कार्यस्थल हो या घर, चाहें वह अन्य कोई क्षेत्र हो, महिलाओं की गरिमा को रखते हुए उनका सम्मान करना चाहिए। महिलाओं को मातृ शक्ति का दर्जा भी दिया गया है। यह बातें बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने नुमाइश मैदान में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों से कहीं।
उन्होंने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम विशेषकर महिलाओं के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए चलाया जा रहा है। सभी शिक्षक शपथ लेंगे कि वह कभी भी महिलाओं का अनादर नहीं करेंगे। इसके साथ ही जुलाई माह से युवतियों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। बेहतर हाइजीन, आत्मरक्षा, नुक्कड़ नाटक आदि आयोजनों के जरिए युवतियों को शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाया जाएगा। युवतियां सामाजिक बुराइयों को अपने परिजनों, शिक्षकों से साझा कर सकें। इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। तभी महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान आएगी। इस मौके पर हजारों की संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शपथ पत्र भरकर नारी सम्मान की शपथ ली।