{"_id":"62c34c71d9e0585a7639d147","slug":"samples-sent-to-test-the-dirty-water-coming-from-the-hand-pump-city-office-news-ali295344852","type":"story","status":"publish","title_hn":"हैंडपंप से आ रहे गंदे पानी की जांच के लिए भेजे नमूने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हैंडपंप से आ रहे गंदे पानी की जांच के लिए भेजे नमूने
विज्ञापन
रोरावर क्षेत्र में पानी की जांच करने पहुंचे एसीएम प्रथम केबी सिंह ।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोरावर व लोधा क्षेत्र के चमरौला, अमरपुर कोंडला, मकदूम नगर, शाहपुर कुतुब क्षेत्र में हैंडपंपों से निकल रहे लाल पानी व मांस के टुकड़ों की जांच के लिए सोमवार को प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जल निगम की टीम पहुंची। टीम ने ग्रामीणों से पानी के बार में जानकारी की।
एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, पंचायती राज विभाग की टीम शाहपुर कुतुब के माजरा चमरौला में पहुंची। टीम ने यहां से दो हैंडपंप के पानी के नमूने लिए। इलाके की एक मीट फैक्टरी से भी एसटीपी प्लांट से नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा है। टीम के अनुसार इलाके में कई मीट फैक्ट्रियां हैं।
इन मीट फैक्ट्रियों में रोजाना सैकड़ों पशुओं का कटान होता है। शासन से निर्धारित मानकों के मुताबिक मीट फैक्ट्रियों को परिसर के अंदर ही कटान के मलबे का निस्तारण करना होता है, लेकिन अधिकांश मीट फैक्ट्रियों में इसका सही ढंग से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने हैंडपंपों से लाल पानी आने को लेकर हंगामा किया था। डीएम इंद्र विक्रम सिंह से शिकायत भी की थी। डीएम के आदेश पर संयुक्त टीमों ने पहुंचकर जांच की और नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भिजवाया है। एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद मीट फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, पंचायती राज विभाग की टीम शाहपुर कुतुब के माजरा चमरौला में पहुंची। टीम ने यहां से दो हैंडपंप के पानी के नमूने लिए। इलाके की एक मीट फैक्टरी से भी एसटीपी प्लांट से नमूना लेकर प्रयोगशाला भेजा है। टीम के अनुसार इलाके में कई मीट फैक्ट्रियां हैं।
विज्ञापन
इन मीट फैक्ट्रियों में रोजाना सैकड़ों पशुओं का कटान होता है। शासन से निर्धारित मानकों के मुताबिक मीट फैक्ट्रियों को परिसर के अंदर ही कटान के मलबे का निस्तारण करना होता है, लेकिन अधिकांश मीट फैक्ट्रियों में इसका सही ढंग से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने हैंडपंपों से लाल पानी आने को लेकर हंगामा किया था। डीएम इंद्र विक्रम सिंह से शिकायत भी की थी। डीएम के आदेश पर संयुक्त टीमों ने पहुंचकर जांच की और नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भिजवाया है। एसीएम प्रथम कुंवर बहादुर सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद मीट फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन