सिक्के से सिग्नल फेल: यात्रियों से लूटपाट की घटना दबा गया रेल प्रशासन, 16 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
7 मई को आनंद बिहार से पटना जाने जा रही क्लोन स्पेशल ट्रेन में यह घटना हुई। यात्रियों के अनुसार उस दिन रात करीब ट्रेन दाऊद खां रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तो अचानक सिग्नल फेल हो गए। गाड़ी की गति धीमी हुई तो उसमें कुछ बदमाश चढ़ गए और यात्रियों से बैग, पर्स, मोबाइल व कीमती सामान लूटकर भाग गए।
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करीब सात साल बाद सिक्के से सिग्नल फेल कर दाऊद खां रेलवे स्टेशन के पास फिर से ट्रेन में लूटपाट की घटना हुई। करीब 16 दिन पहले हुई इस घटना को रेल प्रशासन छिपाए बैठा रहा और केवल कुछ अज्ञात के खिलाफ ट्रेन संचालन बाधित करने का मामला दर्ज (रेलवे एक्ट के तहत) किया गया। जबकि एक मामला सामान चोरी होने का दर्ज किया गया।
गत 7 मई को आनंद बिहार से पटना जाने जा रही क्लोन स्पेशल ट्रेन में यह घटना हुई। यात्रियों के अनुसार उस दिन रात करीब ट्रेन दाऊद खां रेलवे स्टेशन के पास पहुंची तो अचानक सिग्नल फेल हो गए। गाड़ी की गति धीमी हुई तो उसमें कुछ बदमाश चढ़ गए और यात्रियों से बैग, पर्स, मोबाइल व कीमती सामान लूटकर भाग गए। करीब 15 मिनट तक सिग्नल फेल रहे। घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई, जिसके बाद आरपीएफ और जीआरपी मौके पर पहुंची।
ट्रेन के एस-1 कोच में सवार मालती देवी पत्नी एस के तिवारी निवासी प्रयागराज कानपुर में मोबाइल फोन व छह हजार रुपये गुम होने, समीम अंसारी निवासी लखीसराय से आधार कार्ड, डेबिट कार्ड व नगदी चोरी हुई है। इसकी शिकायत इन्होंने पटना पहुंचकर की है। आरपीएफ ने अज्ञात में मामला दर्ज किया और यात्रियों के साथ हुए अपराध को सिरे से खारिज कर दिया।
ट्रेन के एस-1 बोगी में सवार कानपुर निवासी काव्यांश जायसवाल बताते हैं कि अचानक ट्रेन की स्पीड धीमी हो गई। ट्रेन के एस-1 कोच और आगे के कोचों से शोर शराबा होने लगा। उनकी सीट के पास बैठी यात्री मालती देवी का बैग लेकर बदमाश ट्रेन से कूद गए थे। हादसे के बाद जब ट्रेन चली तो यात्री सहमे हुए थे। दिन निकलने के साथ ही कानपुर स्टेशन आया। तब यात्रियों की जान में जान आई है। पीड़ितों ने कानपुर में पूरे घटनाक्रम की शिकायत की है। केवल पीड़ितों से तहरीर लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है।
पुराने अपराधियों पर पुलिस की नजर
घटना के खुलासे को लेकर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें काम कर रही हैं। लेकिन, 16 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। इस तरह का आखिरी मामला वर्ष 2017 में हुआ था, जिसका पुलिस ने खुलासा किया था। सूत्रों की मानें तो टीमें इस मामले में 14 आरोपियों को ट्रेस कर रही है। उनमें कुछ को पुलिस ट्रेस कर चुकी है। लेकिन, उन्हें कुछ खास हाथ नहीं लगा है। अन्य की तलाश में दबिश जारी हैं।
सात मई को आनंद बिहार से पटना जा रही ट्रेन के सिग्नल फेल हुए थे। लेकिन, यात्रियों का सामान चोरी या लूट जैसा कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है। इस संबंध में कोई प्रार्थना पत्र भी प्राप्त नहीं हुआ है।-जितेंद्र कुमार, प्रभारी निरीक्षक, जीआरपी
दाऊद खां स्टेशन के पास सात मई को आनंद बिहार-पटना क्लोन स्पेशल ट्रेन के सिग्नल फेल हुए थे। इसमें आरपीएफ ने अज्ञातों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आपराधिक घटना जैसी कोई बात नहीं है।-गुलजार सिंह, सहायक सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ