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कोरोना संक्रमित भाई की सलामती के लिए बहनों ने थामी कान्हा की कलाई

Mon, 27 Jul 2020 02:15 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2020 02:15 AM IST
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Sisters pray for brother's safety
भाई के कोरोना संक्रमित होने पर उसके स्वस्थ होने की कामना करतीं बहनें। - फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी
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जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी... श्रीरामचरितमानस में तुलसीदासजी ने कहा है कि जिसकी जैसी दृष्टि होती है, उसे वैसी ही मूरत नजर आती है। यह पंक्तियां उन बहनों पर सही बैठती है, जिन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को ही अपना भाई मान लिया है। अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित भाइयों की सलामती के लिए बहनें कान्हा जी की शरण में हैं। उनका कहना है कि रक्षाबंधन पर कान्हा जी को भाई मानते हुए उनको ही राखी बांधूंगी।
हरदुआगंज निवासी रोहित पुत्र सुभाष गंगाशरण, उनकी पत्नी राखी की शनिवार को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। मां सुनीता देवी 22 जुलाई से कोरोना संक्र मित हैं। रोहित के भाई सचिन का दो महीने पहले एक्सीडेंट हुआ था। पंजे में 28 टांके आए थे। तीन अगस्त को रक्षाबंधन है। ऐसे में बहन काजल और मोनिका अपने भाई की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना कर रही हैं। दोनों बहनों का कहना है कि अगर रक्षाबंधन पर भाई घर नहीं आया तो कान्हा की कलाई पर राखीं बांधेंगी और लंबी उम्र की प्रार्थना करेंगी।
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क्वार्सी क्षेत्र के राजीव नगर कालोनी निवासी प्रदीप शर्मा पुत्र चंद्रपाल शर्मा भी कोरोना संक्रमण से ग्रस्त हैं। वह भी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। बहन स्नेहा शर्मा पत्नी प्रशांत शर्मा ने निर्णय लिया है कि भाई की अनुपस्थिति में वह लड्डूगोपाल के राखी बांधेंगी। स्नेहा अपने भाई की सलामती के लिए प्रार्थना भी करेंगी।
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इसके साथ ही शहर में कई कंटेंनमेंट एरिया में भी भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक कहे जाने वाले रक्षाबंधन के त्योहार पर प्रभाव पड़ेगा। कई भाइयों ने तो कंटेनमेंट के चलते अपनी बहनों को घर न आने की सलाह भी दी है।

कोरोना योद्धा डाकिये घर-घर पहुंचा रहे बहनों का प्यार
डाक विभाग के डाकिये इन दिनों डाक पहुंचाने में लगे हुए हैं। इन डाक में अब राखियां भी आना प्रारंभ हो गई हैं। अगर कोई क्षेत्र सील है तो संबंधित व्यक्ति को फोन कर सूचना दी जाती है और उनकी डाक उन तक पहुंचाई जाती है। यह सारा कार्य मास्क, सैनिटाइजेशन और सामाजिक दूरी के नियमों के साथ निरंतर जारी है। ऐसे में कोरोना योद्धा डाकिये भाइयों के घरों तक बहनों का प्यार पहुंचाने में जुटे हैं।
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