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Aligarh News: अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची टीम, दंपती ने खुद पर उड़ेला पेट्रोल
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ट्रोल उड़ने वाले दंपती होमगार्ड से बातचीत करते पुलिसकर्मी।
- फोटो : Videograb
शहर के एलमपुर बरातघर के निकट अवैध निर्माण व कब्जा हटाने के लिए मंगलवार को पहुंची नगर निगम की टीम को कड़ा विरोध झेलना पड़ा। कार्रवाई का विरोध करते हुए एक होमगार्ड दंपती ने पहले खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया। यह देख नगर निगम की टीम बिना कार्रवाई किए लौट गई।
इस मामले में नगर निगम की ओर से बन्ना देवी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सारसौल के वार्ड संख्या 32, एलमपुर स्थित नगर निगम की भूमि पर निर्मित बरातघर कम पब्लिक कम्युनिटी हॉल परिसर में दो परिवारों ने अवैध तरीके से मकान बनाकर कब्जा कर लिया है। पूर्व में इन अवैध निर्माणों को अतिक्रमण घोषित करते हुए तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू तो दूसरे पक्ष के लोगों ने तहसीलदार व हाईकोर्ट में अपील की। न्यायालय ने किसी प्रकार की न देते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में मंगलवार को सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव, संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता एवं नगर निगम प्रवर्तन दल की टीम राजस्व कर्मियों और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों अवैध निर्माणों को खाली कराने की कार्रवाई प्रारंभ की। भवन स्वामी व होमगार्ड दंपती गंगा सिंह, डॉली तथा दूसरे मकान में रहने वाली पिंकी देवी पत्नी महेंद्र ने वैकल्पिक आवास की व्यवस्था के लिए एक महीने का समय मांगा। टीम ने कब्जा छोड़ने के लिए कहा तो होमगार्ड दंपती गंगा सिंह और डॉली ने खुद को कमरे में कैद कर लिया और शरीर पर पेट्रोल उड़ेल लिया। आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्हें रोका।
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दंपती ने आरोप लगाया कि उन्होंने वर्ष 2013 में बैनामा कराकर मकान बनवाया था। 2014 में नगर निगम ने इस जमीन को अपना बताया। विरोध करने पर तत्कालीन नगर आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनके मकान को छोड़कर अलग से रास्ता दे दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली, जो अभी विचाराधीन है। कहा कि यदि उन्हें जबरन बेदखल किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन नगर निगम की थी तो मकान बनाने से लेकर अबतक अधिकारी कहां थे। इसी तरह पिंकी देवी ने कहा कि मकान खाली कराने से पहले उन्हें मुआवजा दिलाया जाए या दूसरा प्लॉट दिया जाए, नहीं तो वे मकान को किसी कीमत पर खाली नहीं करेंगी।
बरातघर की जमीन पर कब्जा करने वालों को मानवीय संवेदनाों के आधार पर पिछले डेढ़ वर्ष में कई बार नोटिस देकर मोहलत भी दी गई है। इस बार कोर्ट से बेदखली के आदेश के बाद ही कब्जा हटवाने के लिए नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी। इसके बाद भी कब्जेदार हट नहीं रहे। इस मामले में संबंधित के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
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इस मामले में नगर निगम की ओर से बन्ना देवी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सारसौल के वार्ड संख्या 32, एलमपुर स्थित नगर निगम की भूमि पर निर्मित बरातघर कम पब्लिक कम्युनिटी हॉल परिसर में दो परिवारों ने अवैध तरीके से मकान बनाकर कब्जा कर लिया है। पूर्व में इन अवैध निर्माणों को अतिक्रमण घोषित करते हुए तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू तो दूसरे पक्ष के लोगों ने तहसीलदार व हाईकोर्ट में अपील की। न्यायालय ने किसी प्रकार की न देते हुए अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
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इसी क्रम में मंगलवार को सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव, संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता एवं नगर निगम प्रवर्तन दल की टीम राजस्व कर्मियों और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों अवैध निर्माणों को खाली कराने की कार्रवाई प्रारंभ की। भवन स्वामी व होमगार्ड दंपती गंगा सिंह, डॉली तथा दूसरे मकान में रहने वाली पिंकी देवी पत्नी महेंद्र ने वैकल्पिक आवास की व्यवस्था के लिए एक महीने का समय मांगा। टीम ने कब्जा छोड़ने के लिए कहा तो होमगार्ड दंपती गंगा सिंह और डॉली ने खुद को कमरे में कैद कर लिया और शरीर पर पेट्रोल उड़ेल लिया। आसपास के लोगों ने किसी तरह उन्हें रोका।
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दंपती ने आरोप लगाया कि उन्होंने वर्ष 2013 में बैनामा कराकर मकान बनवाया था। 2014 में नगर निगम ने इस जमीन को अपना बताया। विरोध करने पर तत्कालीन नगर आयुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि उनके मकान को छोड़कर अलग से रास्ता दे दिया जाएगा। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली, जो अभी विचाराधीन है। कहा कि यदि उन्हें जबरन बेदखल किया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन नगर निगम की थी तो मकान बनाने से लेकर अबतक अधिकारी कहां थे। इसी तरह पिंकी देवी ने कहा कि मकान खाली कराने से पहले उन्हें मुआवजा दिलाया जाए या दूसरा प्लॉट दिया जाए, नहीं तो वे मकान को किसी कीमत पर खाली नहीं करेंगी।
बरातघर की जमीन पर कब्जा करने वालों को मानवीय संवेदनाों के आधार पर पिछले डेढ़ वर्ष में कई बार नोटिस देकर मोहलत भी दी गई है। इस बार कोर्ट से बेदखली के आदेश के बाद ही कब्जा हटवाने के लिए नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची थी। इसके बाद भी कब्जेदार हट नहीं रहे। इस मामले में संबंधित के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त