छठवीं बार: मोबाइल टावर पर चढ़ा राजू, वहीं सोया, बोला- बेटी और पत्नी को खाना देने से पुलिस वालों ने रोका
दो साल पहले अभद्रता के आरोप में संविदा समाप्त होने के बाद से वह विरोध कर रहा है, इससे पहले 8 सितंबर को इसी टावर पर और लखनऊ में भी टावर पर चढ़ चुका है।
विस्तार
नौकरी की मांग को लेकर बर्खास्त रोडवेज संविदा चालक राजू सैनी रविवार को फिर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सुबह करीब 9:30 बजे वह अलीगढ़ के क्वार्सी चौराहे के टावर पर चढ़ा। उसे नीचे उतारने के लिए पुलिस और दमकल कर्मियों ने करीब 14 घंटे तक समझाया। वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। रात करीब 11 बजे तक वह टावर से नीचे नहीं उतरा।
उसने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। राजू सैनी इससे पहले आठ सितंबर को भी इसी टावर पर चढ़ा था। इसके अलावा लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अवध डिपो में दो बार और बुद्ध विहार डिपो में भी वह टावर पर चढ़ चुका है। अतरौली से लखनऊ तक कई जगह इस तरह विरोध कर चुका राजू रविवार को छठवीं बार टावर पर चढ़ा।
राजू बोला- बेटी और पत्नी को खाना देने से पुलिस वालों ने रोका
राजू बोला- बेटी और पत्नी को खाना देने से पुलिस वालों ने रोका राजू सैनी का आरोप है कि कैंसर पीड़ित पत्नी भावना सैनी और 15 साल की बेटी खुशबू उसे घर से खाना देने पहुंची थी लेकिन टावर के पास मौजूद पुलिसकर्मियों ने उस तक खाना नहीं आने दिया। बोला कि इसे भूखा मरने दो। हालांकि राजू ने बताया कि दमकल कर्मियों ने पानी की एक बोतल जरूर उसे उपलब्ध कराई है। जो पूरे दिन में खत्म हो गई। अब उसे बहुत प्यास लग रही है। पिछले 24 घंटे से उसने खाना भी नहीं खाया है। भले ही भूखा, प्यासा मरना पड़े, लेकिन वह अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा।
दो साल से नौकरी बहाली की मांग
क्वार्सी क्षेत्र के रावण टीला निवासी राजू सैनी रोडवेज में संविदा चालक था। करीब दो वर्ष पहले अभद्रता के आरोप में उसकी संविदा समाप्त कर दी गई थी। तभी से वह नौकरी बहाल करने की मांग कर रहा है। रविवार को वह ड्राइवर जनता पार्टी (डीजेपी) का बैनर लेकर टावर पर चढ़ा। राजू का आरोप है कि उसकी संविदा गलत तरीके से समाप्त की गई। उसने रोडवेज चालकों के आर्थिक और मानसिक शोषण का भी आरोप लगाया। उसका कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं की सुनवाई नहीं होती।
दिनभर जुटी रही पुलिस और दमकल
राजू के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही क्वार्सी पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने उसे नीचे उतारने के लिए कई बार बातचीत की। वह नौकरी बहाली के साथ कोल विधायक अनिल पाराशर, बरौली विधायक ठाकुर जयवीर सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करता रहा।
एहतियात के तौर पर तालानगरी से दमकल की गाड़ी भेजी गई। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए हाथरस से भी दमकल की गाड़ी मंगाई गई। वह करीब दोपहर एक बजे अलीगढ़ पहुंची। इसी दौरान हरदुआगंज में आग लगने की सूचना पर तालानगरी की दमकल को वहां भेजना पड़ा। टीम शाम करीब पांच बजे वापस लौटी। बाद में हाथरस से आई दमकल को दाऊजी मेले की सुरक्षा के लिए रवाना कर दिया गया। दोनों दमकल गाड़ियों में करीब 12 कर्मचारी तैनात रहे। एलआईयू की टीम भी मौके पर मौजूद रही। सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह ने बताया कि राजू सैनी को काफी समझाया गया है। वह अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। उससे बातचीत जारी है।
मुख्यालय भेजा गया नियुक्ति का पत्र
क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज सत्येंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि राजू सैनी को गार्ड की नौकरी देने के संबंध में मुख्यालय को पत्र भेजा गया है। वहां से अनुमोदन मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। नियुक्ति पत्र के संबंध में मुख्यालय से चार-पांच दिन का समय लगने की बात कही गई है। इसी वजह से नियुक्ति पत्र जारी होने में देरी हो रही है।