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अलीगढ़ः पुनीत की हत्या के विरोध में मौन जुलूस, पुलिस बल रहा मुस्तैद
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जूलुस निकालती महिलाएं ।
- फोटो : CITY OFFICE
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सेंटर प्वाइंट स्थित सिटी सेंटर मॉल पर सफाई कर्मी पुनीत की हत्या और उसके बाद उपजे हालात के विरोध में वाल्मीकि समाज के लोगों में गुस्सा है। आक्रोशित लोगों ने सराय हकीम से रसलगंज तक मौन जुलूस निकालकर आक्रोश व्यक्त किया। मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये, सरकारी नौकरी, मॉल संचालक की गिरफ्तारी एवं मॉल में तोड़फोड़ मामले में वाल्मीकि समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग राज्यपाल से की गई है। मृतक के घर से लेकर रसलगंज तक बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
सेंटर प्वाइंट स्थित सिटी सेंटर मॉल में सोमवार को सफाई कर्मी पुनीत वाल्मीकि की हत्या हुई थी। बुधवार को वाल्मीकि समाज के लोग कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन के नेतृत्व में मृतक के सराय हकीम स्थित घर से जिलाधिकारी कार्यालय तक मौन जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसकी भनक लगने के बाद अधिकारी चौकन्ना हो गए।
एसीएम प्रथम संजय मिश्र एवं सीओ मोहसिन भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सराय हकीम स्थित मृतक के घर पर पहुंच गए। थाना बन्ना देवी एवं देहली गेट के इंस्पेक्टर भी मौजूद थे। अधिकारियों ने पहले तो समझा-बुझाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन समाज के लोग तैयार नहीं हुए। काफी समझाने के बाद लोग जिलाधिकारी कार्यालय के बदले रसलगंज तक जुलूस निकालने को तैयार हुए। पुलिस बल की घेराबंदी में ही मौन जुलूस निकाला गया। वाल्मीकि समाज के लोग हाथ में पोस्टर लेकर चल रहे थे। पोस्टर पर ‘पुनीत के हत्यारे को फांसी दो‘ लिखी थी। रसलगंज चौराहे पर कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम संजय मिश्रा को दिया। मौन जुलूस के कारण सराय हकीम से लेकर रसलगंज तक कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था बाधित हुई। इस अवसर पर राजेशराज जीवन, मोहित प्रताप, प्रदीप मदनलाल, मनीष, सुनील कुमार, शहनाज, प्रशांत राजोरिया, ऋषभ वाल्मीकि आदि मौजूद थे।
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बिलख रहीं थीं पुनीत की मां और बहन
अलीगढ़। मौन जुलूस में मृतक पुनीत की मां एवं बहन के अतिरिक्त पिता लक्ष्मण वाल्मीकि, बड़े भाई विजेंद्र सिंह के साथ ही घर एवं आसपास की महिलाएं भी शामिल हुईं। रसलगंज चौराहे पर मां एवं बहन बिलख रहीं थीं। लोग उनको सांत्वना दे रहे थे। बहन कह रही थी कि भाई के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। ब्यूरो
मॉल संचालक के पक्ष में व्यापारियों की गोलबंदी से श्यौराज नाराज
मौन जुलूस का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन ने कहा कि हमारे बच्चे को मार दिया गया। उद्यमी, व्यापारी, पेट्रोल पंप संचालक, होटल संचालक आदि मॉल संचालक के बचाव में आ गए हैं। दुकान एवं मार्र्केट बंद करने की धमकी दे रहे हैं। यह गरीब एवं सामंती मानसिकता के लोगों के बीच की लड़ाई है। भावुकता में आक्रोशित होकर शीशा तोड़ने पर हमारे बच्चों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मेरे ऊपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया जा रहा है, जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगे पूरी होनी चाहिए।
प्रमुख मांगें
- मॉल संचालक की गिरफ्तारी एवं मॉल को बंद किया जाए
- मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
- मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी एवं सरकारी आवास दिया जाए
- पुनीत के हत्यारों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए
- तोड़फोड़ के मामले में वाल्मीकि समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए
मीडियाकर्मी बनकर पहुंचे युवक के साथ धक्कामुक्की
मौन जुलूस के दौरान एक युवक मोबाइल से वीडियो बना रहा था। उसने श्यौराज जीवन से कुछ प्रश्न भी पूछ लिए। इससे नाराज कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया। युवक जब भीड़ से बाहर आया तो कुछ लोगों ने घेर लिया। उसके साथ हाथापाई भी शुरू हो गई। पुलिसकर्मी बीच बचाव कर युवक को अपने साथ ले गए। श्यौराज जीवन एवं राजेश राज जीवन ने आरोप लगाया कि युवक नशे में था। मीडियाकर्मी बनकर उल्टा सीधा सवाल पूछ रहा था। पकड़ा गया युवक अपने आप को एक मीडियाकर्मी का भांजा बता रहा था।
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सेंटर प्वाइंट स्थित सिटी सेंटर मॉल में सोमवार को सफाई कर्मी पुनीत वाल्मीकि की हत्या हुई थी। बुधवार को वाल्मीकि समाज के लोग कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन के नेतृत्व में मृतक के सराय हकीम स्थित घर से जिलाधिकारी कार्यालय तक मौन जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे थे। इसकी भनक लगने के बाद अधिकारी चौकन्ना हो गए।
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एसीएम प्रथम संजय मिश्र एवं सीओ मोहसिन भारी संख्या में पुलिस बल के साथ सराय हकीम स्थित मृतक के घर पर पहुंच गए। थाना बन्ना देवी एवं देहली गेट के इंस्पेक्टर भी मौजूद थे। अधिकारियों ने पहले तो समझा-बुझाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन समाज के लोग तैयार नहीं हुए। काफी समझाने के बाद लोग जिलाधिकारी कार्यालय के बदले रसलगंज तक जुलूस निकालने को तैयार हुए। पुलिस बल की घेराबंदी में ही मौन जुलूस निकाला गया। वाल्मीकि समाज के लोग हाथ में पोस्टर लेकर चल रहे थे। पोस्टर पर ‘पुनीत के हत्यारे को फांसी दो‘ लिखी थी। रसलगंज चौराहे पर कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम संजय मिश्रा को दिया। मौन जुलूस के कारण सराय हकीम से लेकर रसलगंज तक कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था बाधित हुई। इस अवसर पर राजेशराज जीवन, मोहित प्रताप, प्रदीप मदनलाल, मनीष, सुनील कुमार, शहनाज, प्रशांत राजोरिया, ऋषभ वाल्मीकि आदि मौजूद थे।
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बिलख रहीं थीं पुनीत की मां और बहन
अलीगढ़। मौन जुलूस में मृतक पुनीत की मां एवं बहन के अतिरिक्त पिता लक्ष्मण वाल्मीकि, बड़े भाई विजेंद्र सिंह के साथ ही घर एवं आसपास की महिलाएं भी शामिल हुईं। रसलगंज चौराहे पर मां एवं बहन बिलख रहीं थीं। लोग उनको सांत्वना दे रहे थे। बहन कह रही थी कि भाई के हत्यारों को फांसी की सजा दी जाए। ब्यूरो
मॉल संचालक के पक्ष में व्यापारियों की गोलबंदी से श्यौराज नाराज
मौन जुलूस का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता श्यौराज जीवन ने कहा कि हमारे बच्चे को मार दिया गया। उद्यमी, व्यापारी, पेट्रोल पंप संचालक, होटल संचालक आदि मॉल संचालक के बचाव में आ गए हैं। दुकान एवं मार्र्केट बंद करने की धमकी दे रहे हैं। यह गरीब एवं सामंती मानसिकता के लोगों के बीच की लड़ाई है। भावुकता में आक्रोशित होकर शीशा तोड़ने पर हमारे बच्चों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मेरे ऊपर भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया जा रहा है, जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि हमारी मांगे पूरी होनी चाहिए।
प्रमुख मांगें
- मॉल संचालक की गिरफ्तारी एवं मॉल को बंद किया जाए
- मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए
- मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी एवं सरकारी आवास दिया जाए
- पुनीत के हत्यारों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाए
- तोड़फोड़ के मामले में वाल्मीकि समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए
मीडियाकर्मी बनकर पहुंचे युवक के साथ धक्कामुक्की
मौन जुलूस के दौरान एक युवक मोबाइल से वीडियो बना रहा था। उसने श्यौराज जीवन से कुछ प्रश्न भी पूछ लिए। इससे नाराज कुछ लोगों ने युवक को पकड़ लिया। युवक जब भीड़ से बाहर आया तो कुछ लोगों ने घेर लिया। उसके साथ हाथापाई भी शुरू हो गई। पुलिसकर्मी बीच बचाव कर युवक को अपने साथ ले गए। श्यौराज जीवन एवं राजेश राज जीवन ने आरोप लगाया कि युवक नशे में था। मीडियाकर्मी बनकर उल्टा सीधा सवाल पूछ रहा था। पकड़ा गया युवक अपने आप को एक मीडियाकर्मी का भांजा बता रहा था।