{"_id":"5f189b8f8ebc3ea0726159fe","slug":"signature-campign-to-open-gym-city-office-news-ali2393254173","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिम खुलवाने के लिए हस्ताक्षर अभियान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिम खुलवाने के लिए हस्ताक्षर अभियान
विज्ञापन
घंटाघर चौराहे पर जिम खुलवाने के लिए हस्ताक्षर करते लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
कोरोना काल में जिम बंद होने से जिम संचालकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है । करीब चार महीने से जिम का संचालन बंद होने से संचालकों को आर्थिक बोझ तनाव देने लगा है । इससे निजात पाने के लिए जिम संचालकों ने जिम खुलवाने को लेकर चार दिवसीय हस्ताक्षर अभियान की मुहिम छेड़ी।
बुधवार को जिम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जिम खुलवाने के लिए हस्ताक्षर अभियान का शुरू हुआ। यह अभियान शास्त्री पार्क कठपुला से लेकर, दीवानी कचहरी, डीएम आवास से होते शास्त्री पार्क तक चला। अभियान में शामिल शिक्षाविद् डॉ. रक्षपाल सिंह ने बताया कि जिम संचालन होने से संचालकों के समक्ष आर्थिक समस्या का समाधान हो जाएगा।
समिति के अध्यक्ष मुजाहिद असलम ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठान, कंपनी, यातायात, जिम आदि बंद कर दिए गए थे। अब गाइड लाइंस के आधार पर सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठान, यातायात, फैक्ट्री आदि खोल दिए गए हैं, लेकिन जिम व खेल मैदान अभी भी नहीं खोले गए हैं। सचिव विनीत यादव ने कहा कि जिम संचालक व जिम प्रशिक्षकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। देवेश ने बताया कि जिस सरकार ने फिट इंडिया का नारा दिया हो उस सरकार ने जिम व खेल के मैदान के बारे में एक बार भी ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को जिम बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले जिम खुलवाने के लिए हस्ताक्षर अभियान का शुरू हुआ। यह अभियान शास्त्री पार्क कठपुला से लेकर, दीवानी कचहरी, डीएम आवास से होते शास्त्री पार्क तक चला। अभियान में शामिल शिक्षाविद् डॉ. रक्षपाल सिंह ने बताया कि जिम संचालन होने से संचालकों के समक्ष आर्थिक समस्या का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष मुजाहिद असलम ने बताया कि लॉकडाउन के कारण सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठान, कंपनी, यातायात, जिम आदि बंद कर दिए गए थे। अब गाइड लाइंस के आधार पर सभी छोटे-बड़े प्रतिष्ठान, यातायात, फैक्ट्री आदि खोल दिए गए हैं, लेकिन जिम व खेल मैदान अभी भी नहीं खोले गए हैं। सचिव विनीत यादव ने कहा कि जिम संचालक व जिम प्रशिक्षकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। देवेश ने बताया कि जिस सरकार ने फिट इंडिया का नारा दिया हो उस सरकार ने जिम व खेल के मैदान के बारे में एक बार भी ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन