बिना लाइसेंस बेच रहे तीन करोड़ का जहर
बिना लाइसेंस बेच रहे तीन करोड़ का जहर
तरुण प्रताप सिंह
अलीगढ़। विभागीय अनदेखी के चलते जनपद में पेस्टीसाइड, इंसेक्टीसाइड और दूसरे विषाक्त पदार्थ बिना लाइसेंस जमकर बेचे जा रहे हैं। मक्खी, मच्छर, काकरोच आदि दवाओं की बिक्री के लिए दुकानदारों को कृषि विभाग से लाइसेंस लेना होता है, लेकिन मंडल कार्यालय होने के बाद भी इस ओर किसी भी अफसर कोई ध्यान नहीं है। जानकारों की मानें तो लाइसेंस के जरिए सालाना लगभग तीन करोड़ रुपये और बगैर लाइसेंस के भी लगभग तीन करोड़ का कारोबार हो रहा है। अलीगढ़ का विस्तार होने के साथ मच्छर, मक्खी और कीटों को मारने की दवाओं की बिक्री लगातार बढ़ रही है।
नियमानुसार मक्खी, मच्छर और कॉकरोच मार दवा बेचने के लिए कृषि विभाग से हाउस होल्ड का लाइसेंस लेना होता है। लेकिन विभागीय सूत्रों की मानें तो जनपद में करीब पांच साल पहले एक ही कारोबारी ने यह लाइसेंस लेकर थोक का काम शुरू किया था। इसके बाद लोगों की जरूरत को देखते हुए यह कारोबार खूब फैला, लेकिन विभाग से किसी ने लाइसेंस तक नहीं लिया। वहीं, अफसरों की इसी उदासीनता का लाभ उठाते हुए कुछ दुकानदारों ने नकली उत्पाद बेचना भी शुरू कर दिया। इससे उपभोक्ताओं को मच्छर आदि से तो राहत नहीं मिलती, लेकिन उनकी जेब जरूर ढीली हो रही है।