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अलीगढ़ : साथा चीनी मिल बंद, भड़के किसानों ने किया हंगामा
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साथा चीनी मिल बंद होने पर प्रदर्शन करते किसान।
- फोटो : JAWAN
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साथा चीनी मिल प्रबंधन ने रविवार को अचानक चीनी मिल बंद कर गन्ना लेने से इंकार कर दिया। इससे किसान आक्रोशित हो गए। चीनी मिल पर हंगामा किया। महाप्रबंधक की अनुपस्थिति में चीनी मिल के चीफ केमिस्ट गन्ना किसानों से वार्ता करने पहुंचे तो किसानों ने उनसे धक्का-मुक्की की। सूचना पर पुलिस समेत प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। किसानों को आश्वस्त किया कि उनका गन्ना दूसरी चीनी मिलों में भिजवाया जाएगा।
गन्ना किसानों से खबर मिलते ही किसान नेता प्रमेंद्र राणा साथा चीनी मिल पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने सवाल उठाया कि चीनी मिल चलानी ही नहीं थी तो 85 लाख रुपये क्यों खर्च किए गए? मिल के गेट पर गन्ने से लदी दर्जनों ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी हैं। मिल बंद करनी थी तो एक दिन पहले ही किसानों को नोटिस के जरिए अवगत करा दिया जाता।
कहा कि सूचना मिल जाती तो गन्ने की छिलाई नहीं कराते और मिल पर भी लेकर नहीं आते। बेवजह उनको मजदूरों को भी भुगतान करना पड़ा और गन्ने की तौल भी नहीं हुई। साथ ही मिल पर गन्ने के पुराने बकाए को लेकर भी नाराजगी जताई। किसान संगठनों के नेताओं की मांग पर अधिकारियों ने जिले का गन्ना दूसरी चीनी मिलों में भिजवाने की बात कही। इस मौके पर राबी ठाकुर, बलवीर सिंह, संजू चौहान, जीतू चौहान, कामेश राघव, मनीष चौहान, ललित शर्मा, कुलदीप शर्मा, चंद्रपाल बघेल, रामवीर वाल्मीकि मौजूद रहे। उधर किसान नेताओं ने मिल के महाप्रबंधक रामशंकर को लगातार फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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गन्ना किसानों से खबर मिलते ही किसान नेता प्रमेंद्र राणा साथा चीनी मिल पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर हंगामा शुरू कर दिया। किसानों ने सवाल उठाया कि चीनी मिल चलानी ही नहीं थी तो 85 लाख रुपये क्यों खर्च किए गए? मिल के गेट पर गन्ने से लदी दर्जनों ट्रैक्टर ट्रालियां खड़ी हैं। मिल बंद करनी थी तो एक दिन पहले ही किसानों को नोटिस के जरिए अवगत करा दिया जाता।
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कहा कि सूचना मिल जाती तो गन्ने की छिलाई नहीं कराते और मिल पर भी लेकर नहीं आते। बेवजह उनको मजदूरों को भी भुगतान करना पड़ा और गन्ने की तौल भी नहीं हुई। साथ ही मिल पर गन्ने के पुराने बकाए को लेकर भी नाराजगी जताई। किसान संगठनों के नेताओं की मांग पर अधिकारियों ने जिले का गन्ना दूसरी चीनी मिलों में भिजवाने की बात कही। इस मौके पर राबी ठाकुर, बलवीर सिंह, संजू चौहान, जीतू चौहान, कामेश राघव, मनीष चौहान, ललित शर्मा, कुलदीप शर्मा, चंद्रपाल बघेल, रामवीर वाल्मीकि मौजूद रहे। उधर किसान नेताओं ने मिल के महाप्रबंधक रामशंकर को लगातार फोन किया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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