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अलीगढ़ : आस्था व भक्ति बयार...चहुंओर भोले की जय-जयकार
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सावन में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि भक्तों को इस मास में भोलेनाथ की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इसको लेकर सावन के अंतिम सोमवार को आस्था और भक्ति बयार बही, शिवालयों में भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गुंजायमान होता रहा। भक्तों ने बाबा का शृंगार करने के साथ ही रुद्राभिषेक किया।
खेरश्वरधाम मंदिर में भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं दूध चढ़ाकर मनौतियां मांगी। देर शाम यहां महाआरती में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर भोलेनाथ से आशीर्वाद लिया। अचल ताल स्थित अचलेश्वर धाम मंदिर में भी सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। उन्होंने शिवलिंग पर जलाभिषेक और दूध से अभिषेक करने के बाद पूजा-अर्चना की। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में बाबा के दर्शनों के लिए भारी भीड़ रही। उन्होंने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, फूल, बेलपत्र, धतूरा, शहद, इत्र, भांग एवं अक्षत चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया। मंदिरों में फूल बंगला सजाने के साथ ही रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। गभाना के कन्होई गांव स्थित श्री सिद्धनाथ भुमियां बाबा आश्रम एवं अतरौली के बिजौली के पातालेश्वर महादेव मंदिर समेत देहात क्षेत्र के सभी शिव मंदिरों और शिवालयों में भक्तों का जनसैलाब रहा। मंदिरों पर सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स एवं मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
रोडवेज बसें शहर में न आने से परेशान रहे यात्री
प्रशासन ने भारी वाहनों के साथ ही रोडवेज बसों को शहर में आने पर रोक लगा दी थी। दिल्ली, मथुरा, आगरा एवं एटा की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास से होकर गुजारा गया। सुबह से दोपहर बाद तक शहर आने वाले लोग हाईवे और जीटी रोड से पैदल या दूसरे वाहनों का सहयोग लेकर गंतव्य को पहुंच सके। यही हाल यहां से दूसरे शहरों को जाने वाले यात्रियों का रहा। इस दौरान आवागमन में उन्हें दिक्कतें उठानी पड़ी।
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खेरश्वरधाम मंदिर में भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं दूध चढ़ाकर मनौतियां मांगी। देर शाम यहां महाआरती में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर भोलेनाथ से आशीर्वाद लिया। अचल ताल स्थित अचलेश्वर धाम मंदिर में भी सुबह से भक्तों की कतार लगी रही। उन्होंने शिवलिंग पर जलाभिषेक और दूध से अभिषेक करने के बाद पूजा-अर्चना की। जयगंज स्थित मंगलेश्वर महादेव मंदिर में बाबा के दर्शनों के लिए भारी भीड़ रही। उन्होंने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, फूल, बेलपत्र, धतूरा, शहद, इत्र, भांग एवं अक्षत चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया। मंदिरों में फूल बंगला सजाने के साथ ही रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। गभाना के कन्होई गांव स्थित श्री सिद्धनाथ भुमियां बाबा आश्रम एवं अतरौली के बिजौली के पातालेश्वर महादेव मंदिर समेत देहात क्षेत्र के सभी शिव मंदिरों और शिवालयों में भक्तों का जनसैलाब रहा। मंदिरों पर सुरक्षा की दृष्टि से फोर्स एवं मजिस्ट्रेट तैनात रहे।
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रोडवेज बसें शहर में न आने से परेशान रहे यात्री
प्रशासन ने भारी वाहनों के साथ ही रोडवेज बसों को शहर में आने पर रोक लगा दी थी। दिल्ली, मथुरा, आगरा एवं एटा की ओर से आने वाले वाहनों को बाईपास से होकर गुजारा गया। सुबह से दोपहर बाद तक शहर आने वाले लोग हाईवे और जीटी रोड से पैदल या दूसरे वाहनों का सहयोग लेकर गंतव्य को पहुंच सके। यही हाल यहां से दूसरे शहरों को जाने वाले यात्रियों का रहा। इस दौरान आवागमन में उन्हें दिक्कतें उठानी पड़ी।

श्री मंगलेश्वर महादेव मंदिर में महाआरती में शामिल भक्त।- फोटो : CITY OFFICE
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