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सपा जिला उपाध्यक्ष जेल गए
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Thu, 16 Mar 2017 01:53 AM IST
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The students beat the manager, jam
- फोटो : Amar Ujala
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यूपी में सत्ता बदलाव की बयार शुरू हो गई है। इसी कड़ी में सात माह से हत्या के जिस मुकदमे में सपा जिला उपाध्यक्ष शान मियां के वारंट जारी थे, उसमें शान मियां बुधवार को जेल चले गए। उन्होंने अपने साथी खालिद संग अदालत में सरेंडर किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। बता दें कि पुलिस ने इस मुकदमे में दोनों के नाम निकाल दिए थे। मगर अदालत में हुई पैरवी में दोनों को तलब कर वारंट जारी किए गए थे।
छर्रा के गांव परौरा की प्रधानी की रंजिश में 6 मई 2006 को सपा नेता व उस समय गंगीरी विधायक वीरेश यादव के गनर के रूप में रहे वकार अहमद की छर्रा में हत्या कर दी गई थी। गांव की प्रधानी की रंजिश में इस हत्या में सपा जिला उपाध्यक्ष शान मियां हाल निवासी धौर्रा माफी, छर्रा के मोहल्ला पठानान निवासी खालिद सहित कई लोग नामजद किए गए थे। पुलिस ने उस समय विवेचना में शान मियां व खालिद के नाम निकाल दिए थे।
अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी थी। इस मामले में वकार के भाई मकदूम बाबा ने पैरवी करते हुए अदालत में दोनों के नाम निकालने पर विरोध किया। अदालत ने धारा 319 के तहत दोनों को तलब करते हुए सितंबर 2016 वारंट जारी किए।
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मगर दोनों ने इन वारंटों पर ध्यान नहीं दिया। करीब दो माह पूर्व यह दोनों हाईकोर्ट भी गए। जहां निचली अदालत के वारंट के खिलाफ अपील की गई। मगर हाईकोर्ट ने उन्हें कह दिया कि एक माह में निचली अदालत में हाजिर होकर पहले जमानत कराकर यहां आएं। मगर यह दोनों दो माह तक अदालत में हाजिर नहीं हुए। अब आकर दोनों ने बुधवार को एसीजेएम-5 के न्यायालय में सरेंडर किया, जहां दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया।
परिवार को जान का खतरा
इस मुकदमे में पैरवी कर रहे मकदूम बाबा का कहना है कि शान मियां पर वकार के अलावा सद्दाम की नौशा बरला में हत्या सहित 14 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कई जान लेवा हमले, धोखाधड़ी व अपहरण आदि के मुकदमे भी शामिल हैं। उन्हें व उसके परिवार को लगातार मुकदमे की पैरवी से पीछे हटने के लिए धमकियां मिल रही हैं। इसकी शिकायत भी वह बार-बार करता रहा है। मगर सत्ताधारी दल में होने के कारण कोई मदद नहीं मिली। अब अदालत से उन्हें न्याय मिला है। सत्ता का दुरुपयोग कर वकार की पत्नी के नाम से राशन का कोटा भी छिनवा दिया।
अखिलेश ग्रुप से है करीबी रिश्ता
सभी जानते हैं कि शान मियां का सपा में कार्यवाहक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ग्रुप से ताल्लुक रखते हैं। इसी रिश्ते के चलते शान मियां ने हालिया चुनाव में कोल में सपा महानगर अध्यक्ष व प्रत्याशी अज्जू इसहाक का चुनाव लड़ाया था।
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छर्रा के गांव परौरा की प्रधानी की रंजिश में 6 मई 2006 को सपा नेता व उस समय गंगीरी विधायक वीरेश यादव के गनर के रूप में रहे वकार अहमद की छर्रा में हत्या कर दी गई थी। गांव की प्रधानी की रंजिश में इस हत्या में सपा जिला उपाध्यक्ष शान मियां हाल निवासी धौर्रा माफी, छर्रा के मोहल्ला पठानान निवासी खालिद सहित कई लोग नामजद किए गए थे। पुलिस ने उस समय विवेचना में शान मियां व खालिद के नाम निकाल दिए थे।
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अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी थी। इस मामले में वकार के भाई मकदूम बाबा ने पैरवी करते हुए अदालत में दोनों के नाम निकालने पर विरोध किया। अदालत ने धारा 319 के तहत दोनों को तलब करते हुए सितंबर 2016 वारंट जारी किए।
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मगर दोनों ने इन वारंटों पर ध्यान नहीं दिया। करीब दो माह पूर्व यह दोनों हाईकोर्ट भी गए। जहां निचली अदालत के वारंट के खिलाफ अपील की गई। मगर हाईकोर्ट ने उन्हें कह दिया कि एक माह में निचली अदालत में हाजिर होकर पहले जमानत कराकर यहां आएं। मगर यह दोनों दो माह तक अदालत में हाजिर नहीं हुए। अब आकर दोनों ने बुधवार को एसीजेएम-5 के न्यायालय में सरेंडर किया, जहां दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। अदालत ने दोनों को जेल भेज दिया।
परिवार को जान का खतरा
इस मुकदमे में पैरवी कर रहे मकदूम बाबा का कहना है कि शान मियां पर वकार के अलावा सद्दाम की नौशा बरला में हत्या सहित 14 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कई जान लेवा हमले, धोखाधड़ी व अपहरण आदि के मुकदमे भी शामिल हैं। उन्हें व उसके परिवार को लगातार मुकदमे की पैरवी से पीछे हटने के लिए धमकियां मिल रही हैं। इसकी शिकायत भी वह बार-बार करता रहा है। मगर सत्ताधारी दल में होने के कारण कोई मदद नहीं मिली। अब अदालत से उन्हें न्याय मिला है। सत्ता का दुरुपयोग कर वकार की पत्नी के नाम से राशन का कोटा भी छिनवा दिया।
अखिलेश ग्रुप से है करीबी रिश्ता
सभी जानते हैं कि शान मियां का सपा में कार्यवाहक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ग्रुप से ताल्लुक रखते हैं। इसी रिश्ते के चलते शान मियां ने हालिया चुनाव में कोल में सपा महानगर अध्यक्ष व प्रत्याशी अज्जू इसहाक का चुनाव लड़ाया था।