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Aligarh News: रिंकू के चौके-छक्के उतार देते हैं सिलिंडर ढोने की थकान, आज भी गैस एजेंसी पर हॉकर हैं पिता

Mon, 10 Apr 2023 03:02 PM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़
इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 10 Apr 2023 03:02 PM IST
सार

रिंकू सिंह के जन्म से आज तक उनके पिता खानचंद कंधों पर सिलिंडर ढो रहे हैं, पर रिंकू हमेशा क्रिकेट में रहे। रिंकू को कभी भी पिता ने सिलिंडर ढोने की नौबत नहीं आने दी। कोचिंग सेंटर में पोछा लगाने की जो खबरें सामने आईं, वह भ्रामक हैं, रिंकू ने क्रिकेट को ही सबकुछ माना।

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Rinku Singh fours and sixes remove the fatigue of carrying cylinders
रिंकू सिंह - फोटो : IPL/BCCI

विस्तार

आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से अलीगढ़ के रिंकू सिंह ने जैसे ही एक के बाद एक जीत के पांच छक्के लगाए, तो रिंकू के पिता खानचंद की पूरे दिन सिलिंडर ढोने की थकान खत्म हो गई। आज भी रिंकू सिंह के पिता गैस एजेंसी पर बतौर हॉकर अपने कंधों पर घर-घर तक सिलिंडर पहुंचाते हैं।

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क्रिकेटर रिंकू सिंह का जन्म अलीगढ़ के गोविला गैस एजेंसी पर काम करने वाले हॉकर खानचंद सिंह के यहां हुआ। रिंकू पांच भाई- एक बहन में तीसरे नंबर के हैं। रिंकू के पिता खानचंद ने गैस एजेंसी के दिए हुए दो कमरों के मकान में अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर गुजर बसर किया। रिंकू के पिता खानचंद ने बताया कि रिंकू को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। पिता खानचंद पूरे दिन कंधों पर सिलिंडर ढोकर जो कमाते थे, उसमें से ही रिंकू के लिए गेंद, बल्ला आदि सामान लाकर देते थे। 
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खुशी मनाते रिंकू के मां-बाप , भाई
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कोच मसूद जफर अमीनी ने बताया कि पिता, रिंकू सिंह के क्रिकेट में शौक को देखते हुए अलीगढ़ के अहिल्याबाई होल्कर स्टेडियम में लेकर आए। जहां तैयारी करते हुए रिंकू सिंह ने अंडर 16 खेला। डीपीएस के वर्ल्ड कप में रिंकू को बतौर आमंत्रित खिलाड़ी खिलाया गया, जहां रिंकू ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए मैन ऑफ द सीरिज हासिल की। इसके बाद रिंकू अंडर 19 यूपी खेला, फिर रणजी और फिर आईपीएल में अपना जलवा दिखाया।

नहीं ढोए सिलिंडर, नहीं किया कोचिंग सेंटर में पोछा
रिंकू सिंह के जन्म से आज तक उनके पिता खानचंद कंधों पर सिलिंडर ढो रहे हैं, पर रिंकू हमेशा क्रिकेट में रहे। रिंकू को कभी भी पिता ने सिलिंडर ढोने की नौबत नहीं आने दी। कोचिंग सेंटर में पोछा लगाने की जो खबरें सामने आईं, वह भ्रामक हैं, रिंकू ने क्रिकेट को ही सबकुछ माना।

आईपीएल और उससे पहले लकी रही 35 नंबर जर्सी

2012 में स्कूल क्रिकेट वर्ल्ड कप में डीपीएस की ओर खेलते हुए 35 नंबर की जर्सी पहनी थी। वर्ल्ड कप में रिंकू का बल्ला खूब गरजा था। 

आईपीएल-11 में रिंकू तीन नंबर की जर्सी में खेले थे। मगर, उनकी बल्लेबाजी फीकी नजर आयी थी। आईपीएल-12 में केकेआर के रिंकू ने 35 नंबर जर्सी पहनी। इस मौके को रिंकू ने भुनाने की कोशिश की, जिसमें 25 गेंद में एक चौका और दो छक्कों के सहयोग से 30 रन जड़ दिए। रिंकू को केकेआर ने 80 लाख रुपये में रिटेन किया था। आईपीएल-11 में केकेआर ने रिंकू को 80 लाख रुपये में खरीदा था। आज भी रिंकू 35 नंबर की जर्सी से कमाल कर रहे हैं।

खुशी मनाते रिंकू के मां-बाप , भाई

जीत की उम्मीद छोड़ दी थी रिंकू के परिजनों ने
आखिरी ओवर में केकेआर को जीत के लिए 29 रन की जरूरत थी। क्रीज पर रिंकू सिंह थे। उनके घरवालों ने भी जीत की उम्मीद छोड़ दी थी। फिर भी आखिरी गेंद फेंके जाने तक सभी टीवी स्क्रीन के सामने बैठे रहे। रिंकू के पिता खानचंद्र, मां बीना देवी सहित पूरा परिवार रिंकू सिंह का मैच देख रहा था। रिंकू के छोटे भाई जीतू ने बताया कि आईपीएल में पहली बार भैया ने अच्छा खेला है। आखिरी ओवर में जब 29 रन बनाने थे, तो सभी ने मान लिया था कि मैच जीतना मुश्किल होगा, लेकिन कहते हैं कि जब तक क्रिकेट में आखिरी गेंद न फेंक दी जाए किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होती है। ऐसा ही इस मैच में भी देखने को मिला, जब एक गेंद पर जीत के लिए चार बनाने थे, जिसे भैया ने छक्का मारकर हारी बाजी पलट दी। भैया की बल्लेबाजी और केकेआर की जीत पर मम्मी, पापा और घर वाले सभी खुश हो गए। जश्न मनाने लगे। इसके बाद लोगों के फोन बधाई देने के लिए आने लगे।

लगातार पांच छक्कों पर अलीगढ़ में खुशी

जैसे रिंकू सिंह ने आखिरी गेंद को सीमा पार भेजा है, वैसे ही शहर और अलीगढ़ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान पर जश्न मनाया जाने लगा। मिठाई बांटी गई। रिंकू को शानदार बल्लेबाजी करने के लिए दुआएं दी गईं। रिंकू के पांच छक्के पर क्रिकेट प्रेमी रीझ गए। रिंकू सिंह महुआ खेड़ा स्थित अलीगढ़ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान पर अभ्यास करते हैं। रिंकू सिंह को आगे बढ़ाने वाले अर्जुन सिंह फकीरा ने कहा कि उन्हें रिंकू की क्षमता पर पूरा भरोसा था, जिसे उन्होंने दुनिया को अपनी बल्लेबाजी से बता दिया। वह खुश हैं। रिंकू के कोच मसूदुज्जफर अमीनी ने कहा कि रिंकू की बल्लेबाजी में रोजाना निखार आ रहा है। हर मैच में स्वयं को परिपक्व बना रहा है। रिंकू ने जिस तरह से मैच छीना है, वह काबिले तारीफ है।

अलीगढ़ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मैदान पर खिलाड़ियों ने नृत्य भी किया। रिंकू जिंदाबाद के नारे लगाए। आमिर निशां में भी रिंकू के जीत नायक बनने के बाद खुशी का इजहार किया गया। शाहिद अली ने कहा कि रिंकू ने अपनी बल्लेबाजी से अलीगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि वह खुदा से दुआ करते हैं कि वह इसी तरह अलीगढ़ का नाम रोशन करते हैं। क्रिकेट प्रशंसक अनिल वर्मा ने रिंकू की बल्लेबाजी की सराहना की है। उन्होंने शहर का नाम एक बार फिर रोशन कर दिया है। रिंकू को अपना आदर्श मानने वाले आयुष्मान यादव ने भी अपने घर पर रिंकू सिंह की बल्लेबाजी पर खुशी जताई है। अलीगढ़ क्रिकेट एकेडमी के कोच अजय शर्मा ने कहा कि रिंकू सिंह की धमाकेदार पारी ने अलीगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया। 

आईपीएल का सफर
2017 किंग्स इलेवन 10 लाख
2018 केकेआर 80 लाख
2019 केकेआर रिटेन
2020 केकेआर रिटेन
2021 केकेआर रिटेन
2022 केकेआर 55 लाख
2023 केकेआर रिटेन

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