Aligarh: हापुड़ के सराफ संग लूट का खुलासा, पुलिस ने दो को किया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार इस घटना को हरेंद्र ने अपने साथी नाजिर निवासी गंजशहीदा उझयानी, बदायूं, प्रवेश गुप्ता उर्फ जस्सी निवासी रामवास पचगई शिकारपुर, बुलंदशहर, देवांद उर्फ देवा निवासी ग्राम अहरौली, कोतवाली, कासगंज के साथ मिलकर अंजाम दिया।
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अकराबाद क्षेत्र में शेखा झील के पास हापुड़ के सराफ संग सात अक्तूबर को हुई लूट में पुलिस ने महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लूटकांड का खुलासा किया है। इनके पास से लूटे गए माल में से 75 चूड़ियां भी बरामद हुई हैं। खास बात है कि सीसीटीवी फुटेज वायरल होने और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने पर लूट में शामिल एक अपराधी ने कोर्ट में समर्पण किया।
बस इसी संदेह पर पुलिस जब आगे बढ़ी तो लूट का खुलासा हो गया। इस लूट में पांच आरोपी शामिल थे। दो गिरफ्तार कर लिए गए। दो अभी फरार हैं। एसएसपी ने इस खुलासे पर पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। मूल रूप से हापुड़ के पुनीत गोयल अपने साथियों संग कासंगज से व्यापारिक काम कर लौट रहे थे। तभी सात अक्तूबर को लूट की यह घटना हुई।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए। इस दौरान फुटेज अखबारों में प्रकाशित होने पर मूल रूप से सफीपुर छर्रा का हरेंद्र 11 अक्तूबर खैर के एक चोरी के मुकदमे में जमानत तुड़वाकर समर्पण कर जेल चला गया। इस पर पुलिस को संदेह हुआ और हरेंद्र के घर व गांव जाकर जानकारी जुटाई। साथ ही, कासगंज में हरेंद्र के फुटेज से उसके चेहरे का मिलान किया। बस यहीं से घटना खुलती चली गई।
पुलिस के अनुसार इस घटना को हरेंद्र ने अपने साथी नाजिर निवासी गंजशहीदा उझयानी, बदायूं, प्रवेश गुप्ता उर्फ जस्सी निवासी रामवास पचगई शिकारपुर, बुलंदशहर, देवांद उर्फ देवा निवासी ग्राम अहरौली, कोतवाली, कासगंज के साथ मिलकर अंजाम दिया। इसके अलावा नोएडा में रहने वाली मूल रूप से डोरई छर्रा की शांति देवी नाम की विधवा महिला का नाम सामने आया। इसी प्रयास में पुलिस ने तेहरा मोड़ गंगीरी से शांति व नाजिर को गिरफ्तार कर लूटे गए माल में से 72 चूड़ी, बाइक व मोबाइल बरामद किया। ये दोनों लूटा गया माल बेचने के इरादे से घूम रहे थे।
एसएसपी के अनुसार पूछताछ में दोनों ने स्वीकारा कि हरेंद्र इस घटना का मास्टर माइंड है। उसके महिला से संबंध थे। दोनों नोएडा में ही मिलते थे। इसी बीच उन्होंने बड़ी लूट प्लान की। इसी बीच कासगंज के चांदी बाजार में लूट के इरादे से रेकी शुरू की। इसके लिए उसने अपने जेल के दोस्त प्रवेश, नाजिर और प्रवेश के दोस्त देवा को साथ लिया। छह अक्तूबर को वे खाली हाथ लौट गए।
रात में सिकंदराराऊ आकर रुके। इसी दौरान 7 अक्तूबर को उन्हें पुनीत गोयल को देख लिया। रेकी करते हुए अकराबाद में आकर लूट लिया। इस घटना के बाद वे छिपने के लिए बुलंदशहर व नोएडा पहुंचे। इधर, नाजिर व शांति देवी को लूटा गया माल बेचने के लिए लगाया गया। मगर जहां भी वे गए और माल बंधेल का बताया तो उनका माथा ठनका।
हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि इस घटना के बाद लूट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मगर अब माल की कीमत न मिलने पर वे परेशान घूम रहे थे। पूछताछ में उजागर हुआ कि नाजिर दिल्ली में सिलाई का काम करता था। दोस्ती में इनके द्वारा धन कमाने के इरादे से लूट करना तय किया। अब इस मामले में दो आरोपी फरार हैं। वहीं पुलिस हरेंद्र को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
पिछले 9 दिन में पुलिस टीमों ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले। उसी मदद से यह तथ्य सामने आए। हरेंद्र के समर्पण पर सुराग आगे बढ़ा। पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। घटना के खुलासे पर पुलिस की टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की गई है। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी