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शब्बीर के सुुरों से कोहिनूर हुआ सराबोर
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:59 AM IST
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सोमवार की रात राजकीय औद्योगिक एवं कृषि प्रदर्शनी के कोहिनूर मंच पर एक बार तो यह लगा कि 80 और 90 के दशक का वह सुरीले नग्मों का दौर लौट आया है। यहां पर मशहूर पार्श्व गायक शब्बीर कुमार की नाइट थी। जिस तरह पंडाल भरा हुआ था उससे साफ था कि आज भी सुनने वाले मेलोडी और ऐसे गानों को गाने वाले गायकों को पसंद करते हैं।
शब्बीर कुमार ने एक के बाद एक अपने सुपरहिट गीतों को प्रस्तुत किया तो वक्त का पता ही नहीं चला। भीड़ सांसें थाम कर बैठी रही और शब्बीर अपने सुरों का जादू बिखरते रहे। शब्बीर ने मंच पर आकर सबसे पहले पार्श्व गायक मो. रफी को उनके ही गीत ‘वो जब याद आए, बहुत याद आए’ गाकर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद ‘दिल का भंवर करे पुकार’ और ‘गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं’ के साथ रफी साहब की यादें ताजा कीं। इसके बाद शब्बीर कुमार ने अपने फिल्मी कैरियर का पहला गीत जो अमिताभ बच्चन पर फिल्म कुली के लिए फिल्माया गया था, उसे पेश किया। ‘मदीने वाले से मेरा सलाम कहना’ इस गीत ने माहौल सूफियाना कर दिया। फिल्म मर्द का गीत ‘मां शेरावाली ओ मां शेरावाली’ गीत को सांप्रदायिक सौहार्द के नाम पेश किया।
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इसके बाद शब्बीर कुमार ने अपने हिट गीतों का जो सिलसिला शुरु किया, उस के सम्मोहन में पब्लिक बंध गई। सुनने वालों ने एक एक गीत पर जमकर तालियां बजाईं। अब तक की नुमाइश में कोहिनूर सभागार में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। यहां तक कि अधिकारी भी देर रात तक जमे रहे।
इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी, नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने दीप प्रज्जवित करके किया। शब्बीर कुमार ने यहां अलीगढ़ में लाने के लिए संगीतकार नौशाद मंजर का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर कार्यकारिणी सदस्य विष्णु कुमार बंटी, मुबीन खान, सीडीओ धीरेंद्र सिंह सचान, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम आदि मौजूद थे।
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शब्बीर कुमार ने एक के बाद एक अपने सुपरहिट गीतों को प्रस्तुत किया तो वक्त का पता ही नहीं चला। भीड़ सांसें थाम कर बैठी रही और शब्बीर अपने सुरों का जादू बिखरते रहे। शब्बीर ने मंच पर आकर सबसे पहले पार्श्व गायक मो. रफी को उनके ही गीत ‘वो जब याद आए, बहुत याद आए’ गाकर श्रद्धांजलि दी।
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इसके बाद ‘दिल का भंवर करे पुकार’ और ‘गुलाबी आंखें जो तेरी देखीं’ के साथ रफी साहब की यादें ताजा कीं। इसके बाद शब्बीर कुमार ने अपने फिल्मी कैरियर का पहला गीत जो अमिताभ बच्चन पर फिल्म कुली के लिए फिल्माया गया था, उसे पेश किया। ‘मदीने वाले से मेरा सलाम कहना’ इस गीत ने माहौल सूफियाना कर दिया। फिल्म मर्द का गीत ‘मां शेरावाली ओ मां शेरावाली’ गीत को सांप्रदायिक सौहार्द के नाम पेश किया।
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इसके बाद शब्बीर कुमार ने अपने हिट गीतों का जो सिलसिला शुरु किया, उस के सम्मोहन में पब्लिक बंध गई। सुनने वालों ने एक एक गीत पर जमकर तालियां बजाईं। अब तक की नुमाइश में कोहिनूर सभागार में सबसे ज्यादा भीड़ देखी गई। यहां तक कि अधिकारी भी देर रात तक जमे रहे।
इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन एडीएम सिटी अवधेश कुमार तिवारी, नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने दीप प्रज्जवित करके किया। शब्बीर कुमार ने यहां अलीगढ़ में लाने के लिए संगीतकार नौशाद मंजर का शुक्रिया अदा किया। इस मौके पर कार्यकारिणी सदस्य विष्णु कुमार बंटी, मुबीन खान, सीडीओ धीरेंद्र सिंह सचान, सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गौतम आदि मौजूद थे।