Karni Sena: ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान को पद के साथ करणी सेना से निकाला, जवाब में ज्ञानेंद्र ने किया पलटवार
ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान जो करणी सेना में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे, उन्हें संगठन के हित और जनता के विश्वास की अपेक्षाओं के विरूद्ध गतिविधियों में पाए जाने पर राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से पदमुक्त करने के साथ करणी सेना से भी निकाल दिया है।
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अलीगढ़ के ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान को अखिल भारतीय करणी सेना के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के साथ संगठन से भी हटा दिया गया है। करणी सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ठाकुर मनोज सिंह चौहान इसकी जानकारी वीडियो के माध्यम से देते हुए पत्र जारी किया है। ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान को संगठन ने गरीब और असहाय लोगों से अवैध वसूली तथा उनका शोषण करने आदि आरोपों में संलिप्त पाया है।
अखिल भारतीय करणी सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ठाकुर मनोज सिंह चौहान ने अमर उजाला को बताया कि अलीगढ़ के ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान जो करणी सेना में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे, उन्हें संगठन के हित और जनता के विश्वास की अपेक्षाओं के विरूद्ध गतिविधियों में पाए जाने पर राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से पदमुक्त करने के साथ करणी सेना से भी निकाल दिया है।
उन्होंने बताया कि संगठन के नाम पर गरीब और असहाय लोगों से अवैध वसूली तथा उनका शोषण करने, प्रशासन पर अनुचित एवं अवैधानिक दबाव बनाना, हिंदू विरोधी प्रवृत्तियों और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और संगठनात्मक कार्यों में निष्क्रिय रहकर करणी सेना की साख् व उद्देश्य को आघात पहुंचाने के आरोपों में संलिप्त पाया गया है। संगठन हाईकमान से विचार विमर्श के बाद उन्हें पद व संगठन से हटाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने जारी पत्र में कहा कि भविष्य में यदि ज्ञानेंद्र चौहान करणी सेना के नाम पर किसी भी काम में पाए जाते हैं तो प्रशासन कार्रवाई करने को पूर्णत: स्वतंत्र है। अब ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान का करणी सेना से कोई संबंध नहीं है।
पद व करणी सेना से हटाने पर ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान बोले यह
ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान ने वीडियो जारी करते हुए अखिल भारतीय करणी सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ठाकुर मनोज सिंह चौहान के द्वारा जारी वीडियो, पत्र और आरोपों का जवाब दिया है। ठाकुर ज्ञानेंद्र चौहान ने कहा कि मैं पूर्व में अखिल भारतीय करणी सेना में वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर कार्य कर रहा था। अखिल भारतीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर चौहान एवं संगठन मंत्री मनोज चौहान द्वारा मुझ पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि मैं अपने पद का दुरूपयोग कर एवं प्रशासनिक, पुलिस अधिकारियों के नाम पर आम लोगों से वसूली कर संगठन को अवैध धनराशि दूं। मनोज चौहान के दबाव से तंग आकर मैंने गत 20 सितंबर को इस संगठन से त्याग पत्र दे दिया था, जिसको मनोज चौहान ने स्वीकार भी किया था। इसका स्क्रीनशाॅट मेरे पास है।
उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर चौहान व राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मनोज चौहान करणी सेना के नाम का दुरूपयोग कर अपने पदाधिकारियों से अवैध वसूली का कार्य कराते हैं और उसी के अनुरूप अलीगढ़ के पदाधिकारियों पर भी अवैध बसूली करने का दबाव बनाया जा रहा था। जिसके चलते मैंने अलीगढ़ के पदाधिकारियों के परामर्श से अलीगढ़ की समस्त टीम को भंग कर अखिल भारतीय करणी सेना से 20 सितंबर को त्याग पत्र दे दिया था।
उन्होंने कहा कि इनके द्वारा 2 अक्टूबर को जो पत्र, वीडियो मेरे नाम से जारी किया गया है, उसके आधार पर मैं इन पर मानहानि का दावा दायर करूंगा, क्योंकि पत्र व वीडियों में इनके द्वारा जो भी कहा गया है, वह सब आधारहीन है, जिसका कोई साक्ष्य नहीं है।