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Uraine Crisis : पाकिस्तान और टर्की के छात्र भी आए तिरंगे की शरण में, बॉर्डर पार करने के लिए ले रहे हैं सहारा
Fri, 04 Mar 2022 02:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 04 Mar 2022 02:34 AM IST
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यूक्रेन में एक रेलवे स्टेशन में फंसे भारतीय छात्र
- फोटो : यूक्रेन में एक रेलवे स्टेशन में फंसे भारतीय छात्र
ऑपरेशन गंगा के तहत स्लोवाकिया के रास्ते यूक्रेन से घर पहुंचे कुलदीप उपाध्याय ने बताया कि यूक्रेन में टर्की, पाकिस्तान सहित अन्य देश के छात्र भी तिरंगे का सहारा ले रहे थे। रूसी सेना द्वारा तिरंगा दिखाई देने के बाद लोगों की मदद की जा रही थी। खारकीव में अभी भी बड़ी संख्या में मेडिकल विद्यार्थी फंसे हुए हैं, जबकि यूनिवर्सिटी से सभी लोग बाहर आ चुके हैं।
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स्लोवाकिया सीमा पर पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद स्लोवाकिया में उन्हें हर तरह की मदद मिल सकी। 24 फरवरी को उसकी उड़ान थी, लेकिन उस दिन ही हमला हो गया और वह कीव के निकट हॉस्टल में फंस गए। तीन-चार दिन वहां रहने के बाद उन्हें स्लोवाकिया जाने का निर्णय लिया था। वहां लगातार सायरन बज रहे थे और पांच लोगों को एक प्लेट खाना दिया जा रहा था।
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यूक्रेन का कोई सहयोग नहीं मिला। भारतीय दूतावास से मिले निर्देशों के अनुसार उन्होंने नजदीकी स्लोवाकिया सीमा पर जाने का निर्णय लिया। स्लोवाकिया के रास्ते घर पहुंचे टरनोपिल यूनिवर्सिटी के छात्र कुलदीप उपाध्याय ने भारत सरकार का भी आभार जताया है।
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