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दो बूचड़खानाें पर लगाई सील

Sat, 25 Mar 2017 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sat, 25 Mar 2017 02:18 AM IST
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Seal on two slaughter houses
Seal on two slaughter houses - फोटो : Dig Vishal
अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों के खिलाफ अभियान जारी है। शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने मकदूमनगर में दो बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने एक गोदाम की दीवार तोड़कर अंदर रखे माल को नष्ट करा दिया तो दूसरे गोदाम में रखे माल पर जेसीबी से गढ़ढ़ा खुदवाकर मिट्टी डलवा दी। इसके बाद दोनों कट्टीघरों को सील कर दिया गया। 
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सिटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में गई पुलिस समेत अन्य विभागों की टीम ने सर्वप्रथम मकदूमनगर स्थित नईम के गोदाम पर छापा मारा।
 इस दौरान वहां जानवरों के आमाशय संबंधी करीब दो ट्रक माल बरामद हुआ। माल को जब्त करने के बजाय टीम ने वहीं जेसीबी से गढ्ढा खुदवाकर मिट्टी डलवा दी। इसके बाद उसी के बगल में बने सगीर के बूचड़खाने पर धावा बोला। गोदाम में घुसने के लिए जगह कम होने के चलते इसकी दीवार जेसीबी की मद्द से ढ़हा दी गई। यहां बड़ी मात्रा में मांस के लोथड़े व उससे बने चिप्स आदि धूप में सूखते नजर आए तो ताजा गोश्त भी बरामद हुआ। इस सारे माल को नष्ट करा दिया गया। टीम की कार्रवाई के दौरान वहां हड़कंप मचा रहा। कुछ लोगों ने टीम के अधिकारियों से वार्ता करने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक न सुनी गई। सिटी मजिस्ट्रेट विमल कुमार अग्रवाल ने बताया कि अवैध बूचड़खानों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। सीओ फर्स्ट राज कुमार ने बताया कि नईम पहलवान और उसके चाचा ताऊ के लड़के मिल कर इन सभी बूचड़खानों को संचालित कर रहे थे। इन सब पर एक साथ कार्रवाई की गई है। 
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होटल में ग्राहकों की आई कमी 
कट्टीघरों पर शिकंजा कसने के साथ ही होटल व्यवसाय पर असर पड़ने लगा है। गोश्त न मिलने पर कई छोटे-मोटे होटल बंद हो गए हैं, जो खुल रहे हैं, उनमें माल की कमी आड़े आ रही है। ऊपरकोट के होटल संचालक मोहम्मद इमरान ने कहा कि गोश्त की कमी के चलते होटल व्यवसाय पर फर्क पड़ा है।
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भईयू होटल संचालक अब्दुल गनी बताते हैं कि उनकी दुकान 1947 की है। पहली बार गोश्त की सप्लाई कम आ रही है। सपा महानगर अध्यक्ष अज्जू इसहाक ने बताया कि कट्टीघरों पर छापेमारी से पहले कट्टीघर संचालकों को कुछ समय दिया जाना चाहिए था। उधर, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष डॉ. विश्वमित्र आर्य ने कहा कि सारसौल जीटी रोड पर दिन-ब-दिन मुर्गे बेचने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसलिए इस अवैध मुर्गा मंडी को कहीं और स्थानांतरित किया जाए।
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