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तारिक को तड़के किया सुपुर्द-ए-खाक
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तारिक की हत्या के विरोध में शाहजमाल ईदगाह धरना स्थल पर कैण्डल जलाते लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
ऊपरकोट उपद्रव में घायल मो.तारिक की शुक्रवार देररात मौत के बाद शनिवार तड़के फज्र (सुबह की नमाज) की नमाज के बाद एएमयू के मिंटोई कब्रिस्तान में उनका शव सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान लोगों में गम के साथ-साथ जबरदस्त गुस्सा भी दिखाई दिया। वहीं, पुलिस प्रशासनिक स्तर से कड़े सुरक्षा इंतजाम रखे गए थे। खास बात यह रही कि मौत के बाद मध्य रात्रि तक चली रस्साकशी के बाद तय हुआ कि शव को पोस्टमार्टम केंद्र से सीधे कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। पोस्टमार्टम की औपचारिकताओं के बाद साढ़े तीन बजे शव को सीधे एएमयू ले जाया गया। यहां भारी पुलिस बल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
23 फरवरी को सीएए के विरोध के दौरान ऊपरकोट, बाबरी मंडी में हुए उपद्रव के दौरान मो. तारिक को गोली लग गई थी। 20 दिन बाद शुक्रवार की रात उसने जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद शहर में जबरदस्त तनाव के हालात पैदा हो गए थे। इसके चलते पुलिस प्रशासनिक स्तर से तय किया गया कि शव को घर नहीं ले जाने दिया जाएगा। न पुराने शहर के शाहजमाल कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद रात में ही शव को दफन कराया जाएगा। शव या तो एएमयू कब्रिस्तान या नुमाइश मैदान में दफनाया जाएगा। हालांकि इस पर परिवार पहले से ही सहमत था। मगर, कुछ लोगों ने दलील दी कि जनाजे की नमाज में लोग शामिल हो लेंगे, इसलिए शनिवार दिन में शव का अंतिम संस्कार कराया जाए। मगर, प्रशासन कानून व्यवस्था के मद्देनजर ऐसा कोई फैसला लेने को तैयार नहीं हुआ।
इसके चलते मध्य रात्रि एसएसपी आवास पर परिवार, समर्थकों व अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह तय हुआ कि तड़के फज्र की नमाज के बाद शव दफन कर दिया जाएगा। सहमति बनने के बाद शव को कड़ी सुरक्षा में एएमयू ले जाया गया। जहां सुरक्षा इंतजाम के बीच तारिक की जनाजे की नमाज पढ़ाई गई। सुबह करीब 6:52 बजे मिंटोई कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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पिता मुनव्वर खान ने बताया कि तारिक के इंतकाल की खबर अमरोहा, दिल्ली, अतरौली सहित अन्य जगहों पर रह रहे रिश्तेदारों को कर दी गई थी। ज्यादातर रिश्तेदार बेटे की जनाजे की नमाज में शामिल हो गए थे। इस दौरान सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी परिवार के साथ व्यवस्थाओं में जुटे रहे, जबकि अब्दुल हमीद घोसी, काशिफ आब्दी आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे और नमाज में भी शामिल हुए।
दिन में वरुणालय, शाम को भुजपुरा पहुंचा तारिक का परिवार
तारिक के इंतकाल के बाद जिला प्रशासन ने उसके परिवार को कोतवाली सिविल लाइंस के सामने चौ. चरण सिंह (वरुणालय) गेस्ट हाउस में ठहराया। इसके पीछे मंशा थी कि परिवार के सभी लोग यहां एकत्रित होकर वहां से कब्रिस्तान पहुंच जाएंगे। इसके लिए वाहनों के इंतजाम भी किए गए। तारिक के सुपुर्द-ए-खाक के बाद से दोपहर तक परिजन व रिश्तेदार गेस्ट हाउस में रहे। इस दौरान लोगों की आवाजाही बनी रही। तारिक के पिता मुनव्वर खान ने बताया कि दोपहर के बाद वह भुजपुरा में अपने भाई सनव्वर खान के घर चले आए हैं। कहा, एक-दो दिन में वह अपने घर जाएंगे। बेटे की यादें उन्हें सता रही हैं। मुनव्वर ने लोगों से शहर में अमन-चैन बरकरार रखने की अपील की है। लोगों से गुजारिश है कि वह तारिक की मगफिरत (आत्मा की शांति) के लिए दुआ करें।
विशेष परिस्थितियों में दफनाए जाते हैं बाहरी व्यक्ति
एएमयू के नाजिम-ए-दीनयात प्रो. सलीम ने कहा कि एएमयू के कब्रिस्तान में एएमयू के कर्मचारियों, उनके आश्रितों व विद्यार्थियों को दफनाया जाता है, जबकि विशेष परिस्थितियों में बाहरी व्यक्तियों को यहां दफनाया जाता है।
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23 फरवरी को सीएए के विरोध के दौरान ऊपरकोट, बाबरी मंडी में हुए उपद्रव के दौरान मो. तारिक को गोली लग गई थी। 20 दिन बाद शुक्रवार की रात उसने जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद शहर में जबरदस्त तनाव के हालात पैदा हो गए थे। इसके चलते पुलिस प्रशासनिक स्तर से तय किया गया कि शव को घर नहीं ले जाने दिया जाएगा। न पुराने शहर के शाहजमाल कब्रिस्तान ले जाया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद रात में ही शव को दफन कराया जाएगा। शव या तो एएमयू कब्रिस्तान या नुमाइश मैदान में दफनाया जाएगा। हालांकि इस पर परिवार पहले से ही सहमत था। मगर, कुछ लोगों ने दलील दी कि जनाजे की नमाज में लोग शामिल हो लेंगे, इसलिए शनिवार दिन में शव का अंतिम संस्कार कराया जाए। मगर, प्रशासन कानून व्यवस्था के मद्देनजर ऐसा कोई फैसला लेने को तैयार नहीं हुआ।
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इसके चलते मध्य रात्रि एसएसपी आवास पर परिवार, समर्थकों व अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह तय हुआ कि तड़के फज्र की नमाज के बाद शव दफन कर दिया जाएगा। सहमति बनने के बाद शव को कड़ी सुरक्षा में एएमयू ले जाया गया। जहां सुरक्षा इंतजाम के बीच तारिक की जनाजे की नमाज पढ़ाई गई। सुबह करीब 6:52 बजे मिंटोई कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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पिता मुनव्वर खान ने बताया कि तारिक के इंतकाल की खबर अमरोहा, दिल्ली, अतरौली सहित अन्य जगहों पर रह रहे रिश्तेदारों को कर दी गई थी। ज्यादातर रिश्तेदार बेटे की जनाजे की नमाज में शामिल हो गए थे। इस दौरान सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव सलमान शाहिद, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी परिवार के साथ व्यवस्थाओं में जुटे रहे, जबकि अब्दुल हमीद घोसी, काशिफ आब्दी आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे और नमाज में भी शामिल हुए।
दिन में वरुणालय, शाम को भुजपुरा पहुंचा तारिक का परिवार
तारिक के इंतकाल के बाद जिला प्रशासन ने उसके परिवार को कोतवाली सिविल लाइंस के सामने चौ. चरण सिंह (वरुणालय) गेस्ट हाउस में ठहराया। इसके पीछे मंशा थी कि परिवार के सभी लोग यहां एकत्रित होकर वहां से कब्रिस्तान पहुंच जाएंगे। इसके लिए वाहनों के इंतजाम भी किए गए। तारिक के सुपुर्द-ए-खाक के बाद से दोपहर तक परिजन व रिश्तेदार गेस्ट हाउस में रहे। इस दौरान लोगों की आवाजाही बनी रही। तारिक के पिता मुनव्वर खान ने बताया कि दोपहर के बाद वह भुजपुरा में अपने भाई सनव्वर खान के घर चले आए हैं। कहा, एक-दो दिन में वह अपने घर जाएंगे। बेटे की यादें उन्हें सता रही हैं। मुनव्वर ने लोगों से शहर में अमन-चैन बरकरार रखने की अपील की है। लोगों से गुजारिश है कि वह तारिक की मगफिरत (आत्मा की शांति) के लिए दुआ करें।
विशेष परिस्थितियों में दफनाए जाते हैं बाहरी व्यक्ति
एएमयू के नाजिम-ए-दीनयात प्रो. सलीम ने कहा कि एएमयू के कब्रिस्तान में एएमयू के कर्मचारियों, उनके आश्रितों व विद्यार्थियों को दफनाया जाता है, जबकि विशेष परिस्थितियों में बाहरी व्यक्तियों को यहां दफनाया जाता है।