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शौचालय इस्तेमाल पर रोक से एएमयू में हंगामा, मानवाधिकार आयोग से शिकायत
Wed, 17 Apr 2019 10:41 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 17 Apr 2019 10:41 PM IST
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लाक में स्थित शौचालय के इस्तेमाल पर रोक लगाने से छात्र-छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसको लेकर सुरक्षाकर्मियों से छात्रों की नोकझोंक हुई। हालांकि प्रॉक्टर ने किसी तरह की रोक लगाने से इंकार किया है।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा की अंतिम सूची में नाम शामिल नहीं होने से आक्रोशित छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिन से एएमयू प्रशासनिक ब्लाक के सामने धरने पर बैठे हैं।
बुधवार को दिन पर धरने पर बैठी कुछ छात्राएं प्रशासनिक ब्लाक स्थित शौचालय गईं तो सुरक्षाकर्मियों ने उसका उपयोग करने से रोक दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा शौचालय एवं मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने आदि सुविधा पर रोक लगा दी गई है।
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यह भी कहा कि एएमयू के अधिकारी उन्हें छात्र मानने से इंकार कर रहे हैं। इसको लेकर एएमयू में काफी हंगामा हुआ और सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना के बाद एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष भी मौके पर पहुंच गए।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा की अंतिम सूची में नाम शामिल नहीं होने से आक्रोशित छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिन से एएमयू प्रशासनिक ब्लाक के सामने धरने पर बैठे हैं।
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बुधवार को दिन पर धरने पर बैठी कुछ छात्राएं प्रशासनिक ब्लाक स्थित शौचालय गईं तो सुरक्षाकर्मियों ने उसका उपयोग करने से रोक दिया। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा शौचालय एवं मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने आदि सुविधा पर रोक लगा दी गई है।
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यह भी कहा कि एएमयू के अधिकारी उन्हें छात्र मानने से इंकार कर रहे हैं। इसको लेकर एएमयू में काफी हंगामा हुआ और सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। सूचना के बाद एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष भी मौके पर पहुंच गए।
छात्राओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। छात्राओं का कहना है कि यह उनका मूलभूत अधिकार है। एएमयू प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने एएमयू प्रॉक्टर के हवाले से कहा कि अभ्यर्थियों का आरोप सही नहीं है। शौचालय एवं नमाज पढ़ने आदि पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है। सारे दरवाजे खुले हुए हैं।