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सुधीश सिंह पर मुकदमे से बस आपरेटरों में खलबली
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Mon, 10 Sep 2018 01:05 AM IST
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- फोटो : डेमो
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बस आपरेटर यूनियन के अध्यक्ष सुधीश सिंह सहित तीन कद्दावर ऑपरेटरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर बस आपरेटरों में दहशत का माहौल है। बस आपरेटर यूनियन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं, जबकि यूनियन की ओर से बसों के संचालन को लेकर कोई इशारा या निर्णय नहीं आया है। ऐसे में तय नहीं हो पा रहा है कि बसें कब से चलेंगी या नहीं चलेंगी।
शनिवार की देर रात डीएम के आदेश पर एआरटीओ (प्रवर्तन) अभिताभ चतुर्वेदी ने बस आपरेटर के अध्यक्ष समेत कई लोगों के खिलाफ धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसकी जानकारी जब बस आपरेटर यूनियन के पदाधिकरियों को हुई तो वह हैरत में पड़ गए। रिपोर्ट में जो लोग नामजद किए गए हैं वह अपनी जमानत कराने की जुगाड़ में लग गए हैं।
वहीं बस आपरेटरों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जो रिपोर्ट दर्ज कराई है वह पूरी तरह से फर्जी है। जिस दिन की एआरटीओ वारदात बता रहे हैं उस दिन कोई घटना ही नहीं हुई। पुलिसकर्मी बसों को चलाकर लेकर गए हैं। किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ है। बस आपरेटरों को अड्डों से बस जाने के बाद जानकारी हुई तो फिर अधिकारियों के साथ बदसलूकी कब हो गई।
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आपरेटरों का कहना है कि डीएम के साथ हुई बैठक में तय हुआ था कि जब तक जगह की व्यवस्था नहीं हो रही बसों को खड़ा कर दिया जाए या फिर शहर के बाहर से संचालित किया जाए। बाहर से संचालन संभव नहीं था प्रशासन के आदेश के अनुसार बसों को खड़ा कर दिया। इसके बाद देर रात बसों को अड्डों से खींचकर चालान करना और उसके बाद रिपोर्ट दर्ज करना आपरेटरों की समझ में नहीं आ रहा है। रहा सवाल बसों के संचालन का तो अभी तक किसी तरह का इशारा यूनियन की तरफ से न होने के कारण ऑपरेटर चुप्पी साधे हुए हैं।
रविवार को नहीं निकली सवारी, रोडवेज के बस अड्डों पर रहा सुकून
प्रशासन द्वारा प्राइवेट बसों का महानगर से संचालन बंद करने के बाद रविवार को रोडवेज ने निर्धारित मार्ग पर व्यवस्थाएं संभाल ली। डीएम के निर्देशानुसार निर्धारित मार्गो पर 64 बसों का संचालन किया गया। इन बसों में लोग यात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचे। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बस आपरेटर भयभीत हैं। नामजद बस आपरेटर भूमिगत हो गए हैं और अपनी जमानत की फिराक में जुटे हुए हैं।
रविवार को कार्यालय एवं शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी कमी देखी गई। इसके कारण प्राइवेट बसों के बंद होने के कारण यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रविवार होने के रोजाना यात्रा करने वाली सवारी भी नहीं आई। रोडवेज ने प्राइवेट बस अड्डों के स्थान पर सवारियों को उतारा और चढ़ाया। शनिवार की रात को डीएम ने रोडवेज को निर्धारित मार्गो पर 64 बसों का संचालन करने के निर्देश दिए थे। रविवार को रोडवेज के अधिकारियों ने डीएम के निर्देश के अनुसार निर्धारित मार्गो पर 64 बसों का संचालन किया। इसके साथ ही अन्य मार्गो पर बसों के चक्कर बढ़ा दिए। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि यदि बसों की संख्या कम पड़ेगी तो अन्य डिपो से बसों को उपलब्ध कराया जाएगा। कुल मिलाकर सोमवार को रोडवेज के अधिकारियों की सामने सवारियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने और लाने के लिए असली चुनौती होगी।
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शनिवार की देर रात डीएम के आदेश पर एआरटीओ (प्रवर्तन) अभिताभ चतुर्वेदी ने बस आपरेटर के अध्यक्ष समेत कई लोगों के खिलाफ धमकी देने तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसकी जानकारी जब बस आपरेटर यूनियन के पदाधिकरियों को हुई तो वह हैरत में पड़ गए। रिपोर्ट में जो लोग नामजद किए गए हैं वह अपनी जमानत कराने की जुगाड़ में लग गए हैं।
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वहीं बस आपरेटरों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जो रिपोर्ट दर्ज कराई है वह पूरी तरह से फर्जी है। जिस दिन की एआरटीओ वारदात बता रहे हैं उस दिन कोई घटना ही नहीं हुई। पुलिसकर्मी बसों को चलाकर लेकर गए हैं। किसी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ है। बस आपरेटरों को अड्डों से बस जाने के बाद जानकारी हुई तो फिर अधिकारियों के साथ बदसलूकी कब हो गई।
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आपरेटरों का कहना है कि डीएम के साथ हुई बैठक में तय हुआ था कि जब तक जगह की व्यवस्था नहीं हो रही बसों को खड़ा कर दिया जाए या फिर शहर के बाहर से संचालित किया जाए। बाहर से संचालन संभव नहीं था प्रशासन के आदेश के अनुसार बसों को खड़ा कर दिया। इसके बाद देर रात बसों को अड्डों से खींचकर चालान करना और उसके बाद रिपोर्ट दर्ज करना आपरेटरों की समझ में नहीं आ रहा है। रहा सवाल बसों के संचालन का तो अभी तक किसी तरह का इशारा यूनियन की तरफ से न होने के कारण ऑपरेटर चुप्पी साधे हुए हैं।
रविवार को नहीं निकली सवारी, रोडवेज के बस अड्डों पर रहा सुकून
प्रशासन द्वारा प्राइवेट बसों का महानगर से संचालन बंद करने के बाद रविवार को रोडवेज ने निर्धारित मार्ग पर व्यवस्थाएं संभाल ली। डीएम के निर्देशानुसार निर्धारित मार्गो पर 64 बसों का संचालन किया गया। इन बसों में लोग यात्रा कर अपने गंतव्य तक पहुंचे। इधर, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बस आपरेटर भयभीत हैं। नामजद बस आपरेटर भूमिगत हो गए हैं और अपनी जमानत की फिराक में जुटे हुए हैं।
रविवार को कार्यालय एवं शिक्षण संस्थान बंद होने के कारण रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में भी कमी देखी गई। इसके कारण प्राइवेट बसों के बंद होने के कारण यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रविवार होने के रोजाना यात्रा करने वाली सवारी भी नहीं आई। रोडवेज ने प्राइवेट बस अड्डों के स्थान पर सवारियों को उतारा और चढ़ाया। शनिवार की रात को डीएम ने रोडवेज को निर्धारित मार्गो पर 64 बसों का संचालन करने के निर्देश दिए थे। रविवार को रोडवेज के अधिकारियों ने डीएम के निर्देश के अनुसार निर्धारित मार्गो पर 64 बसों का संचालन किया। इसके साथ ही अन्य मार्गो पर बसों के चक्कर बढ़ा दिए। रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि यदि बसों की संख्या कम पड़ेगी तो अन्य डिपो से बसों को उपलब्ध कराया जाएगा। कुल मिलाकर सोमवार को रोडवेज के अधिकारियों की सामने सवारियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने और लाने के लिए असली चुनौती होगी।