फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Sudha wanted to see her husband's killers hanged

पति के हत्यारों को फांसी होते देखना चाहती थीं सुधा

Thu, 16 Jun 2022 01:36 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jun 2022 01:36 AM IST
विज्ञापन
Sudha wanted to see her husband's killers hanged
यशपाल सिंह चौहान की हत्या के बाद उनका परिवार पूरी तरह सहम गया था। उस समय बड़े बेटे गौरव 19 वर्ष व छोटा सोनू 14 वर्ष के थे। दहशत का आलम ये था कि ये लोग घर से नहीं निकलते थे। मां सुधा के कंधों पर जिम्मेदारी आ गई थी। वह अपने पति के हत्यारों को फांसी की सजा होता देखना चाहती थीं। मगर चार मई 2021 को कोरोना में उसका निधन हो गया। हालांकि जैसे-जैसे गौरव समझदार हुआ, उसने चाचा के सहयोग से पिता की विरासत संभालना शुरू कर दिया।
विज्ञापन

वर्तमान में गौरव भाजपा में सक्रिय है। हाल के पंचायत चुनाव में मां को वार्ड 36 से जिला पंचायत का चुनाव लड़ाया था। मगर चुनाव हार गए। गौरव बताते हैं कि मां को दिया वादा निभाने का पूरा प्रयास किया। पिता के आरोपियों को सजा दिलाने तक अपनों व परिवार ने पूरा साथ दिया। मुकदमे में उनके चाचा सतीश चौहान आदि ने कोताही नहीं बरती। सभी चश्मदीदों ने लड़ाई में साथ दिया। दूसरे मृत चाचा अनिल के दो बेटियां व दो बेटे हैं। उनकी बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा दीपक खेती संभाल रहा है। छोटा चिराग अभी दस वर्ष का है।
विज्ञापन

20 में से ये 12 गवाह हुए पेश
- वादी मुकदमा सतीश सिंह, घायल संकेत चौहान, चालक शिवकुमार, मुकदमा दर्ज करने वाले सिपाही रोशन अली, पोस्टमार्टम करने वाले डा. केआर अहमद, उपचार करने वाले डॉ. एसएएन जैदी, तत्कालीन एसओ जवां यशपाल सिंह, एसआई अजयपाल सिंह, एसआई जमील अहमद, एसआई मनोज कुमार, एसआई देवीचरन, सिपाही रामगोपाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो बार लड़े थे विधायकी
यशपाल सिंह कल्याण सिंह के बेहद करीबी नेताओं में थे। वे उन्हें अपना गुरु मानते थे। उन्हें भाजपा ने पहली बार वर्ष 1991 में चुनाव लड़ाया और दूसरी बार टिकट न मिलने पर गुस्से में निर्दलीय मैदान में उतरे थे। दोनों चुनाव वे हारे। घटना के समय वे भाजपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य थे। इससे पहले वह जिला महामंत्री, किसान मोर्चा के अध्यक्ष, आरएसएस के जिला कार्यवाह रहे थे।

इन्होंने भी जताई खुशी
इस मुकदमे गवाही कराने वाले एडीजीसी गोपाल सिंह राणा ने बताया कि इस मुकदमे की गवाही एडीजे 16 की अदालत में उनकी निगरानी में हुई। इस फैसले के आने पर बेहद खुशी है। उन्होंने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed