फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   RSS chief Mohan Bhagwat stay in Aligarh ends

Mohan Bhagwat: सांसद-विधायक से नहीं, मिले स्वयंसेवकों से, जाना जनप्रतिनिधियों का कामकाज, चल दिए दिल्ली

Tue, 22 Apr 2025 03:14 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 22 Apr 2025 03:14 PM IST
सार

17 अप्रैल से शुरू हुआ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अलीगढ़ प्रवास 21 अप्रैल को खत्म हो गया। सांसद-विधायक उनसे नहीं मिल सके। स्वयंसेवकों से ही मोहन भागवत ने मुलाकात की। आखिरी दिन विनम्र प्रमाण करते हुए वह हल्का सा मुस्कुराए ओर दिल्ली को चले गए।

विज्ञापन
RSS chief Mohan Bhagwat stay in Aligarh ends
विनम्र प्रणाम कर निकलते आरएसएस के सर संघ चालक मोहन भागवत - फोटो : संवाद

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के पांच दिवसीय प्रवास के दौरान न तो किसी सांसद और न ही किसी विधायक से मुलाकात हुई। हां उन्होंने 44 पुराने और विश्वस्त स्वयंसेवकों के साथ गहन संवाद कर वर्तमान जनप्रतिनिधियों के कामकाज जरूर जाने। उन्होंने समाज को एकजुट करने पर जोर दिया। इसकी जिम्मेदारी भी स्वयं सेवकों को सौंपी गई।

विज्ञापन


दरअसल संघ प्रमुख मोहन भागवत मिशन यूपी पर निकले हुए हैं। उनका पहला प्रवास वाराणसी में हुआ जबकि दूसरा कानपुर में। अब तीसरे प्रवास के लिए संघ प्रमुख 17 अप्रैल को अलीगढ़ आए थे। यहां पांच दिन रहकर संघ के स्वयंसेवकों से मिले और संघ को मजबूत बनाने का मंत्र दिया। उन्होंने न केवल हिंदुत्व के मुद्दे को धार दी बल्कि जातियों में बंट रहे समाज को भी एकजुट करने की जिम्मेदारी संघ के स्वयंसेवकों को सौंपी है। संघ के सूत्रों की मानें तो आने वाले चुनावों में अच्छे नतीजे आएं इसके लिए मजबूत प्लानिंग संघ के स्तर से की जा रही है। 
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश क्योंकि भाजपा के एक मजबूत किले में है लिहाजा संघ से लेकर भाजपा संगठन तक यहां हर कमजोरी को दूर करने में लगा है। विचार मंथन के दौरान सरसंघचालक भागवत ने बृज प्रांत के जनप्रतिनिधियों के बारे में भी पूछा। उन्होंने स्वयंसेवकों से जाना कि बृज प्रांत में कुल कितने जनप्रतिनिधि हैं और क्या वे वास्तव में जनता के हित में कार्य कर रहे हैं या केवल अपने निजी हितों में ही लगे हुए हैं। उन्होंने यह भी जानने की इच्छा व्यक्त की कि किस जनप्रतिनिधि के बारे में आम जनता की राय कैसी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

भागवत के इस प्रवास और गहन विचार मंथन से जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, वे स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि संघ न केवल वर्तमान राजनीतिक सत्ता को बनाए रखना चाहता है, बल्कि उसका विस्तार भी करना चाहता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर नगर निकायों तक अपना नियंत्रण बरकरार रखना संघ की प्राथमिकता में शामिल है। माना जा रहा है कि पुराने स्वयंसेवकों के साथ यह संवाद इसी रणनीति को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

अलीगढ़ प्रवास: हिंदुत्व के गढ़ और विपरीत विचारधारा के केंद्र के बीच समन्वय का प्रयास
मोहन भागवत का अलीगढ़ में पांच दिवसीय प्रवास कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह शहर न केवल चंद्रभान गुप्त, अशोक सिंघल और कल्याण सिंह जैसे हिंदुत्व को मजबूत करने वाले प्रमुख नेताओं की जन्मभूमि रहा है, बल्कि यह एक बड़े क्षेत्र में व्यापक वैचारिक संदेश प्रसारित करने का केंद्र भी है। इसके अतिरिक्त, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ( एएमयू) भी यहीं स्थित है, जो मुस्लिम विचारधारा को राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व प्रदान करता है। 

भागवत का यहां विचार मंथन कार्यक्रम आयोजित करना एक महत्वपूर्ण संदेश देता है। इसके माध्यम से वे यह जताना चाहते हैं कि उनकी विचारधारा के करीब होने के साथ-साथ, जहां एक विपरीत विचारधारा भी फलती-फूलती है, वह स्थान भी उनके लिए सहज और स्वीकार्य है। जानकारों का मानना है कि भागवत का यह प्रवास हिंदुत्व की विचारधारा को पोषित करने वाले इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने का प्रयास है। वहीं, एएमयू जैसे संस्थान की उपस्थिति के कारण, यह प्रवास एक ऐसे क्षेत्र में संवाद और समन्वय स्थापित करने का भी संकेत देता है जहां वैचारिक भिन्नता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रवास के दीर्घकालिक राजनीतिक और सामाजिक निहितार्थ क्या होते हैं।

विनम्र प्रणाम, हल्का सा मुस्कुराए फिर दिल्ली को चल दिए

संघ प्रमुख के प्रवास के अंतिम दिन थोड़ी चहलकदमी बढ़ी। शाम 4.15 बजे भागवत की गाडि़यों का काफिला निकला। मथुरा मार्ग से थोड़ा सा पहले कुछ ग्रामीण और व्यवस्था में लगे लोग दिखे। भागवत ने तुरंत हाथ जोड़ लिए। स्वयं सभी को प्रणाम किया, हल्का सा मुस्कुराएं और दिल्ली के लिए आगे बढ़ गए। भागवत की विनम्रता को देखकर हर कोई हैरत में था।

जाते समय व्यवस्थाओं को सराहा
अतिथि व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों का कहना था कि वह आम दिनों की तरह ही कार्य कर रहे थे। कहीं कोई भाग दौड़ और अतिरिक्त व्यवस्था करने की जरूरत नहीं पड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से सिंघारपुर मार्ग को बंद कर दिया था। इसलिए गांव के लोग भी सोच रहे थे कि भागवत को देखना बहुत बड़ी बात है। मगर, सोमवार को शाम चार बजे के करीब जब उनके दिल्ली निकलने की तैयारी हुई तो सभी सतर्क हो गए। भागवत ने स्वयं व्यवस्था में लगे स्वयंसेवकों को बुलाया और सभी की प्रशंसा की। साथ ही व्यवस्थाओं को सराहा।

बच्चों से मिले, ग्रामीणों से किया नमस्कार
केशव सेवा धाम के छात्रावास में रह रहे पूर्वोत्तर राज्यों के बच्चों से भी बातचीत की। उनके रहने, घर जाने और माता पिता के बारे में भी हालचाल लिया। भागवत से मिलकर बच्चे काफी प्रसन्न दिखाई दिए। इससे पूर्व बैठक में भी कई बुजुर्ग संघ के कार्यकर्ताओं का कुशलक्षेम भी लिया। प्रशासनिक अमले से एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ, कमिश्रर संगीता सिंह, डीएम संजीव रंजन, एसएसपी संजीव सुमन ने भी जाते समय अभिवादन किया। 4.15 बजे के करीब जब उनका काफिला बढ़ा तो कुछ ग्रामीण भी सड़क किनारे खड़े हो गए। भागवत ने ग्रामीणों से हाथ जोड़कर प्रणाम किया। मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया।

प्रवास पर क्षेत्र के लोग भी प्रसन्न

बाल स्वयंसेवक के घर पर पहुंच कर भागवत का जलपान करना पंचनगरी में चर्चा का विषय रहा। लोगों में चर्चा है कि इतना बड़ा व्यक्तित्व होने के बाद भी भागवत बाल स्वयंसेवक विभोर के घर गए और उनके यहां परिवार से मिले। इसी प्रकार भागवत ने सनातन शाखा के स्वयंसेवकों से भी बहुत सहजता और सरलता से बातचीत की।

स्वच्छता प्रहरियों के कार्यों की सराहना
भागवत के प्रवास के बाद स्वच्छता में लगे स्वच्छता प्रहरियों का महाकुंभ का गंगा जल देकर स्वागत किया गया। सभी ने उनके कार्य की सराहना की। विभाग सह संघचालक ललित कुमार, विभाग प्रचारक गोविंद, प्रांत सेवा प्रमुख मदन लाल, विभाग कार्यवाह योगेश आर्य, महानगर प्रचारक विक्रांत ने स्वच्छता प्रहरियों की सेवा भावना की सराहना की। कार्यक्रम में अजीत, कन्हैया, सुनील, विक्की, अंकित, विजय, रामबाबू, सचिन दुर्गेश स्वच्छता प्रहरियों का अभिनंदन किया।

ये रहे व्यवस्थाओं में
सर्व प्रबंध प्रमुख योगेश आर्य, सह प्रमुख अजय सराफ, पंकज कुमार, भोजन आलोक दूध वाले, द्वितीय भोजनालय (सरसंघचालक आवास) विकास शर्मा, अधिकारी व्यवस्था लव कुमार, भरत लाल, यातायात हिमांशु शर्मा, रामअवतार शर्मा छोटू, अजय तोमर, दीपेन्द्र चौधरी, सुरक्षा मनोज सिंह, धर्मवीर सिंह, आवास डाक्टर सुनील चौहान, प्रधानाचार्य कुमुदेश, स्वागत कक्ष नवनीत कुमार, विमल वाष्र्णेय, कार्यालय व्यवस्था राजीव अल्फा, शिवशंकर सिंह, चिकित्सा डाक्टर जयंत शर्मा, डाक्टर अभय पचौरी, वैद्य उपेन्द्र सिंह, प्रचार मीडिया भूपेंद्र शर्मा, राज नारायण सिंह, बौद्धिक पांडाल प्रदीप पांडेय, वीरेंद्र, परिसर सज्जा डाक्टर सुरेन्द्र, चंद्र प्रकाश, डाक्टर निशा शर्मा, स्वच्छता पवन शर्मा, डाक्टर मनवीर तोमर सिंघारपुर वाले, आपूर्ति संदीप अग्रवाल, आशु, प्रेम पाल सिंह, जल व्यवस्था तरुण कुमार, महेश , विद्युत एवं साउंड नीरज कुमार, यतेंद्र सिंह प्रमुख रूप से थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed