीब एक घंटे बाद मां-बेटे के शव उसी अस्पताल में पहुंचे, जहां उनके रिश्तेदार पहले से मौजूद थे।
शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर परिजनों की चीख-पुकार से गूंज उठा। 19 वर्षीय अभिषेक तीन बहन मोनिका, बुलबुल और वैष्णवी के बीच इकलौता भाई था। रिश्तेदारों ने बताया कि उसके बड़े भाई की आठ वर्ष की उम्र में ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद पिता प्रमोद और तीनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बहनों की चीत्कार ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
मृतक दशरथ गन्ना विभाग से दो साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी रामवती देवी के अलावा चार बेटीयां व दो बेटे हैं। रिश्तेदार हरिओम कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह पत्नी ने मक्का काटने के लिए कहा था, लेकिन वह मक्का न काटकर अपने साथी भानु प्रताप के साथ बाइक लेकर अलीगढ़ आ गए।
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कहर बनकर दौड़ तेज रफ्तार कार
कार इस कदर रफ्तार में थी कि वह दो बाइकों को रौंदने के बाद दूसरी साइड में सड़क से 15 मीटर दूर एक पेड़ से जा टकराई। चालक मोनू निवासी सिकंदराराऊ मौके पर ही खड़ा रहा और राहगीरों संग घायलों को अस्पताल भिजवाया, उसे पुलिस ने हिरासत ले लिया है।
कच्चे रास्ते से रफ्तार में ऊपर चढ़ना बना हादसे की वजह
कार चालक मोनू ने बताया है कि वह अपनी साइड पर चल रहा था, जहां एक साइड निर्माणाधीन रोड पर नीचे की ओर थी जबकि ड्राइवर साइड सड़क पर थी, जब उसने कच्चे में चल रही साइड को ऊपर सड़क पर लेने की कोशिश की तभी कार बाइकों से टकरा गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है।
राहगीरों ने दिखाई तत्परता, टेंपो चालक ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद मौके ओर राहगीरों ने अपने वाहन साइड में लगा दिए और सड़क पर गिरे घायलों को तत्परता से एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा। अत्यधिक गंभीर दिखे मां-बेटे को तो पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहगीर अस्पताल भेज चुके थे। पुलिस पहुंचने पर घायल दशरथ व भानु प्रताप को एक सवारी टेंपो सीएचसी लेकर पहुंचा। सीएचसी अधिकारियों ने घायलों की मदद करने वाले तुलसी निवासी सरसौल का नाम पता लेकर उसे गुड सेमेरिटन के लिए नामित कर शासन को नाम भेजने की बात कही है।
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शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर परिजनों की चीख-पुकार से गूंज उठा। 19 वर्षीय अभिषेक तीन बहन मोनिका, बुलबुल और वैष्णवी के बीच इकलौता भाई था। रिश्तेदारों ने बताया कि उसके बड़े भाई की आठ वर्ष की उम्र में ही मौत हो गई थी। हादसे के बाद पिता प्रमोद और तीनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बहनों की चीत्कार ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं।
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मृतक दशरथ गन्ना विभाग से दो साल पहले सेवानिवृत्त हुए थे। परिवार में पत्नी रामवती देवी के अलावा चार बेटीयां व दो बेटे हैं। रिश्तेदार हरिओम कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह पत्नी ने मक्का काटने के लिए कहा था, लेकिन वह मक्का न काटकर अपने साथी भानु प्रताप के साथ बाइक लेकर अलीगढ़ आ गए।
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कहर बनकर दौड़ तेज रफ्तार कार
कार इस कदर रफ्तार में थी कि वह दो बाइकों को रौंदने के बाद दूसरी साइड में सड़क से 15 मीटर दूर एक पेड़ से जा टकराई। चालक मोनू निवासी सिकंदराराऊ मौके पर ही खड़ा रहा और राहगीरों संग घायलों को अस्पताल भिजवाया, उसे पुलिस ने हिरासत ले लिया है।
कच्चे रास्ते से रफ्तार में ऊपर चढ़ना बना हादसे की वजह
कार चालक मोनू ने बताया है कि वह अपनी साइड पर चल रहा था, जहां एक साइड निर्माणाधीन रोड पर नीचे की ओर थी जबकि ड्राइवर साइड सड़क पर थी, जब उसने कच्चे में चल रही साइड को ऊपर सड़क पर लेने की कोशिश की तभी कार बाइकों से टकरा गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है।
राहगीरों ने दिखाई तत्परता, टेंपो चालक ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद मौके ओर राहगीरों ने अपने वाहन साइड में लगा दिए और सड़क पर गिरे घायलों को तत्परता से एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा। अत्यधिक गंभीर दिखे मां-बेटे को तो पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहगीर अस्पताल भेज चुके थे। पुलिस पहुंचने पर घायल दशरथ व भानु प्रताप को एक सवारी टेंपो सीएचसी लेकर पहुंचा। सीएचसी अधिकारियों ने घायलों की मदद करने वाले तुलसी निवासी सरसौल का नाम पता लेकर उसे गुड सेमेरिटन के लिए नामित कर शासन को नाम भेजने की बात कही है।