{"_id":"5e20bd518ebc3e4b455fade9","slug":"rain-in-aligarh-aligarh-news-ali224244850","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, सदमे में किसान की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद, सदमे में किसान की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदुआगंज के जटपुरा नगला निवासी एक किसान की बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के चलते सदमे में मौत हो गई है। किसान ने इलाज के दौरान अपना दम तोड़ा है।
जटपुरा नगला निवासी किसान नहार सिंह ने स्वयं की सात बीघा और पट्टे पर चार बीघा खेत लेकर गेहूं की फसल की थी। बड़े पुत्र बनी सिंह ने बताया कि आठ व नौ तारीख को हुई बारिश और ओलावृष्टि में फसल बर्बाद हो गई। दस तारीख को बारिश थमने के बाद पिता नहार सिंह खेत पर फसल देखने गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने सीने में दर्द और मानसिक तनाव होना बताया था। उस समय दर्द की दवाई देकर उन्हें आराम करने भेज दिया था। इसके बाद 11 तारीख को उनकी तबियत बिगड़ गई।
तबियत बिगड़ते देख परिजन उन्हें मेडिकल ले ही जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। नहार सिंह ने अपने पीछे बनी सिंह, ओम प्रकाश व विनोद सहित 11 पोता-पोती को छोड़ गए हैं। बनी सिंह ने बताया कि एक तो केसीसी से फसल की थी, उसके बाद लहलहाती फसल बर्बाद होते देख वह परेशान हो गए थे। उन्हें खाना-पीना अच्छा नहीं लग रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जटपुरा नगला निवासी किसान नहार सिंह ने स्वयं की सात बीघा और पट्टे पर चार बीघा खेत लेकर गेहूं की फसल की थी। बड़े पुत्र बनी सिंह ने बताया कि आठ व नौ तारीख को हुई बारिश और ओलावृष्टि में फसल बर्बाद हो गई। दस तारीख को बारिश थमने के बाद पिता नहार सिंह खेत पर फसल देखने गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने सीने में दर्द और मानसिक तनाव होना बताया था। उस समय दर्द की दवाई देकर उन्हें आराम करने भेज दिया था। इसके बाद 11 तारीख को उनकी तबियत बिगड़ गई।
विज्ञापन
तबियत बिगड़ते देख परिजन उन्हें मेडिकल ले ही जा रहे थे कि रास्ते में मौत हो गई। नहार सिंह ने अपने पीछे बनी सिंह, ओम प्रकाश व विनोद सहित 11 पोता-पोती को छोड़ गए हैं। बनी सिंह ने बताया कि एक तो केसीसी से फसल की थी, उसके बाद लहलहाती फसल बर्बाद होते देख वह परेशान हो गए थे। उन्हें खाना-पीना अच्छा नहीं लग रहा था।
विज्ञापन