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मरीजों को घर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं, धन की कमी नहीं
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एल-1 अस्पताल, छेरत का निरीक्षण करते प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण।
- फोटो : CITY OFFICE
लोकनिर्माण विभाग के प्रमुख सचिव एवं जनपद के नोडल अधिकारी नितिन रमेश गोकर्ण ने छेरत के राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज (एल-1) अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इलाज के अभाव में किसी मरीज की जान जोखिम में पड़ती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। मरीजों को अस्पताल में घर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। सरकार के पास धन की कमी नहीं है।
दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन नोडल अधिकारी ने छेरत के कोविड-19 अस्पताल का बारीकि से निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को यह एहसास न हो कि वह घर से बाहर हैं। जनहित में चिकित्सीय सुविधाओं के लिए सरकार के पास धन की कमी नहीं है। इलाज के अभाव में किसी व्यक्ति की जान जोखिम में पड़ती है तो दोषी लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि व्यक्ति पर माहौल का बहुत प्रभाव पड़ता है। दूषित माहौल एवं परिवेश में स्वस्थ व्यक्ति भी अपने को बीमार महसूस करने लगता है। इसलिए यह आवश्यक है कि एल-1 चिकित्सालय में संक्रमित व्यक्तियों की सुख-सुविधाओं को विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी संक्रमित व्यक्ति को तात्कालिक चिकित्सा की आवश्यकता महसूस होती है तो उसे तत्काल एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराते हुए एल-2 या फिर अन्य हायर सेंटर में रेफर किया जाए। प्रमुख सचिव ने कोविड-19 अस्पताल पहुंच कर प्रशासनिक अधिकारी कक्ष में स्थापित सीसीटीवी के माध्यम से परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था समेत वहां के अन्य इंतजाम की जानकारी प्राप्त की। अपर निदेशक जल जीवन मिशन डॉ. वीकेसिंह, सीडीओ अनुनय झा, डॉ. योगेंद्र लाल माहौर, सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, डॉ. अनुपम भास्कर, डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. अंकित सिंह आदि मौजूद थे।
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236 बेड के कोविड अस्पताल की देखरेख कर रहे दो चिकित्सक
मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा ने प्रमुख सचिव को बताया कि 236 बेड के कोविड-19 (एल-1) अस्पताल का संचालन दो चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है। महिलाओं एवं पुरुषों को इमारत के अलग-अलग तल पर भर्ती किया जाता है। यहां अभी तक 443 संक्रमितों को भर्ती किया गया है। 336 संक्रमित कोरोना से जंग जीत कर घर वापसी कर चुके हैं। वर्तमान में 85 संक्रमित मरीज हैं। उन्होंने बताया कि यहां बिना लक्षण वाले, माइल्ड एवं लो रिस्क वाले कोविड संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाता है।
संक्रमित मरीजों में यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सीय सेवा की आवश्यकता होती है तो एंबुलेंस की मदद से शीघ्र एल-2 अस्पताल पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय या फिर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार मेडिकल कॉलेज ले जाया जाता है। सीडीओ ने बताया कि अभी तक 22 संक्रमितों को पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया गया है, जिसमें से 8 मरीज घर वापसी कर चुके हैं। 16 अभी भी कोरोना से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दो चिकित्सकों की देखरेख में सेंटर का संचालन किया जा रहा है। अभी हाल ही में कराए गए साक्षात्कार से चयनित 12 डॉक्टर्स में से 2 चिकित्सकों की भी ड्यूटी लगाया जाना प्रस्तावित है। डायटीशियन के अनुसार मीनू तैयार कर नाश्ता एवं खाना दिया जाता है। मरीजों को प्रयोग के लिए नहाने, कपउ़े धोने का साबुन, तेल, मास्क, टूथ ब्रश व पेस्टकी तैयार की गई किट भी दी जाती है।
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दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन नोडल अधिकारी ने छेरत के कोविड-19 अस्पताल का बारीकि से निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को यह एहसास न हो कि वह घर से बाहर हैं। जनहित में चिकित्सीय सुविधाओं के लिए सरकार के पास धन की कमी नहीं है। इलाज के अभाव में किसी व्यक्ति की जान जोखिम में पड़ती है तो दोषी लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रमुख सचिव ने अधिकारियों से कहा कि व्यक्ति पर माहौल का बहुत प्रभाव पड़ता है। दूषित माहौल एवं परिवेश में स्वस्थ व्यक्ति भी अपने को बीमार महसूस करने लगता है। इसलिए यह आवश्यक है कि एल-1 चिकित्सालय में संक्रमित व्यक्तियों की सुख-सुविधाओं को विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी संक्रमित व्यक्ति को तात्कालिक चिकित्सा की आवश्यकता महसूस होती है तो उसे तत्काल एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराते हुए एल-2 या फिर अन्य हायर सेंटर में रेफर किया जाए। प्रमुख सचिव ने कोविड-19 अस्पताल पहुंच कर प्रशासनिक अधिकारी कक्ष में स्थापित सीसीटीवी के माध्यम से परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था समेत वहां के अन्य इंतजाम की जानकारी प्राप्त की। अपर निदेशक जल जीवन मिशन डॉ. वीकेसिंह, सीडीओ अनुनय झा, डॉ. योगेंद्र लाल माहौर, सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, डॉ. अनुपम भास्कर, डॉ. देवेंद्र कुमार, डॉ. अंकित सिंह आदि मौजूद थे।
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236 बेड के कोविड अस्पताल की देखरेख कर रहे दो चिकित्सक
मुख्य विकास अधिकारी अनुनय झा ने प्रमुख सचिव को बताया कि 236 बेड के कोविड-19 (एल-1) अस्पताल का संचालन दो चिकित्सकों की देखरेख में किया जा रहा है। महिलाओं एवं पुरुषों को इमारत के अलग-अलग तल पर भर्ती किया जाता है। यहां अभी तक 443 संक्रमितों को भर्ती किया गया है। 336 संक्रमित कोरोना से जंग जीत कर घर वापसी कर चुके हैं। वर्तमान में 85 संक्रमित मरीज हैं। उन्होंने बताया कि यहां बिना लक्षण वाले, माइल्ड एवं लो रिस्क वाले कोविड संक्रमित मरीजों को भर्ती किया जाता है।
संक्रमित मरीजों में यदि किसी व्यक्ति को चिकित्सीय सेवा की आवश्यकता होती है तो एंबुलेंस की मदद से शीघ्र एल-2 अस्पताल पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय या फिर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार मेडिकल कॉलेज ले जाया जाता है। सीडीओ ने बताया कि अभी तक 22 संक्रमितों को पं. दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया गया है, जिसमें से 8 मरीज घर वापसी कर चुके हैं। 16 अभी भी कोरोना से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दो चिकित्सकों की देखरेख में सेंटर का संचालन किया जा रहा है। अभी हाल ही में कराए गए साक्षात्कार से चयनित 12 डॉक्टर्स में से 2 चिकित्सकों की भी ड्यूटी लगाया जाना प्रस्तावित है। डायटीशियन के अनुसार मीनू तैयार कर नाश्ता एवं खाना दिया जाता है। मरीजों को प्रयोग के लिए नहाने, कपउ़े धोने का साबुन, तेल, मास्क, टूथ ब्रश व पेस्टकी तैयार की गई किट भी दी जाती है।