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उमा का कद बढ़ाकर साधा जातीय समीकरण
Sun, 24 Mar 2019 01:47 AM IST
राजेश सिंह
नगेश शर्मा
नगेश शर्मा
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 24 Mar 2019 01:47 AM IST
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उमा
- फोटो : Amar Ujala
लोकसभा चुनाव में टिकट वितरण के दौरान अलीगढ़ की सीट पर सतीश गौतम को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद से चले विरोध के घटनाक्रम से भाजपा में हलचल है। राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के आवास पर प्रत्याशी के खिलाफ हुई नारेबाजी और पुतला दहन की खबरें जब पार्टी हाईकमान पर पहुंचीं तो शाम को आनन-फानन में उमा भारती को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए जाने की घोषणा कर दी गई।
लोध समाज पर कल्याण सिंह की अच्छी पकड़ है। चर्चा है कि पार्टी को डर था कि कल्याण के नाराज होने से लोध समाज का वोट खिसक सकता है और उमा भारती का बचपन अलीगढ़ में बीता है और उनकी भी लोध समाज पर अच्छी पकड़ है। चूंकि लोध समाज अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, बुलंदशहर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छा असर रखते हैं इसलिए पार्टी चुनाव में कोई मौका चूकना नहीं चाहती।
उमा भारती का अलीगढ़ के चंदनिया इलाके में प्यारे लाल लोधी के परिवार में बचपन बीता है। मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वालीं उमा जब वह आठ वर्ष की थीं तभी अलीगढ़ आ गई थीं। स्वभाव से धार्मिक प्रवृत्ति की उमा बचपन से ही लोध समाज के आयोजनों में मंच पर संबोधित करने लगी थीं। युवावस्था तक वह यहां रहीं और उसके बाद राम जन्म भूमि आंदोलन में शामिल हो गईं। इसी के बाद उनका राजनीतिक जीवन शुरू हो गया।
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लोध समाज पर कल्याण सिंह की अच्छी पकड़ है। चर्चा है कि पार्टी को डर था कि कल्याण के नाराज होने से लोध समाज का वोट खिसक सकता है और उमा भारती का बचपन अलीगढ़ में बीता है और उनकी भी लोध समाज पर अच्छी पकड़ है। चूंकि लोध समाज अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, बुलंदशहर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छा असर रखते हैं इसलिए पार्टी चुनाव में कोई मौका चूकना नहीं चाहती।
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उमा भारती का अलीगढ़ के चंदनिया इलाके में प्यारे लाल लोधी के परिवार में बचपन बीता है। मूलत: मध्यप्रदेश की रहने वालीं उमा जब वह आठ वर्ष की थीं तभी अलीगढ़ आ गई थीं। स्वभाव से धार्मिक प्रवृत्ति की उमा बचपन से ही लोध समाज के आयोजनों में मंच पर संबोधित करने लगी थीं। युवावस्था तक वह यहां रहीं और उसके बाद राम जन्म भूमि आंदोलन में शामिल हो गईं। इसी के बाद उनका राजनीतिक जीवन शुरू हो गया।
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