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एसडीओ सहित तीन बिजली कर्मी निलंबित
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बिजली उपभोक्ताओं के बिलों में रीडिंग कम करके लाखों रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में विभागीय अधिकारियों ने एक एसडीओ, एक अवर अभियंता और एक कार्यकारी सहायक को निलंबित कर दिया गया है। अब विभाग की ओर से इन्हें चार्जशीट देने की तैयारी की जा रही है।
कुछ दिनों पहले बिजली विभाग के निदेशक (व्यैक्तिक) ने समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में रीडिंग और बकाए की राशि में अंतर पाया गया। इस अंतर का जब कारण पूछा गया तो उन्हें कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दिया गया। इसके बाद निदेशक स्तर से ही मामले की जांच अधिशासी अभियंता (मीटर) को सौंप दी गई। जांच में पाया गया कि न्यू रिजवी अपार्टमेंट, सिक्योरिटी निवासी मुन्ने खा पुत्र इस्माइल खां के पांच किलोवाट के कनेक्शन पर और इमरान सबीर के बिजली कनेक्शन पर 1.05 लाख रीडिंग (केएचडब्ल्यू) को छुपाया गया। इससे विभाग को करीब 8.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ। जांच में विद्युत नगरीय वितरण खंड चतुर्थ के एसडीओ (प्रथम) सौरभ मंगला, मेडिकल रोड बिजलीघर के जेई धनवेंद्र यादव और नगरीय वितरण खंड चतुर्थ के कार्यकारी सहायक समर्थ पाठक की भूमिका दोषपूर्ण पाया गया, जिसके बाद तीनों को निलंबित कर दिया गया।
इस पूरे प्रकरण में में 33 केवी बिजली घर मेडिकल रोड के जेई धनवेंद्र यादव कम रीडिंग सत्यापित की। जिसका बिल संशोधन बिल क्लर्क समर्थ पाठक ने किया। इस कम संशोधित बिल को एसडीओ सौरभ मंगला ने स्वीकृत किया। इस तरह इन दोनों स्टोर्ड रीडिंग प्रकरणों में विभाग को 8.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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- एसके वर्मा, प्रबंध निदेशक, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
जेई धनवेंद्र यादव पर कम रीडिंग सत्यापित कर विभाग को क्षति पहुंचाने का प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इस कदाचरण में बिल क्लर्क समर्थ पाठक भी शामिल हैं। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- राजीव जैन, मुख्य अभियंता
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कुछ दिनों पहले बिजली विभाग के निदेशक (व्यैक्तिक) ने समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में रीडिंग और बकाए की राशि में अंतर पाया गया। इस अंतर का जब कारण पूछा गया तो उन्हें कोई संतोष जनक उत्तर नहीं दिया गया। इसके बाद निदेशक स्तर से ही मामले की जांच अधिशासी अभियंता (मीटर) को सौंप दी गई। जांच में पाया गया कि न्यू रिजवी अपार्टमेंट, सिक्योरिटी निवासी मुन्ने खा पुत्र इस्माइल खां के पांच किलोवाट के कनेक्शन पर और इमरान सबीर के बिजली कनेक्शन पर 1.05 लाख रीडिंग (केएचडब्ल्यू) को छुपाया गया। इससे विभाग को करीब 8.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ। जांच में विद्युत नगरीय वितरण खंड चतुर्थ के एसडीओ (प्रथम) सौरभ मंगला, मेडिकल रोड बिजलीघर के जेई धनवेंद्र यादव और नगरीय वितरण खंड चतुर्थ के कार्यकारी सहायक समर्थ पाठक की भूमिका दोषपूर्ण पाया गया, जिसके बाद तीनों को निलंबित कर दिया गया।
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इस पूरे प्रकरण में में 33 केवी बिजली घर मेडिकल रोड के जेई धनवेंद्र यादव कम रीडिंग सत्यापित की। जिसका बिल संशोधन बिल क्लर्क समर्थ पाठक ने किया। इस कम संशोधित बिल को एसडीओ सौरभ मंगला ने स्वीकृत किया। इस तरह इन दोनों स्टोर्ड रीडिंग प्रकरणों में विभाग को 8.80 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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- एसके वर्मा, प्रबंध निदेशक, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
जेई धनवेंद्र यादव पर कम रीडिंग सत्यापित कर विभाग को क्षति पहुंचाने का प्रथम दृष्टया मामला बनता है। इस कदाचरण में बिल क्लर्क समर्थ पाठक भी शामिल हैं। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
- राजीव जैन, मुख्य अभियंता