संदीप गुप्ता हत्याकांड: एक साल में गवाही पूरी, कुख्यात शूटर प्रवीन बाजौता ने की थी हत्या, ये रहा घटनाक्रम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक कारोबार व सीमेंट सप्लाई के कारोबार में रसूख रखने वाले संदीप गुप्ता की हत्या गांधी आई तिराहे पर की गई थी। सीसीटीवी फुटेज से दो दिन के प्रयास के बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया था, जिसमें उजागर हुआ था कि संदीप की हत्या उनके रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल व उसके ट्रांसपोर्टर पिता ने साजिश रचकर कराई है।
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अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड में ठीक एक वर्ष में गवाही पूरी हो गई। शुक्रवार को कोर्ट में सभी आरोपियों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई। मुख्य शूटर प्रवीन बाजौता को जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच बुलेट प्रूफ जैकेट पहनाकर पेश किया गया। इस मुकदमे का ट्रायल एडीजे-तीन की अदालत में चल रहा है। बचाव पक्ष ने सफाई साक्ष्य पेशी के लिए समय मांगा है, जिस पर सोमवार की तारीख नियत की गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लॉजिस्टिक कारोबार व सीमेंट सप्लाई के कारोबार में रसूख रखने वाले संदीप गुप्ता की हत्या गांधी आई तिराहे पर की गई थी। सीसीटीवी फुटेज से दो दिन के प्रयास के बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया था, जिसमें उजागर हुआ था कि संदीप की हत्या उनके रिश्ते के दामाद अंकुश अग्रवाल व उसके ट्रांसपोर्टर पिता ने साजिश रचकर कराई है। इस हत्या के मूल में खुलासा हुआ कि अंकुश का अपनी पत्नी दीप्ति से विवाद था। इसी विवाद के समझौते के दौरान संदीप गुप्ता ने अंकुश की बेइज्जती कर दी थी। इसी बेइज्जती का बदला लेने के लिए यह हत्या शूटरों से कराई गई। चूंकि, समझौते के बदले 45 लाख रुपये अंकुश को देने थे।
इसी से बचने के लिए उसने 20 लाख रुपये की सुपारी जिले की टॉप-10 सूची में शामिल अपराधी टप्पल के प्रवीन बाजौता को दी। प्रवीन ने अपने साथी हाथरस सादाबाद के जितेंद्र उर्फ कंजा व तयेरे भाई प्रदीप संग मिलकर संदीप की हत्या की। इस हत्याकांड में तीन शूटरों सहित कुल 13 आरोपियों के नाम सामने आए। इनमें से तीन नाबालिग हैं। दस बालिग आरोपियों के खिलाफ ट्रायल अगस्त 2022 में शुरू हुआ, जिसमें अब तक कुल 11 गवाही हुईं।
गवाही पूरी होने के बाद शुक्रवार को न्यायालय में आरोपियों के बयान हुए। आरोपी शूटर प्रवीन बाजौता लखीमपुर खीरी, जितेंद्र कंजा उन्नाव, मुख्य साजिशकर्ता अंकुश व एक अन्य स्थानीय जेल में बंद हैं। चारों को जेल से व अन्य खुद न्यायालय में पेश हुए। प्रवीन बाजौता को कड़ी सुरक्षा में लाया गया। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी गिर्राज किशोर सिंघल के अनुसार, न्यायालय में आरोपियों के बयान दर्ज हुए हैं। अब सफाई साक्ष्य पेशी के लिए सोमवार की तारीख नियत हुई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर मुकदमे का ट्रायल दिन-प्रतिदिन चल रहा है।
ये रहा घटनाक्रम
- 27 दिसंबर 2021 की शाम संदीप गुप्ता की हत्या।
- 29 दिसंबर की शाम राजीव अग्रवाल गिरफ्तार।
- 03 जनवरी 2022 को रेकी वाले तीन गिरफ्तार।
- 05 जनवरी को रेकी में शामिल मनीष दबोचा।
- 06 जनवरी को अनुराग उर्फ पार्थ को दबोचा।
- 11 जनवरी को गैराज संचालक दुष्यंत चौधरी पकड़ा।
- 17 जनवरी को साजिश में शामिल उत्कर्ष गिरफ्तार।
- 26 जनवरी को मुख्य साजिशकर्ता अंकुश-साहिल दबोचे।
- 10 मार्च को मुख्य शूटर प्रवीन-जितेंद्र जयपुर में पकड़े गए।
- मार्च माह में प्रवीन का भाई प्रदीप भी गिरफ्तार किया गया।
- 24 अगस्त 2022 को पहली गवाही वादी की दर्ज हुई।