फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   protest will countinue untill justice

न्याय मिलने तक जारी रहेगा अंदोलन:डॉ.सागर

Sun, 28 Feb 2021 02:05 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 02:05 AM IST
विज्ञापन
protest will countinue untill justice
केके हॉस्पीटल में डॉ. सागर वार्ष्णेय के साथ हुई मारपीट के बाद रामघाट रोड़ पर जाम लगाकर विरोध प्रद? - फोटो : CITY OFFICE
शुक्रवार को हुए घटनाक्रम पर शनिवार को प्रेसवार्ता में केके हॉस्पिटल संचालक पुत्र डॉ.सागर वार्ष्णेय ने कहा है कि पांच दिन पहले यह मरीज हमारे यहां आया था। उसका ऑपरेशन हुआ। जिस हाथ को उन्होंने तोड़ा है, उसी हाथ से उसका इलाज हमने किया। सब ठीक था। रुपये भी माफ किए गए थे। मगर पता नहीं क्यों, हमें सबक सिखाने के इरादे से तीमारदारों ने हम पर हमला बोला। पुलिस भी मारते हुए ले गई। यह पूरे डॉक्टर समाज पर तमाचा है। हमारे बच्चे रो रहे हैं। 25 साल में ऐसा हुआ है। पुलिस उन्हीं का समर्थन कर रही है। उन्होंने बाउंसर के पिस्टल तानने के सवाल पर कहा कि कोई पिट रहा है तो लाइसेंसी पिस्टल क्यों नहीं निकाल सकता। वहीं उनके पिता डॉ. केके वार्ष्णेय ने कहा कि हमने जो इलाज उस महिला का किया, एक-दो को छोड़ दें, उसको शायद शहर में कोई दूसरा डॉक्टर नहीं कर सकता। फिर भी हमें यह सब झेलना पड़ता है।
विज्ञापन

जांच के आधार पर दोषियों पर हो कार्रवाई:अनिल पाराशर
डॉक्टरों की प्रेसवार्ता के दौरान केके हॉस्पिटल संचालक से मिलने पहुंचे विधायक अनिल पाराशर ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में आया है। उसी विषय में डॉक्टर वार्ष्णेय से मिलने आया था। यहां शहर का प्रतिष्ठित डॉक्टर वर्ग आंदोलन कर रहा है। घटना वाकई निंदनीय है। इस मामले में जांच के आधार पर जो दोषी हो, उस पर कार्रवाई हो। यही बात हमने अधिकारियों से कही है। निष्पक्ष कार्रवाई में हम डॉक्टरों के साथ हैं। मगर, उनसे अनुरोध है कि जाम किसी समस्या का हल नहीं है।
विज्ञापन

सरकारी अस्पतालों में बढ़ी भीड़, इलाज को भटके मरीज
निजी डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के कारण शनिवार को मरीज दिन भर इधर से उधर भटकते रहे। इस का यह असर भी दिखाई दिया कि मलखान सिंह, मोहनलाल गौतम व दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की दिन भर भीड़ रही। आईएमए के आह्वान पर शनिवार को निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रही। इसका असर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल पर रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां सुबह से ही मरीजों की ऐसी कतार लगी कि चिकित्सक ही नहीं अस्पताल कर्मी भी हैरान रह गए। इसके चलते चिकित्सकों को दिन भर सिर उठाने की फुर्सत नहीं मिली। वहीं गंभीर मरीज इलाज के लिए दिन भर इधर से उधर भटकते रहे। सीएमओ डॉ. बीपी कल्याणी ने स्वीकार किया कि निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रहने से जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में शनिवार को जबरदस्त भीड़ रही।
जाम से गलियों में चरमराया यातायात
डॉक्टरों के रामघाट रोड पर जाम के दौरान पुलिस ने बेशक यातायात मैरिस रोड से डायवर्ट कर दिया। मगर लोग किशनपुर व दुर्गाबाड़ी की गलियों में होकर अपने वाहन निकालने लगे। इससे इन गलियों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराकर कर रह गई। किसी तरह पुलिस ने दोपहर बाद तक इस व्यवस्था को दुरुस्त कराया।

डॉक्टरों में धरने पर बैठने को लेकर खींचतान
डॉक्टरों के धरनास्थल पर दोपहर में खींचतान साफ दिखाई दी। शहर के तमाम डॉक्टर वहां एकत्रित थे। मगर काफी संख्या में डॉक्टर नर्सिंग होम के अंदर ही बैठे थे। बाहर धरने पर बैठे डॉक्टर इस बात से खफा थे कि वे अंदर ही क्यों बैठे हैं। बाहर धरने में क्यों शामिल नहीं हो रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed