{"_id":"608c5c678ebc3e8dc1318b0c","slug":"seven-days-have-passed-far-from-setting-up-an-oxygen-plant-no-proposals-were-made-city-office-news-ali2622141122","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात दिन गुजरे ... ऑक्सीजन प्लांट लगाना तो दूर, प्रस्ताव भी नहीं दिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात दिन गुजरे ... ऑक्सीजन प्लांट लगाना तो दूर, प्रस्ताव भी नहीं दिए
विज्ञापन
जिले में ऑक्सीजन की किल्लत और निजी अस्पताल संचालकों की मनमानी का सिलसिला जारी है। 23 अप्रैल को जिला प्रशासन ने निजी कोविड अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक की थी। इसमें डीएम ने साफ तौर पर कहा था कि निजी अस्पतालों में सात दिन के भीतर ऑक्सीजन संयंत्र प्लांट की स्थापना करनी है, जिससे कि ऑक्सीजन की किल्लत पर काबू पाया जा सके। कम से कम निजी कोविड अस्पताल अपने यहां भर्ती मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था खुद से कर सकें। मगर, इस आदेश का पालन नहीं हुआ।
असंवेदनशीलता की हद यह है कि अभी तक किसी ने प्रपोजल भी तैयार नहीं किया है। इधर, जिले में बीते दो दिन से बाहर से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हुई है। कासिमपुर के राधा गैस प्लांट के भरोसे ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती मरीजों की सांसें चल रही हैं। इधर, प्रशासन के सामने जनता, निजी अस्पताल और फिर सरकारी कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन गैस दिलाने की चुनौती बनी हुई है।
कासिमपुर के राधा गैस प्लांट पर बुधवार की रात को गैस लेने पहुंचे लोगों ने फिर से हंगामा काट दिया। जैसे-तैसे हालात पर काबू पाया गया। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह के बदले गैस आपूर्ति के लिए जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान को नोडल अधिकारी बनाया गया।
विज्ञापन
इसके अलावा, वहां पुलिस की तैनाती सुरक्षा के लिहाज से की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के तीन इंस्पेक्टर पद के अधिकारियों की ड्यूटी राधिका एयर प्रोडक्ट्स, तालानगरी पर आठ-आठ घंटे की शिफ्ट के हिसाब से लगाई गई है।
प्रभारी डीएम/सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि प्रशासन आपदा के समय में सभी चुनौतियों से टकराते हुए हर हाल में मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा है। कोविड अस्पताल प्राथमिकता में हैं। निजी अस्पतालों के संचालकों को प्लांट स्थापना के निर्देश दिए थे। उनसे इसकी प्रगति की रिपोर्ट तलब की जाएगी। हर हाल में इस समस्या से निपटारे के लिए प्लानिंग की जा रही है।
विज्ञापन
असंवेदनशीलता की हद यह है कि अभी तक किसी ने प्रपोजल भी तैयार नहीं किया है। इधर, जिले में बीते दो दिन से बाहर से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हुई है। कासिमपुर के राधा गैस प्लांट के भरोसे ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर भर्ती मरीजों की सांसें चल रही हैं। इधर, प्रशासन के सामने जनता, निजी अस्पताल और फिर सरकारी कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन गैस दिलाने की चुनौती बनी हुई है।
विज्ञापन
कासिमपुर के राधा गैस प्लांट पर बुधवार की रात को गैस लेने पहुंचे लोगों ने फिर से हंगामा काट दिया। जैसे-तैसे हालात पर काबू पाया गया। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह के बदले गैस आपूर्ति के लिए जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान को नोडल अधिकारी बनाया गया।
विज्ञापन
इसके अलावा, वहां पुलिस की तैनाती सुरक्षा के लिहाज से की गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के तीन इंस्पेक्टर पद के अधिकारियों की ड्यूटी राधिका एयर प्रोडक्ट्स, तालानगरी पर आठ-आठ घंटे की शिफ्ट के हिसाब से लगाई गई है।
प्रभारी डीएम/सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि प्रशासन आपदा के समय में सभी चुनौतियों से टकराते हुए हर हाल में मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा रहा है। कोविड अस्पताल प्राथमिकता में हैं। निजी अस्पतालों के संचालकों को प्लांट स्थापना के निर्देश दिए थे। उनसे इसकी प्रगति की रिपोर्ट तलब की जाएगी। हर हाल में इस समस्या से निपटारे के लिए प्लानिंग की जा रही है।