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इलाज करते-करते खुद संक्रमित हो गई रवीना, 14 दिन बाद लौटीं काम पर
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हरदुआगंज के चेयरमैन और वरिष्ठ बसपा नेता तिलकराज यादव की बेटी डॉ. रवीना राज यादव मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल अस्पताल में इएनटी की डॉक्टर हैं। कोरोना संक्रमण के प्रसार पर अस्पताल कोविड अस्पताल में तब्दील हुआ और रवीना की ड्यूटी आईसीयू में लगती रही। इलाज करते-करते डॉ. रवीना दस अप्रैल को खुद कोरोना संक्त्रस्मित हो गईं। 14 दिन बाद रिपोर्ट नेगेटिव आई तो फिर से अस्पताल पहुंचकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है।
डॉ. रवीना राज यादव ने बताया कि उनके साथ कई डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए। सभी को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। उन्होंने बताया कि उनकी रिपोर्ट दस अप्रैल को पॉजीटिव आई थी। चूंकि कई मरीजों का इलाज कर चुके थे, इसीलिए भरोसा था कि जल्द ही नेगेटिव हो जाएंगे।
अच्छे खानपान के साथ दैनिक दिनचर्या में बदलाव किए। मष्तिष्क में तनाव को हावी नहीं होने दिया। सकारात्मक विचारों से 14 दिन गुजरे तो 24 अप्रैल को नेगेटिव रिपोर्ट आ गई। शरीर में कमजोरी होने के बावजूद डॉ. रवीना 25 अप्रैल को अस्पताल पहुंच गईं। तब से वह कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रही हैं। रवीना ने बताया कि उनकी ड्यूटी आईसीयू में लगती है। चूंकि डॉक्टर अपने फर्ज को नहीं भूल सकता। इसीलिए मरीजों के इलाज के लिए तुरंत वापस पहुंच गईं।
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डॉ. रवीना राज यादव ने बताया कि उनके साथ कई डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो गए। सभी को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। उन्होंने बताया कि उनकी रिपोर्ट दस अप्रैल को पॉजीटिव आई थी। चूंकि कई मरीजों का इलाज कर चुके थे, इसीलिए भरोसा था कि जल्द ही नेगेटिव हो जाएंगे।
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अच्छे खानपान के साथ दैनिक दिनचर्या में बदलाव किए। मष्तिष्क में तनाव को हावी नहीं होने दिया। सकारात्मक विचारों से 14 दिन गुजरे तो 24 अप्रैल को नेगेटिव रिपोर्ट आ गई। शरीर में कमजोरी होने के बावजूद डॉ. रवीना 25 अप्रैल को अस्पताल पहुंच गईं। तब से वह कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रही हैं। रवीना ने बताया कि उनकी ड्यूटी आईसीयू में लगती है। चूंकि डॉक्टर अपने फर्ज को नहीं भूल सकता। इसीलिए मरीजों के इलाज के लिए तुरंत वापस पहुंच गईं।
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