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अलीगढ़ : इस्लामोफोबिया के खिलाफ छात्रों का विरोध मार्च
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एएमयू में प्रदर्शन के बाद बाब-ए-सैयद पर नमाज पढ़ते छात्र।
- फोटो : CITY OFFICE
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महानगर में लाउडस्पीकर प्रकरण लगातार गरमाता जा रहा है। सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रों ने इस्लामोफोबिया के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। साथ ही बाब-ए-सैयद पर रोजा इफ्तार किया और नमाज भी पढ़ी। इसके बाद छात्रों ने आर्ट फैकल्टी से बाब-ए-सैयद तक प्रदर्शन किया। बाब-ए-सैयद के पास पुलिस फोर्स तैनात रही।
लाउडस्पीकर से अजान के खिलाफ उठ रही आवाजों को लेकर एएमयू छात्र भी मैदान में आ गए हैं। आए दिन हो रही बयानबाजी को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर पोस्टर बैनर लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र सलमान ने बताया कि आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के लोग मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं। कभी मस्जिद को तोड़ने कोशिश कर रहे हैं, कभी मस्जिद की मीनारों पर चढ़कर भगवा झंडे लहरा रहे हैं। इसमें पुलिस प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए दंगे में जिस व्यक्ति को पकड़ा गया है, उसको मास्टरमाइंड बता दिया गया है। भगवाधारी युवकों को बचाया जा रहा है।
छात्र नेता यासिर अख्तर ने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ जिस तरीके से साजिशें रची जा रही हैं, उसके पीछे आरएसएस का हाथ है। छात्र नेता मोहम्मद मुफीद ने कहा कि रामनवमी जुलूस के बहाने देश को गृहयुद्ध में झोंकने की कोशिश हो रही है। पुलिस आरएसएस के इशारे पर कार्य कर रही है। छात्रनेता फरीद मिर्जा ने कहा कि देश में हो रहे षडयंत्र के खिलाफ बड़े-बड़े धर्मगुरु और जिम्मेदार लोगों को सामने आना होगा। इस दौरान प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में सरमाज, महताब, नदीम, आबाद, मोहम्मद गुलाम, हसीब, फजल, आसिफ, शहीदुल इस्लाम, उवैस आलम, दानिश रजा आदि मौजूद रहे।
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अजान से नहीं, मुसलमानों से है शिकायत : प्रो. जाहिद
लाउडस्पीकर के मामले में एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी के मुफ्ती प्रो. जाहिद अली खान ने कहा कि दरअसल लोगों को अजान से नहीं, बल्कि मुसलमानों से शिकायत है। मुसलमानों को इस देश में रहने की इजाजत नहीं है। इसके लिए एक कानून बना दीजिए। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर अलीगढ़ में कुछ नहीं हुआ, लेकिन कई जगह रामनवमी में पथराव हो गया है। यह पथराव रामनवमी में चल रहे लोगों ने ही किया है। अब निर्दोष मुस्लिमों को पकड़ा जा रहा है, यह जुल्म है। इस पर रोक लगनी चाहिए। अगर 100 युवा अलग रास्ते पर चले गए तो देश का अमन-चैन खत्म हो जाएगा।
विवादित बयान देने पर रुबीना पर मुकदमा दर्ज
लाउडस्पीकर मामले में विवादित बयान देने पर सपा नेता रुबीना खानम के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रुबीना ने पिछले दिनों बयान दिया था कि ‘किसी ने भी मस्जिद के समक्ष पूजा पद्धति को अंजाम देकर हमारी धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाई तो सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं के साथ मंदिर के सामने लाउड स्पीकर पर कुरान का पाठ करूंगी। अगर मस्जिदों के समक्ष कोई शांति भंग करने या मुस्लिम समुदाय को उकसाने का षडयंत्र किया गया तो उन्होंने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। ऐसे लोग मुस्लिम समुदाय की खामोशी को कमजोरी न समझेें’। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। क्षेत्राधिकारी प्रथम श्वेताभ पांडेय ने बताया कि रुबीना का बयान विवादित होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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लाउडस्पीकर से अजान के खिलाफ उठ रही आवाजों को लेकर एएमयू छात्र भी मैदान में आ गए हैं। आए दिन हो रही बयानबाजी को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने बाब-ए-सैयद पर पोस्टर बैनर लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र सलमान ने बताया कि आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के लोग मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं। कभी मस्जिद को तोड़ने कोशिश कर रहे हैं, कभी मस्जिद की मीनारों पर चढ़कर भगवा झंडे लहरा रहे हैं। इसमें पुलिस प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हुए दंगे में जिस व्यक्ति को पकड़ा गया है, उसको मास्टरमाइंड बता दिया गया है। भगवाधारी युवकों को बचाया जा रहा है।
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छात्र नेता यासिर अख्तर ने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ जिस तरीके से साजिशें रची जा रही हैं, उसके पीछे आरएसएस का हाथ है। छात्र नेता मोहम्मद मुफीद ने कहा कि रामनवमी जुलूस के बहाने देश को गृहयुद्ध में झोंकने की कोशिश हो रही है। पुलिस आरएसएस के इशारे पर कार्य कर रही है। छात्रनेता फरीद मिर्जा ने कहा कि देश में हो रहे षडयंत्र के खिलाफ बड़े-बड़े धर्मगुरु और जिम्मेदार लोगों को सामने आना होगा। इस दौरान प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में सरमाज, महताब, नदीम, आबाद, मोहम्मद गुलाम, हसीब, फजल, आसिफ, शहीदुल इस्लाम, उवैस आलम, दानिश रजा आदि मौजूद रहे।
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अजान से नहीं, मुसलमानों से है शिकायत : प्रो. जाहिद
लाउडस्पीकर के मामले में एएमयू के सुन्नी थियोलॉजी के मुफ्ती प्रो. जाहिद अली खान ने कहा कि दरअसल लोगों को अजान से नहीं, बल्कि मुसलमानों से शिकायत है। मुसलमानों को इस देश में रहने की इजाजत नहीं है। इसके लिए एक कानून बना दीजिए। उन्होंने कहा कि रामनवमी पर अलीगढ़ में कुछ नहीं हुआ, लेकिन कई जगह रामनवमी में पथराव हो गया है। यह पथराव रामनवमी में चल रहे लोगों ने ही किया है। अब निर्दोष मुस्लिमों को पकड़ा जा रहा है, यह जुल्म है। इस पर रोक लगनी चाहिए। अगर 100 युवा अलग रास्ते पर चले गए तो देश का अमन-चैन खत्म हो जाएगा।
विवादित बयान देने पर रुबीना पर मुकदमा दर्ज
लाउडस्पीकर मामले में विवादित बयान देने पर सपा नेता रुबीना खानम के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
रुबीना ने पिछले दिनों बयान दिया था कि ‘किसी ने भी मस्जिद के समक्ष पूजा पद्धति को अंजाम देकर हमारी धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाई तो सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं के साथ मंदिर के सामने लाउड स्पीकर पर कुरान का पाठ करूंगी। अगर मस्जिदों के समक्ष कोई शांति भंग करने या मुस्लिम समुदाय को उकसाने का षडयंत्र किया गया तो उन्होंने चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। ऐसे लोग मुस्लिम समुदाय की खामोशी को कमजोरी न समझेें’। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। क्षेत्राधिकारी प्रथम श्वेताभ पांडेय ने बताया कि रुबीना का बयान विवादित होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

एएमयू में इस्लामफोबिया के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : CITY OFFICE