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इतिहास में दर्ज होगी चार्टर्ड प्लेन क्रैश की घटना, पढ़ाया जाएगा पाठ
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हादसे के बाद घटना स्थल पर पड़ा जहाज का मलवा।
- फोटो : CITY OFFICE
धनीपुर हवाई पट्टी पर निजी कंपनी के चार्टर्ड प्लेन के क्रैश होने की घटना इतिहास में दर्ज होगी। घटना में पायलटों सहित सुरक्षित प्लेन से बाहर निकली तकनीकी टीम की जान बचने को सफलता के तौर पर लिया जाएगा। एयरफोर्स से जुड़े जानकारों के मुताबिक एयरफोर्स और निजी विमानन कंपनियों में आने वाले पायलटों और तकनीकी स्टाफ की अगली पीढ़ी को घटना की बारीकियों से रूबरू कर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने की तरकीब बताई जाएगी।
भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन पद से रिटायर्ड विष्णुपुरी, क्वार्सी निवासी राजीव वार्ष्णेय ने बताया कि देश में इससे पहले भी कई विमान दुर्घटनाएं हुई हैं। इन सभी दुर्घटनाओं की गहन जांच होती है। धनीपुर हवाई पट्टी पर हुई प्लेन क्रैश की घटना की जांच डीजीसीए की टीम करेगी। टीम प्लेन के ब्लैक बॉक्स को निकालकर उसकी जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स से ही घटना की सच्चाई के राज उजागर होंगे। उस बॉक्स में घटना से पहले पायलटों और कंट्रोल रूम की टीम के बीच हुई बातचीत रिकार्ड होती है।
साथ ही प्लेन उस समय किस समस्या से जूझ रहा था। यह भी उस बॉक्स में कैद हो गया होगा। यह सभी जांचे होने के बाद इसकी एक स्टडी रिपोर्ट बनाई जाएगी, जिसको देखा जाएगा कि यह घटना मशीनी खराबी की वजह से हुई या मानवीय खामियां रहीं। अगर, मशीनी खराबी की वजह सामने आती है तो उस रिपोर्ट के आधार पर प्लेन बनाने वाली कंपनियों सहित एयर फोर्स और प्लेन ठीक करने वाले इंजीनियरों को उसकी स्टडी कराकर भविष्य के लिए सचेत किया जाएगा। वहीं, घटना मानवीय खामियों की वजह से हुई होगी तो भावी पायलट पीढ़ियों को इस घटना का पाठ पढ़ाया जाएगा और उक्त चार्टर्ड प्लेन के पायलट ने किस प्रकार से लैंडिंग कराने की कोशिश की, उसकी गलती कहां रही, क्या उस वक्त करना चाहिए था आदि बिंदुओं पर ज्ञान दिया जाएगा। इससे पहले भी देश-विदेश में जितनी इस प्रकार की घटनाएं हुईं हैं उन सभी को केस स्टडी के तौर पर शामिल कि या गया है।
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जांच पूरी होने तक पायलट नहीं उड़ा पाएंगे प्लेन
चार्टर्ड प्लेन क्रैश की घटना की जांच डीजीसीए की टीम कर रही है। जानकारों के मुताबिक जांच पूरी होने तक पायलट कैप्टन किशोर और कैप्टन दीपक प्लेन नहीं उड़ा सकेंगे। जांच के बाद अगर इनको हरी झंडी मिल भी जाती है तो फिर से इनका मेडिकल टेस्ट होगा। मेडिकल करने वाली टीम दोनों पायलटों को प्लेन उड़ाने के लिए फिट होने का सर्टिफिकेट देगी तभी वह अब दोबारा से प्लेन उड़ा सकेेंगे।
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भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन पद से रिटायर्ड विष्णुपुरी, क्वार्सी निवासी राजीव वार्ष्णेय ने बताया कि देश में इससे पहले भी कई विमान दुर्घटनाएं हुई हैं। इन सभी दुर्घटनाओं की गहन जांच होती है। धनीपुर हवाई पट्टी पर हुई प्लेन क्रैश की घटना की जांच डीजीसीए की टीम करेगी। टीम प्लेन के ब्लैक बॉक्स को निकालकर उसकी जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स से ही घटना की सच्चाई के राज उजागर होंगे। उस बॉक्स में घटना से पहले पायलटों और कंट्रोल रूम की टीम के बीच हुई बातचीत रिकार्ड होती है।
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साथ ही प्लेन उस समय किस समस्या से जूझ रहा था। यह भी उस बॉक्स में कैद हो गया होगा। यह सभी जांचे होने के बाद इसकी एक स्टडी रिपोर्ट बनाई जाएगी, जिसको देखा जाएगा कि यह घटना मशीनी खराबी की वजह से हुई या मानवीय खामियां रहीं। अगर, मशीनी खराबी की वजह सामने आती है तो उस रिपोर्ट के आधार पर प्लेन बनाने वाली कंपनियों सहित एयर फोर्स और प्लेन ठीक करने वाले इंजीनियरों को उसकी स्टडी कराकर भविष्य के लिए सचेत किया जाएगा। वहीं, घटना मानवीय खामियों की वजह से हुई होगी तो भावी पायलट पीढ़ियों को इस घटना का पाठ पढ़ाया जाएगा और उक्त चार्टर्ड प्लेन के पायलट ने किस प्रकार से लैंडिंग कराने की कोशिश की, उसकी गलती कहां रही, क्या उस वक्त करना चाहिए था आदि बिंदुओं पर ज्ञान दिया जाएगा। इससे पहले भी देश-विदेश में जितनी इस प्रकार की घटनाएं हुईं हैं उन सभी को केस स्टडी के तौर पर शामिल कि या गया है।
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जांच पूरी होने तक पायलट नहीं उड़ा पाएंगे प्लेन
चार्टर्ड प्लेन क्रैश की घटना की जांच डीजीसीए की टीम कर रही है। जानकारों के मुताबिक जांच पूरी होने तक पायलट कैप्टन किशोर और कैप्टन दीपक प्लेन नहीं उड़ा सकेंगे। जांच के बाद अगर इनको हरी झंडी मिल भी जाती है तो फिर से इनका मेडिकल टेस्ट होगा। मेडिकल करने वाली टीम दोनों पायलटों को प्लेन उड़ाने के लिए फिट होने का सर्टिफिकेट देगी तभी वह अब दोबारा से प्लेन उड़ा सकेेंगे।