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Aligarh News: पुलिस के पेट में दम तोड़ गए पिसावा रियासत की चोरी के राज, रफा-दफा कर दिया था प्रकरण

Tue, 24 Jun 2025 01:17 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 24 Jun 2025 01:17 PM IST
सार

कुंवर यादवेंद्र सिंह बताते हैं कि जब वे चोरी की सुरागकशी में लगे तो पता चला कि मुकदमा कराने से एक माह पहले यानि 17 फरवरी को गांव रायपुर में एक शादी में हुए झगड़े में एक युवक ने आधा दर्जन राउंड फायर किए थे। इस युवक को पब्लिक ने पकड़ा था। जिससे एक बैवले स्कॉट रिवाल्वर मिली।

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secret of the theft of Pisawa estate is not yet solved
पिसावा में हवेली का गेट - फोटो : संवाद

विस्तार

अलीगढ़ की पिसावा रियासत (दोआब स्टेट) की हवेली से बेशकीमती ट्रॉफियों-हथियार व जेवरात की चोरी का बेशक खुलासा नहीं हुआ, लेकिन तीन करोड़ की इस चोरी का मुकदमा पिसावा पुलिस की भूमिका पर जरूर सवाल खड़े कर गया। जिस तरह के तथ्य इस चोरी को लेकर सामने आए हैं, वे यही कहते हैं कि शायद पिसावा पुलिस के पेट में इस चोरी के राज दफन होकर रह गए।

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राय बहादुर स्व. शिवदान सिंह की पिसावा रियासत (दोआब स्टेट) के एक हिस्से के वारिस कुंवर यादवेंद्र सिंह हैं। उन्होंने हवेली में चोरी के संबंध में 22 मार्च 2015 को पिसावा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस विषय में कुंवर यादवेंद्र सिंह बताते हैं कि जब वे चोरी की सुरागकशी में लगे तो पता चला कि मुकदमा कराने से एक माह पहले यानि 17 फरवरी को गांव रायपुर में एक शादी में हुए झगड़े में एक युवक ने आधा दर्जन राउंड फायर किए थे। इस युवक को पब्लिक ने पकड़ा था। जिससे एक बैवले स्कॉट रिवाल्वर मिली।
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पुलिस युवक को रिवाल्वर सहित थाने ले आई। ग्रामीणों ने पकड़े गए युवक व रिवाल्वर के मोबाइल में फोटो भी कैद किए। यह फोटो यादवेंद्र सिंह को देखने को मिले तो उन्होंने अपनी रिवाल्वर पहचान ली। इधर, पता चला कि युवक को थाने से चंद रुपये लेकर छोड़ दिया गया।

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घटना बहुत पुरानी है। एफआर के बाद भी खोजबीन और जांच-पड़ताल जारी है। घटना में नए सिरे से समीक्षा की जाएगी। - अमृत जैन, पुलिस अधीक्षक देहात

इस तरह घटनाक्रम

  • 21 मार्च 2015 को 3 माह बाद स्टेट स्वामी कुंवर हवेली पहुंचे
  • 22 मार्च 2015 को उनके द्वारा चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया
  • 2015 अगस्त में इस मुकदमे की जांच क्राइम ब्रांच को दी गई
  • 2018 जून माह में पुलिस ने साक्ष्य न मिलने पर एफआर लगा दी


ये गया चोरी
11 एंटिक विदेशी हथियारों में 7 लाइसेंसी व 4 ऐसे हथियार जिन्हें लाइसेंस की जरूरत नहीं थी। 500 ग्राम सोना जडि़त दो व चांदी जडि़त पांच बेशकीमती विदेशी ट्रॉफियां, चांदी के बर्तन-सिक्के व जेवरात।
यह भी पढ़ें... जिनको था राय बहादुर का खिताब: उनकी हवेली में तीन करोड़ की चोरी का नहीं सुराग, मुकदमा बंद कर भूल गई पुलिस
लगाया था निजी जासूस भी
यादवेंद्र सिंह ने अपनी परिचित सपा सांसद जया बच्चन संग उस समय मुलायम सिंह यादव, तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, डीजीपी, गृह मंत्री से निजी तौर पर मुलाकात की। अंदेशा जताया है कि पुलिस को इस युवक के जरिये चोरी गए सभी हथियारों व जेवरातों की भी जानकारी हो गई, मगर जानबूझकर यह माल आज तक बरामद नहीं कराया जा रहा। इसे लेकर दिल्ली की एक निजी जासूस कंपनी का एजेंट भी लगाया गया, मगर वह भी कोई मदद न कर सका।

इसलिए भी पुलिस ने साधी चुप्पी
इस मामले में एक मुकदमा हवेली के मुंशी परिवार पर यादवेंद्र सिंह ने धमकाने का कराया। इसमें कहा था कि वे चोरी के बाद इलाके में आए थे, तो मुंशी व उसके परिवार ने यह कहते हुए धमकाया था कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया तो परिणाम अच्छे नहीं होंगे। हालांकि इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। बाद में मुंशी परिवार ने खुद के उत्पीड़न का आरोप लगाकर मानवाधिकार आयोग में शिकायत कर दी। इस पर पुलिस के खिलाफ सीबीसीआईडी जांच के आदेश हुए। इसके चलते पुलिस ने मुकदमे में चुप्पी साध ली।

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