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टप्पल में मासूम बच्ची की हत्या का प्रकरण, एसआईटी जांच में दुष्कर्म जैसा कोई साक्ष्य नहीं
Mon, 02 Sep 2019 11:28 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 02 Sep 2019 11:28 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
टप्पल के बहुचर्चित मासूम बच्ची के हत्याकांड में 29 अगस्त को अमर उजाला द्वारा किया गया खुलासा सच साबित हुआ। देश भर की सुर्खियों में रहे इस प्रकरण में एसआईटी जांच में भी बच्ची संग दुष्कर्म जैसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया और बिना पॉक्सो या दुष्कर्म की धाराओं में सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी गई। सीजेएम न्यायालय में दाखिल चार्जशीट में चारों आरोपियों पर अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने में आईपीसी की धारा 363, 302 व 201 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
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खास बात है कि इस मामले में परिवार पहले ही दिन से पॉक्सो एक्ट के तहत चार्जशीट की जिद किए हुए था। मगर पुलिस ने बीच का रास्ता निकालते हुए तय किया कि चंडीगढ़ लैब से आने वाली फॉरेंसिक एक्सपर्ट रिपोर्ट में अगर कोई तथ्य आएगा तो तितम्मा यानि सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
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टप्पल में मासूम बच्ची की नृशंस हत्या में दो मुख्य आरोपियों जाहिद व असलम की गिरफ्तारी को तीन महीने मंगलवार को पूरे हो रहे हैं। उस वक्त सोशल मीडिया में बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म करने और उसके बाद निर्ममता से हत्या करने का प्रकरण जबरदस्त ट्रोल किया गया था। जिसमें कई फिल्मी हस्तियों सहित नामचीन राजनीतिक, सामाजिक हस्तियां भी शामिल हो गई थीं।
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मुद्दा तूल पकड़ने पर शासन के निर्देश पर प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी। मगर तीन महीने तक चली जांच और आगरा व लखनऊ की फोरेंसिक लैब की गहन जांच में बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मौके से मिले साक्ष्य चंडीगढ़ की फोरेंसिक लैब भी भेजे थे। वहां से फॉरेंसिक एक्सपर्टों से उनकी राय मांगी है।
आगरा और लखनऊ ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है, जबकि चंडीगढ़ लैब की फोरेंसिक एक्सपर्ट रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। चूंकि चार्जशीट सोमवार या मंगलवार तक दाखिल करना जरूरी था, इसलिए सीओ खैर संजीव दीक्षित और इंस्पेक्टर संजय कुमार जायसवाल ने सोमवार को ही सीजेएम न्यायालय पहुंचकर चार्जशीट दाखिल कर दी। इसमें जेल में निरुद्ध जाहिद व असलम के अलावा जाहिद की पत्नी शबुस्ता व जाहिद का छोटा भाई मेहंदी हसन आरोपी बनाए गए हैं।
इंस्पेक्टर संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि अभी चंडीगढ़ फोरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट का इंतजार है। अगर उस रिपोर्ट में दुष्कर्म जैसी कोई पुष्टि होती है तो तितम्मा यानि सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इधर, सोमवार को अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए 9 सितंबर को रिमांड की नियत तारीख पर चारों आरोपी तलब किए हैं।
उसके बाद आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। इधर, बता दें कि परिवार इस मामले में पॉक्सो में चार्जशीट की जिद पर अड़ा है। अब परिवार का क्या रुख रहेगा, यह आने वाला भविष्य बताएगा।