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ध्यान दें: कहीं मिठाई-नमकीन के साथ बीमारी तो नहीं खरीद रहे आप, नमूने हुए फेल,अब दर्ज होगा मुकदमा

Thu, 13 Feb 2025 12:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 13 Feb 2025 12:11 PM IST
सार

चिकित्सक डॉ. प्रदीप बंसल ने बताया कि खराब गुणवत्ता की मिठाई नमकीन धीमा जहर जैसा असर करती हैं। इनका असर तुरंत नहीं दिखाई देता है। इनके लगातार सेवन से किडनी, लीवर, धमनियों में ब्लॉकेज, पाचन संबंधी जटिल समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बच्चों की सेहत के लिए तो यह बहुत घातक हैं।

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Samples of sweets and snacks failed
मिठाई की दुकान - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

अगर आप बाजार से नमकीन और मिठाई खरीदने जा रहे हैं तो सावधान हो जाएइ। अलीगढ़ में मिठाई के 52 और नमकीन के 15 नमूने फेल हो गए हैं। प्रयोगशाला से जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि नमकीन बेहद घटिया क्वालिटी की थी। मियाद समाप्त होने के बाद भी बाजार में बेची जा रही थी।

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जांच में मिठाई में खतरनाक किस्म का केमिकल भी मिला है। चीनी की जगह सैकरीन का इस्तेमाल पाया गया है। नमकीन बनाने में रद्दी तेल का प्रयोग किया गया है। कलर का भी प्रयोग किया गया है। अब खाद्य विभाग संबंधित दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जा रहा है।

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मिठाई : 116 नमूने लिए गए थे। 6 फरवरी को आई जांच रिपोर्ट में 52 नमूने फेल आए। इसमें मैदा, घटिया खोआ, चीनी की जगह सैकरीन, केमिकल रंग आदि पाया गया।
घर पर ऐसे जांच करें : सामान्य से अधिक चमक, सुंदर दिखे तो सतर्क हो जाएं। सस्ती मिठाई पर चांदी के वर्क का काम है तो घटिया सामग्री की संभावना अधिक होती है। इस्तेमाल की अवधि जांच लें। कुछ मिठाइयों को फ्रिज में नहीं रखें, मॉइस्चर आ सकता है। इससे फंगस की संभावना रहती है।

नमकीन : 28 नमूने लिए। 6 फरवरी को आई जांच रिपोर्ट में 15 फेल पाए गए। इनकी मियाद निकल चुकी थी। कलर मिला पाया गया
घर पर ऐसे जांच करें : अधिक मसाला युक्त नमकीन दिख रही हो, कुछ अजीब गंध आ रही हो तो जान लें कि नमकीन की गुणवत्ता खराब है।

खराब गुणवत्ता की मिठाई नमकीन धीमा जहर जैसा असर करती हैं। इनका असर तुरंत नहीं दिखाई देता है। इनके लगातार सेवन से किडनी, लीवर, धमनियों में ब्लॉकेज, पाचन संबंधी जटिल समस्याएं पैदा हो सकती हैं। बच्चों की सेहत के लिए तो यह बहुत घातक हैं। - डॉ. प्रदीप बंसल, वरिष्ठ चिकित्सक
विभाग के पास ताजा रिपोर्ट 31 जनवरी 2025 को आई है। इसमें जो नमूने फेल पाए गए हैं उनके खिलाफ विभागीय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है। जिन मामलों में विभाग की ओर से वाद दायर किया जाना है उसमें वाद भी दायर करने की तैयारी है। - दीनानाथ यादव, मंडलीय खाद्य सुरक्षा आयुक्त

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