सोमवार को क्षेत्र के विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर क्षेत्र में प्रदर्शन किया। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। इसके बाद ऑनलाइन ज्ञापन कुलपति के पास भेजा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे समाजवादी विचारधारा से जुड़े छात्र नेताओं का कहना है कि छात्र संघ लोकतंत्र की पहली पाठशाला है। यहां से युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक चेतना और जनसमस्याओं के प्रति संघर्ष की भावना विकसित होती है। आरोप लगाया कि छात्र संघ चुनाव बंद कर युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा। महाविद्यालयों में फीस वृद्धि, छात्रवृत्ति में देरी, पुस्तकालय एवं प्रयोगशालाओं की अव्यवस्था, पेपर लीक, बेरोजगारी तथा कैंपस सुरक्षा जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन छात्रों की आवाज उठाने के लिए कोई निर्वाचित मंच मौजूद नहीं है। छात्रों ने छात्र संघ चुनाव बहाल करो, लोकतंत्र की हत्या बंद करो, युवा विरोधी नीति वापस लो और छात्र एकता जिंदाबाद जैसे नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान भूपेंद्र यादव बबलू, उमेश यादव, वीरेश कुमार, अमरुद्दीन खान, आशीष कुमार, अनिल, दीपक, अवधेश, अनुज, कौशल, गुलशन, विजय कुमार आदि छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।